महाराष्ट्रः BMC का ऐलान- सार्वजनिक स्थानों पर छठ पूजा की अनुमति नहीं

फाइल फोटोः कोरोना काल में बिहार में इन गाइडलाइन के तहत मनेगा छठ
फाइल फोटोः कोरोना काल में बिहार में इन गाइडलाइन के तहत मनेगा छठ

देश के अलग-अलग हिस्सों में लोकपर्व छठ (Chhath Puja) का आयोजन 20 नवंबर को होगा. इस दिन व्रती लोग डूबते सूर्य को पहला अर्घ्य देंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 18, 2020, 7:08 AM IST
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मुंबई. कोरोना वायरस संकट के बीच मुंबई में बृहन्नमुंबई म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (BMC) ने सार्वजनिक स्थलों पर छठ पूजा के आयोजन को बैन कर दिया है. बीएमसी ने कहा है कि समुद्र किनारे (Beach) नदियों के किनारे या फिर मुंबई में तालाब किनारे छठ पूजा (Chhatha Puja) का आयोजन नहीं किया जा सकता. बता दें कि राजधानी दिल्ली में भी छठ पूजा के सार्वजनिक आयोजन को अनुमति नहीं दी है. हालांकि 20 नवंबर को दिल्ली सरकार ने सरकारी छुट्टी का ऐलान किया है.

देश भर में छठ पूजा का आयोजन 20 नवंबर को किया जाएगा. इसी दिन व्रती लोग डूबते सूर्य को पहला अर्घ्य देंगे. यूपी-बिहार के लोक पर्व छठ का आयोजन देश के विभिन्न हिस्सों में होता रहा है, लेकिन, कोरोना संकट को देखते हुए राज्य सरकारें इस बार एहतियात बरत रही हैं.

दूसरी ओर गुजरात के अहमदाबाद और सूरत में रहने वाले उत्तर भारतीयों के संगठनों ने मंगलवार को लोगों से अपील की कि वे कोरोना वायरस महामारी के दृष्टिगत नदियों और जलाशयों के किनारे छठ पूजा नहीं मनाएं इन संगठनों ने लोगों से कहा है कि वे छठ पूजा अपने घर पर ही मनायें.



स्थानीय ‘छठ महापर्व आयोजन समिति’ के ट्रस्टी ललित झा ने कहा, ‘‘कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर अहमदाबाद में रहने वाले उत्तर भारत के लोगों से अपील की गयी है कि वे छठ पर्व के लिए साबरमती नदी अथवा अन्य कहीं जाकर पूजा अर्चना नहीं करें. उनसे कहा गया है कि वे अपने घरों में ही इसका आयोजन करें.’’
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झा ने कहा कि छठ पूजा आयोजन पर लोगों की भीड़ एकत्रित होना कोविड-19 के लिहाज से खतरनाक हो सकता है, क्योंकि इस महापर्व के दौरान नदी किनारों पर हर साल करीब एक लाख लोग एकत्रित होते हैं.

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सूरत में भी छठ पूजा के आयोजकों ने लोगों से इसी तरह की अपील की है. सूरत में तापी नदी के किनारे और अन्य स्थानों पर भी इस महापर्व का आयोजन किया जाता है.
आयोजकों ने तापी नदी के पास के क्षेत्रों के साथ ही विभिन्न स्थानों पर पोस्टर लगाये हैं और श्रद्धालुओं को सूचित किया है कि इस बार छठ पूजा का आयोजन नहीं किया जायेगा. अहमदाबाद में करीब दस लाख उत्तर भारतीय रहते हैं, जबकि सूरत में इनकी संख्या आठ लाख के करीब है.
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