पालघर मामले के वकील की मौत पर संबित पात्रा ने उठाए सवाल, की जांच की मांग

संबित पात्रा ने वकील की मौत पर कहा कि  यह खबर विचलित करने वाली है
संबित पात्रा ने वकील की मौत पर कहा कि यह खबर विचलित करने वाली है

पालघर (Palghar) में हुई साधुओं की लिंचिग (Mob lynching) का केस लड़ रहे वकील के एक सहयोगी दिग्विजय त्रिवेदी की मौत पर भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janta Party) के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा (Sambit Patra) ने सवाल उठाए हैं और इसकी जांच की मांग की है.

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मुंबई. महाराष्ट्र (Maharashtra) के पालघर (Palghar) में हुई साधुओं की लिंचिग (Mob Lynching) का केस लड़ रहे वकील के एक सहयोगी दिग्विजय त्रिवेदी की एक सड़क हादसे में मौत हो गई. मुंबई-अहमदाबाद हाईवे (Mumbai-Ahmedabad Highway) पर ये हादसा बुधवार को तब हुआ जब त्रिवेदी अपनी गाड़ी से अदालत की ओर जा रहे थे. दिग्विजय त्रिवेदी की मौत पर भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janta Party) के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा (Sambit Patra) ने सवाल उठाए हैं और इसकी जांच की मांग की है.

संबित ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया कि- "पालघर में संतो की हत्या मामले में VHP के वकील श्री दिग्विजय त्रिवेदी की सड़क हादसे में मृत्यु हो गयी
यह खबर विचलित करने वाली है
क्या ये केवल संयोग है की जिन लोगों ने पालघर मामले को उठाया उनपर या तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हमला किया या FIR कराया?
ख़ैर ये जाँच का विषय है!
ॐ शान्ति"





मामले में प्राप्त जानकारी के मुताबिक कार त्रिवेदी चला रहे थे, अचानक उन्होंने नियंत्रण खो दिया जिसके चलते कार बाईं ओर मुड़कर डिवाइडर से टकरा गई. दिग्विजय सिंह की मौका-ए-वारदात पर ही मौत हो गई जबकि कार में उनके साथ सवार एक अन्य महिला को गंभीर चोटें आई हैं. महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उनका इलाज किया जा रहा है.

आरोपियों को कोर्ट में किया गया था पेश
इससे पहले पालघर की एक अदालत ने दो साधुओं की पीट-पीटकर हत्या किये जाने के मामले में पकड़े गए 130 से ज्यादा आरोपियों में से बुधवार को 61 को न्यायिक हिरासत में और 51 अन्य को पुलिस हिरासत में भेज दिया था. पालघर जिले के दहानू में न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) एम पी जवाले की अदालत में एक किशोर समेत कुल 113 आरोपियों को पेश किया गया.

134 लोगों की हुई है गिरफ्तारी
जिले के गढ़चिंचले गांव में 16 अप्रैल को घटना घटी थी, जिसमें मुंबई से कार में सवार होकर एक अंतिम संस्कार में शामिल होने सूरत जा रहे दो साधुओं और उनके चालक की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी. गांव वालों की भीड़ ने उनकी गाड़ी को रोका और बच्चा चोर होने के शक में पीट-पीटकर उनकी हत्या कर दी.

पालघर जिला ग्रामीण पुलिस ने लिंचिंग की इस घटना के सिलसिले में तीन प्राथमिकियां दर्ज की हैं. स्थानीय पुलिस और राज्य सीआईडी अब तक 134 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है.

(एजेंसी के इनपुट सहित)

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