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नासिक में भव्‍य और विशाल बीएपीएस स्‍वामी नारायण मंदिर में हुई मूर्ति प्रतिष्‍ठा

नासिक के गोदावरी तट पर बना स्‍वामी नारायण मंदिर.

नासिक के गोदावरी तट पर बना स्‍वामी नारायण मंदिर.

नासिक के केवड़ीबन पर गुलाबी पत्‍थरों से बने भव्‍य और विशाल बीएपीएस स्‍वामी नारायण मंदिर में मंगलवार को भगवान श्री स्‍वा ...अधिक पढ़ें

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नई दिल्‍ली. नासिक के गोदावरी नदी तट पर केवड़ीबन में गुलाबी पत्‍थरों से बने भव्‍य और विशाल बीएपीएस स्‍वामी नारायण मंदिर में मंगलवार को भगवान श्री स्‍वामी नारायण जी की वैदिक विधि-विधान और अनुष्‍ठानों के साथ मूर्ति प्रतिष्‍ठा हुई. इस मौके पर परम पूज्‍य महंत स्‍वामी जी महाराज और महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री एकनाथ शिंदे समेत देशभर में आए बीएपीएस स्‍वामी नारायण संस्‍था के संत और श्रद्धालु शामिल हुए.

मूर्ति प्रतिष्‍ठा समारोह को संबोधित करते हुए महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि बीएपीएस स्‍वामी नारायण संस्‍था देश विदेश में शिक्षा, आरोग्‍य के क्षेत्र समेत बहुत सारे कार्य सेवाभाव के कार्य कर रहा है. स्‍वामी नारायण संस्‍था द्वारा समाज हित में 150 से अधिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं. बीएपीएस समाज को जोड़ने का काम कर रहा है. उन्‍होंने कहा कि इतना विशाल और भव्‍य मंदिर तीन में बनाया गया है जो असंभव था. इस बीच कोरोना भी आया, इसके बावजूद बीएपीएस स्‍वामी नारायण मंदिर समय पर बना है. उन्‍होंने कहा कि वे मंदिर के भूमिपूजन में आए थे और आज उद्घाटन समरोह में शामिल होने का मौका मिला है. बीएपीएस सरकार के साथ हाथ से हाथ और कंधे से कंधा मिलाकर चले, जिससे लोगों के लिए लाभाकारी योजनाएं बनाई जा सकें.

मंदिर में मूर्ति प्रतिष्‍ठा के मौके पर परम पूज्‍य महंत स्‍वामी जी महाराज से आशीर्वाद लेते महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री एकनाथ शिंदे.

मंदिर में मूर्ति प्रतिष्‍ठा के मौके पर परम पूज्‍य महंत स्‍वामी जी महाराज से आशीर्वाद लेते महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री एकनाथ शिंदे.

इस मौके पर परम पूज्‍य महंत स्‍वामी जी महाराज ने कहा कि देश आगे बढ़े, राज्‍य आगे बढ़े. सुख, शांति स्‍थापित हो, जिससे देश का विकास होगा. यहां लोग तन-मन धन से समर्पित हैं. उन्‍होंने कहा कि पुरुषार्थ तो करना होगा, लेकिन यह सच्‍ची दिशा में हो तभी विकास होगा, देश खुशहाल होगा, तरक्‍की होगी,अगर यह उल्‍टी दिशा में पुरुषार्थ किया गया तो इससे नुकसान होगा, बर्बादी होगी. सभी लोग अच्‍छा कार्य करें,यही शुभकामनाएं हैं.

मूर्ति प्रतिष्‍ठा के अवसर पर भगवान श्री स्‍वामी नारायण जी के दर्शन करते परम पूज्‍य महंत स्‍वामी जी महाराज .

मूर्ति प्रतिष्‍ठा के अवसर पर भगवान श्री स्‍वामी नारायण जी के दर्शन करते परम पूज्‍य महंत स्‍वामी जी महाराज .

बीएपीएस के स्‍वामी तीर्थस्‍वरूपदास जी ने बताया कि बीएपीएस स्‍वामी नारायण मंदिर में भगवान स्‍वामी नारायण जी की मूति प्रतिष्‍ठा के लिए विशेष पूजा अर्चना सुबह शुरू हो गयी. परम पूज्‍य महंत स्‍वामी जी महाराज द्वारा वैदिक विधि-विधान और मंत्रोच्‍चार के साथ मूर्ति प्रतिष्‍ठा की गयी. इसके बाद मंदिर परिसर में संतों और श्रद्धालुओं की सभा का आयोजन किया गया.

स्‍वामी नारायण मंदिर का विहंगम दृश्‍य.

स्‍वामी नारायण मंदिर का विहंगम दृश्‍य.

पूरे विश्‍व में 1100 से अधिक मंदिर

पूरे विश्‍व में बीएपीएस स्‍वामीनारायण संस्‍था के 1100 से अधिक मंदिर हैं. इसमें शिखरबद्ध मंदिर और हरि मंदिर शामिल हैं. महाराष्‍ट्र में पहला शिखरबद्ध मंदिर मुंबई में 1983 में बना था, इसके बाद नागपुर, धुले और पुणे में मंदिर बने. नासिक में यह पांचवां शिखरबद्ध मंदिर हैं.

मंदिर में अक्षर पुरुषोत्‍तम स्‍वामी नारायण भगवान की मूर्ति स्‍थापित की गयी.

मंदिर में अक्षर पुरुषोत्‍तम स्‍वामी नारायण भगवान की मूर्ति स्‍थापित की गयी.

350 से अधिक बीएपीएस के संत हुए शामिल

मूर्ति प्रतिष्‍ठा उत्‍सव में पूज्‍य संत भक्तिप्रिय दास स्‍वामी जी, पूज्‍य संत ईश्‍वर चरणदास स्‍वामी जी, पूज्‍य संत त्‍यागवल्‍लभ दास स्‍वामी जी के साथ बीएपीएस के 350 के करीब संत और 20000 से अधिक श्रद्धालुओं ने भाग लिया.

2 अक्‍तूबर तक चलेगा उत्‍सव

गौरतलब है कि मंदिर में प्राण प्रतिष्‍ठा महोत्‍सव का आयोजन 23 सितंबर से 2 अक्‍तूबर तक किया जा रहा है. इस दौरान नियमित रूप में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है. इस दौरान शहर में जल यात्रा और नगर यात्रा भी निकाली गयी.

Tags: Nashik, Temple

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