मुंबई के KEM अस्पताल में नर्सों का प्रदर्शन, कहा- 1 महीने तक करनी पड़ रही कोविड वॉर्ड में ड्यूटी
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मुंबई के KEM अस्पताल में नर्सों का प्रदर्शन, कहा- 1 महीने तक करनी पड़ रही कोविड वॉर्ड में ड्यूटी
केईएम अस्पताल के कर्मचारियों ने 10 दिन में दूसरी बार सुविधाओं को लेकर प्रदर्शन किया.

बीएमसी (BMC) द्वारा संचालित केईएम अस्पताल (KEM Hospital) के कर्मचारियों का ये प्रदर्शन 10 दिन में दूसरी बार है. नर्सों का कहना है कि अस्पताल में उन्हें कोविड वॉर्ड में एक-एक महीने तक ड्यूटी करनी पड़ रही है और उन्हें क्वारंटाइन फैसिलिटी में भी नहीं भेजा जा रहा है.

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मुंबई. मुंबई (Mumbai) के केईएम अस्पताल (KEM Hospital) में काम करने वाली नर्सों ने सोमवार को अस्पताल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया. बीएमसी (BMC) द्वारा संचालित केईएम अस्पताल के कर्मचारियों ने 10 दिन में दूसरी बार सुविधाओं को लेकर प्रदर्शन किया. अस्पताल में सुविधाओं के अभाव में नर्सों ने ये प्रदर्शन किया. नर्सों का कहना है कि अस्पताल में उन्हें कोविड वॉर्ड में एक-एक महीने तक ड्यूटी करनी पड़ रही है और उन्हें क्वारंटाइन फैसिलिटी में भी नहीं भेजा जा रहा है. नर्सों ने ये भी दावा किया कि उन्हें एक पीपीई किट (PPE Kit) 8 घंटे तक पहननी पड़ती है जो कि मुंबई के मौसम के हिसाब से लगभग नामुमकिन है. यही नहीं उन्होंने कहा कि वहां पंखे भी नहीं हैं.

पिछले हफ्ते भी हुआ था प्रदर्शन
पिछले हफ्ते केईएम अस्पताल के ही कर्मचारियों ने एक सहयोगी की मौत के बाद विरोध प्रदर्शन किया था. उन्होंने कोविड-19 महामारी के बीच नागरिक निकायों पर उनकी हालत के प्रति उदासीनता बरतने का आरोप लगाया गया. कर्मचारी संघ के एक अधिकारी ने आरोप लगाया कि शरीर में दर्द की शिकायत के बावजूद छुट्टी नहीं दी गई थी बाद में उसकी मौत हो गई. उन्होंने कहा, ‘‘वह पिछले दो दिनों से शरीर में दर्द और कमजोरी की शिकायत कर रहा था लेकिन उसकी छुट्टी मंजूर नहीं की गई.’’

अधिकारी ने दावा किया कि उस कर्मचारी की कोरोना वायरस की जांच नहीं की गई और शायद उसका इस बीमारी के लिए कोई इलाज भी नहीं किया गया. उन्होंने कहा, ‘‘उसकी मौत हमारे प्रति बीएमसी प्रशासन की उदासीनता को दर्शाती है. अगर हमें दस्ताने और मास्क जैसी बुनियादी सुरक्षा नहीं दी गईं तो हमारा जीवन खतरे में पड़ सकता है.’’ अधिकारी ने बीएमसी से ठोस कदम उठाने की मांग की थी.



कोविड के बढ़ते मामलों से बुरी तरह प्रभावित हुआ है अस्पताल


बृहन्मुंबई नगर निगम द्वारा संचालित अन्य अस्पतालों की तरह केईएम अस्पताल भी वायरस के बढ़ते मामलों और अपर्याप्त कर्मचारियों के कारण बुरी तरह प्रभावित हुआ है. मुंबई के परेल इलाके में स्थित केईएम अस्पताल को समर्पित कोविड-19 अस्पताल में बदल दिया गया है और यहां रोजाना बड़ी संख्या में इलाज के लिए लोग आ रहे हैं. कई बड़ी कंपनियों, बहुराष्ट्रीय कंपनियों का मुख्यालय यहां है और यह शहर सेवा क्षेत्र में लाखों मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराता है. कोरोना वायरस संक्रमित ऐसे बहुत से कामगार इस अस्पताल में इलाज की उम्मीद लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन यहां भर्ती होने के लिए बिस्तर खाली होने के इंतजार में ही कई घंटे बीत जाते हैं. मरने वालों की बढ़ती संख्या भी प्रबंधन के लिए बड़ी चिंता है, क्योंकि शवों को पूरे इंतजाम के साथ निस्तारित करने में काफी वक्त लगता है.

इससे पहले केईएम अस्पताल के गलियारे में कतार में स्ट्रेचर पर रखे हुए शवों की एक चौंकाने वाली तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी जिसे भाजपा नेता ने शेयर किया था.

(भाषा के इनपुट सहित)

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