पालघर लिंचिंग केस: एक पुलिसकर्मी बर्खास्त, दो अन्य को देना होगा इस्तीफा
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पालघर लिंचिंग केस: एक पुलिसकर्मी बर्खास्त, दो अन्य को देना होगा इस्तीफा
पालघर लिंचिंग मामले में तीन पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज. (सांकेतिक फोटो)

महाराष्ट्र (Maharashtra) के पालघर में अप्रैल में दो साधुओं सहित तीन लोगों की पीट-पीटकर हत्या (Palghar lynching) के मामले में कासा पुलिस थाने सहायक पुलिस निरीक्षक (एएसआई) आनंदराव काले को भी बर्खास्त कर दिया गया है.

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  • Last Updated: September 1, 2020, 12:09 PM IST
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पालघर. महाराष्ट्र (Maharashtra) के पालघर (Palghar lynching) में भीड़ द्वारा दो साधुओं समेत तीन लोगों को पीट-पीटकर हत्या करने में मामले में महाराष्ट्र पुलिस (Maharashtra police) ने एक पुलिसकर्मी को बर्खास्त कर दिया है जबकि दो अन्य पुलिस​कर्मियों को पुलिस महकमे से इस्तीफा देने को कहा गया है. यह कार्रवाई पिछले सप्ताह पुलिस की विभागीय जांच के बाद की गई है. इन पुलिसकर्मियों में सहायक पुलिस निरीक्षक (एएसआई) आनंदराव काले भी शामिल हैं, जो 16 अप्रैल को हुई घटना के समय पालघर के कासा पुलिस थाने के प्रभारी थे.

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आनंदराव काले के अलावा सहायक पुलिस निरीक्षक रवि सांलुके और कांस्टेबल नरेश धोडी को भी इस्तीफा देने को कहा गया है. कोंकण रेंज के पुलिस महानिरीक्षक ने शनिवार को जारी एक आदेश में तीनों पुलिसकर्मियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया. उन्होने कहा कि घटना के बाद ये तीनों पुलिसकर्मी भी अन्य पांच पुलिसकर्मियों के साथ निलंबित कर दिए गए थे.

उल्लेखनीय है कि पालघर के गढ़चिंचले गांव में 16 अप्रैल को दो साधुओं और उनके वाहन चालक की भीड़ ने बच्चा चोर होने के संदेह में पीट-पीटकर हत्या कर दी थी. वे लोग सूरत जा रहे थे. पुलिस ने बताया कि इस मामले में करीब 154 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 11 किशोरों को हिरासत में लिया गया. मामले की जांच महाराष्ट्र सीआईडी को सौंपी गई थी, जिसने अदालत में तीन आरोपपत्र दाखिल किए हैं.
सरकार ने पालघर जिला पुलिस प्रमुख गौरव सिंह को भी अवकाश पर भेज दिया था.
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ड्यूटी सही तरीके से नहीं करने का आरोप
बर्खासत किए गए तीनों पुलिसकर्मचारियों पर आरोप है कि इन लोगों ने अपनी ड्यूटी इमानदारी के साथ नहीं की. एएसआई आनंदराव काले (43) जो कासा पुलिस स्टेशन के पूर्व प्रभारी थे उनकी जांच में पाया गया है कि उन्होंने जब देखा की ​भीड़ हिंसक हो रही उसके बाद भी अपनी राइफल, रबर की गोलियों और आंसू गैस का इस्तेमाल नहीं किया. इसी तरह काले के सहयोगियों, सहायक पुलिस निरीक्षक आर डी सालुंके (57) और हेड कांस्टेबल नरेश धोदी (45) ने भी अपनी ड्यूटी सही तरीके से नहीं निभाई.
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