Home /News /maharashtra /

बुलेट ट्रेन प्रोजेक्‍ट पर RTI में खुली फडणवीस सरकार की पोल, जानकारी देने वाले अधिकारी की छुट्टी

बुलेट ट्रेन प्रोजेक्‍ट पर RTI में खुली फडणवीस सरकार की पोल, जानकारी देने वाले अधिकारी की छुट्टी

(File photo)

(File photo)

आरटीआई के जवाब से भाजपा को बड़ी शर्मिंदगी झेलनी पड़ी

    महाराष्ट्र सरकार ने उस सूचना अधिकारी को निलंबित कर दिया जिसने एक आरटीआई के जवाब में यह जानकारी दी थी कि मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्‍व वाले एक पैनल ने बिना बैठक किए बुलेट ट्रेन परियोजना को मंजूरी दी थी. साथ ही मंजूरी देने से पहले उचित प्रक्रिया का पालन नहीं किया था.

    कार्यकर्ता जीतेंद्र घडगे ने एक आरटीआई दायर कर बुलेट ट्रेन की मंजूरी के बारे में जवाब मांगा था. इस पर सूचना अधिकारी सारंगकुमार पाटिल ने कहा था कि हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के प्रभाव का अध्ययन करने के लिए बनाई गई फडणवीस के नेतृत्व वाली समिति ने बिना किसी बैठक के ही परियोजना को मंजूरी दे दी थी.

    अब, पाटिल को कथित रूप से 'गलत जानकारी' देने के लिए निलंबित किया गया है. महाराष्ट्र गृह विभाग मामले की जांच कर रहा है. आरटीआई अधिनियम के तहत गलत जानकारी देने के लिए किसी सूचना अधिकारी को निलंबित किए जाने का यह पहला मामला है.

    आरटीआई जवाब में कहा गया था कि फडणवीस के नेतृत्व में बुलेट ट्रेन परियोजना का 'गहन अध्ययन' करने के लिए 27 फरवरी, 2017 को राज्य के गृह विभाग ने एक उपसमिति का गठन किया था. इस समिति ने 12 सितंबर 2017 को इस परियोजना को मंजूरी दे दी थी.

    बुलेट ट्रेन से मुंबई और अहमदाबाद के बीच 508 किलोमीटर की यात्रा करने में मात्र दो घंटा सात मिनट का समय लगेगा. इस परियोजना की लागत 1.1 लाख करोड़ रुपये है, जिसमें जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी ने 0.1% की ब्याज दर पर 88,000 करोड़ रुपये का फंड दिया है.

    परियोजना को गुजरात और महाराष्ट्र दोनों शहरों में किसानों और भूमि मालिकों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा है.

    हालांकि, महाराष्ट्र सरकार ने दावा किया है कि उपसमिति ने वास्तव में कई बैठक की हैं और मुख्यमंत्री को इसकी जानकारी भी दी. यह स्पष्टीकरण News18 की सहयोगी वेबसाइट फ़र्स्टपोस्ट द्वारा RTI जवाब पर एक रिपोर्ट प्रकाशित करने के बाद आया है.

    फडणवीस ने स्पष्ट रूप से इस जानकारी को गलत बताते हुए कहा, 'आरटीआई अधिनियम के तहत चुनिंदा जानकारी मांगी गई थी. राज्य मंत्रिमंडल ने फैसला लिया. समिति ने बैठकें की थीं'. लेकिन बैठकों का कोई विवरण साझा नहीं किया.

    आरटीआई कार्यकर्ता घडगे ने कहा कि वह पाटिल के निलंबन से 'स्तब्ध' थे और उनका मानना है कि पाटिल ने सही जानकारी दी थी.

    उन्होंने कहा, 'बैठक की तारीखें न बताकर मुख्यमंत्री कार्यालय स्पष्ट रूप से गुमराह करने की कोशिश कर रहा है, फिर भी इस बात पर जोर दिया जा रहा है कि यह जानकारी गलत है. मुझे उम्मीद है कि जल्द ही पाटिल का निलंबन रद्द हो जाएगा.'

    फडणवीस और महाराष्ट्र के गृह विभाग के अधिकारियों से इस मामले पर कोई भी टिप्पणी नहीं मिल सकी है.

    Tags: BJP, Bullet train, Devendra Fadnavis, Maharashtra

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर