Choose Municipal Ward
    CLICK HERE FOR DETAILED RESULTS

    पालघर लिंचिग मामला: गिरफ्तार आरोपियों में से चार को जमानत मिली

    इस मामले में अब तक करीब 200 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है जिसमें से चार लोगों को जमानत दी गई है. (सांकेतिक तस्वीर)
    इस मामले में अब तक करीब 200 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है जिसमें से चार लोगों को जमानत दी गई है. (सांकेतिक तस्वीर)

    Palghar Mob Lynching Case: ठाणे (Thane) की एक विशेष अदालत ने मंगलवार को चार आरोपियों को जमानत दे दी. जिन आरोपियों को जमानत दी गई है उनमें एक पिता और उसके दो बेटे शामिल हैं.

    • News18Hindi
    • Last Updated: November 4, 2020, 9:51 PM IST
    • Share this:
    पालघर. पालघर (Palghar) में साधुओं के साथ हुई मॉब लिंचिंग के मामले (Palghar Mob Lynching Case) में ठाणे (Thane) की एक विशेष अदालत ने मंगलवार को चार आरोपियों को जमानत दे दी. जिन आरोपियों को जमानत दी गई है उनमें एक पिता और उसके दो बेटे शामिल हैं. जिला न्यायाधीश पी.पी. जाधव ने चारों आरोपियों को 15,000-15,000 रुपये की जमानत राशि पर रिहा करने का आदेश दिया. इस मामले में करीब 200 लोग गिरफ्तार किए गए थे लेकिन जमानत केवल 58 साल के लक्ष्मण रामजी जाधव, 26 साल के नितिन लक्ष्मण जाधव, 25 साल के मनोज लक्ष्मण जाधव और 40 साल के तुकाराम रूपजी सेठ को ही मिली. ये सभी गढ़चिंचले गांव के हेदपाड़ा के रहने वाले हैं.

    बता दें पालघर केस में अब तक तीन एफआईआर (FIR) दर्ज की जा चुकी हैं और करीब 200 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. कुछ दिन पहले मामले की जांच कर रही महाराष्ट्र सीआईडी (CID) के अफसर इरफान शेख ने बताया कि मॉब लिंचिंग के मामले में 24 और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. इन सभी आरोपियों के तार दोनों साधुओं की हत्या से जुड़े थे. उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों को गुरुवार को अदालत के सामने पेश किया जाएगा. मामले में अब तक हुईं कुल गिरफ्तारियों में दो नाबालिग भी शामिल हैं.

    ये भी पढ़ें- कमला हैरिस की जीत के लिए उनके ननिहाल में हुआ भगवान शिव का अभिषेक



    पुलिसकर्मी को किया गया था बर्खास्त
    इस मामले में महाराष्ट्र पुलिस (Maharashtra police) ने एक पुलिसकर्मी को बर्खास्त कर दिया है जबकि दो अन्य पुलिस​कर्मियों को पुलिस महकमे से इस्तीफा देने को कहा गया था. इन पुलिसकर्मियों में सहायक पुलिस निरीक्षक (एएसआई) आनंदराव काले भी शामिल थे, जो 16 अप्रैल को हुई घटना के समय पालघर के कासा पुलिस थाने के प्रभारी थे. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आनंदराव काले के अलावा सहायक पुलिस निरीक्षक रवि सांलुके और कांस्टेबल नरेश धोडी को भी इस्तीफा देने को कहा गया था.



    बर्खासत किए गए तीनों पुलिसकर्मचारियों पर आरोप था कि इन लोगों ने अपनी ड्यूटी ईमानदारी के साथ नहीं की. एएसआई आनंदराव काले जो कासा पुलिस स्टेशन के पूर्व प्रभारी थे उनकी जांच में पाया गया है कि उन्होंने जब देखा की ​भीड़ हिंसक हो रही उसके बाद भी अपनी राइफल, रबर की गोलियों और आंसू गैस का इस्तेमाल नहीं किया. इसी तरह काले के सहयोगियों, सहायक पुलिस निरीक्षक आर डी सालुंके और हेड कांस्टेबल नरेश धोदी ने भी अपनी ड्यूटी सही तरीके से नहीं निभाई.

    ये भी पढ़ें- थप्‍पड़ का बदला लेने के लिए 'साइको' बना कूरियर ब्‍वॉय, करने लगा खौफनाक काम

    क्या था पूरा मामला
    16 अप्रैल गुरुवार की रात महाराष्ट्र के पालघर जिले में मौजूद गढ़चिंचली (Gadchinchale village) गांव में ग्रामीणों ने कार सवार तीन लोगों पर पत्थर, डंडों और कुल्हाड़ियों से हमला कर दिया था. हमले का शिकार हुए तीन लोगों में दो साधु और एक ड्राइवर शामिल था. तीनों पालघर के रास्ते सूरत में एक अंतिम संस्कार कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे. ग्रामीणों ने इन लोगों पर हमला बच्चा चोरी और अंग तस्करी के शक के चलते किया था. (विवेक गुप्ता के इनपुट सहित)
    अगली ख़बर

    फोटो

    टॉप स्टोरीज