शरद पवार की सफाई, मैं राम मंदिर के भूमि पूजन के खिलाफ नहीं, लेकिन कोरोना को लेकर चिंतित

NCP प्रमुख शरद पवार की फाइल फोटो

शरद पवार (Sharad Pawar) ने कहा, "मुझे खेद है, मैं इसमें शामिल नहीं होने जा रहा हूं. मैं समारोह (ceremony) के खिलाफ नहीं हूं लेकिन मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता कोरोना वायरस (Coronavirus) है और इसीलिए मैं उस पर ध्यान केंद्रित कर रहा हूं... मैं कहीं नहीं जा रहा हूं."

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    मुंबई. एनसीपी प्रमुख शरद पवार (NCP chief Sharad Pawar) ने अपने गठबंधन सहयोगी और महाराष्ट्र (Maharashtra) के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (CM Uddhav Thackeray) के अपनाए गए रुख का समर्थन करते हुए कहा है कि राम मंदिर निर्माण (Ram temple construction) के लिए भूमि-पूजन समारोह के लिए अयोध्या (Ayodhya) में बड़ी भीड़ इकट्ठा होने का यह सही समय नहीं है. CNN-News18 से बात करते हुए, पवार ने कहा कि कोविड-19 महामारी (Covid-19 Pandemic) के मद्देनजर 'भूमि पूजन’ का समारोह कुछ चुनिंदा लोग कर सकते हैं क्योंकि एक बड़ी सभा से वायरस फैलने की आशंका बढ़ सकती है.

    उन्होंने कहा, "मुझसे एक सवाल पूछा गया था कि क्या मैं (भूमिपूजन- bhoomi pujan) शामिल होने जा रहा हूं, इसलिए मैंने कहा, 'मुझे खेद है, मैं इसमें शामिल नहीं होने जा रहा हूं.' मैं समारोह (ceremony) के खिलाफ नहीं हूं लेकिन मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता कोरोना वायरस (Coronavirus) है और इसीलिए मैं उस पर ध्यान केंद्रित कर रहा हूं... मैं कहीं नहीं जा रहा हूं."

    'मंदिर निर्माण का विरोधी नही'
    श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के सदस्यों के अनुसार, राम मंदिर का निर्माण शुरू करने के लिए "भूमि पूजन" समारोह में 5 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अयोध्या का दौरा करने की संभावना है. वयोवृद्ध राजनेता इस बात पर दुखी थे कि समारोह में शामिल नहीं होने के इच्छुक को मंदिर निर्माण का विरोधी नहीं मानना चाहिए.

    उन्होंने यह भी कहा, “सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही स्पष्ट निर्णय दे दिया है. मैं स्पष्ट रूप से कहता हूं कि हम मंदिर के खिलाफ नहीं हैं. बहुत कम लोगों को जाने दें और वे पूजा कर सकते हैं, जबकि अन्य को कोरोना वायरस पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए.”

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    एक बड़ी सभा से फैल सकता है कोरोना वायरस
    ठाकरे ने कहा कि ठाकरे का सुझाव इसी तरह के कारणों से था. उन्होंने कहा, "सीएम, लोगों की एक बड़ी सभा के विचार से बहुत खुश नहीं थे क्योंकि कोरोना वायरस एक बड़ी सभा में फैल सकता है, इसलिए उन्होंने यह सुझाव दिया है." ठाकरे ने रविवार को कहा था कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए समारोह का आयोजन वीडियो-कॉन्फ्रेंस के माध्यम से किया जा सकता है.

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