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    पुणे: बायोटेक कंपनी में चल रहा था ड्रग्स बनाने का धंधा, छोटा राजन गैंग से जुड़ा है मास्टरमाइंड

    पुलिस ने ड्रग्स रैकेट का किया भंडाफोड़ (Photo-ANI)
    पुलिस ने ड्रग्स रैकेट का किया भंडाफोड़ (Photo-ANI)

    Drugs Racket: गिरफ्तार किए गए लोग पुणे और मुंबई में ड्रग्स रैकेट चला रहे थे. ये आरोपी पिंपरी चिंचवाड़ के रंजनगांव की एमआईडीसी फैक्ट्री में ड्रग्स बनाते थे और उसे अलग-अलग बाजारों में बेचते थे.

    • News18Hindi
    • Last Updated: October 21, 2020, 7:30 PM IST
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    पुणे. पुणे (Pune) के पिंपरी-चिंचवाड़ की पुलिस (Pimpri-Chinchwad Police) ने एक बायोटेक कंपनी में चल रहे ड्रग्स रैकेट (Drugs Racket) का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने इस कंपनी से करोड़ों रुपये और भारी तादाद में प्रतिबंधित दवा जब्त की है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक पुलिस ने इस बायोटेक कंपनी को सील कर दिया है, जिसमें मेफेड्रोन दवा बनाने और बेचने का धंधा चल रहा था. इसके साथ ही पुलिस ने एक नाइजीरियाई नागरिक सहित 3 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इस मामले में अब तक कुल 12 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. पुलिस ने बायोटेक कंपनी से मेफेड्रोन दवा और 20 करोड़ रुपये नकद जब्त किए हैं.

    बताया जा रहा है कि गिरफ्तार किए गए लोग पुणे और मुंबई में ड्रग्स रैकेट चला रहे थे. ये आरोपी पिंपरी चिंचवाड़ के रंजनगांव की एमआईडीसी फैक्ट्री में ड्रग्स बनाते थे और उसे अलग-अलग बाजारों में बेचते थे. पुलिस ने अब तक 20 करोड़ रुपये की कीमत की ड्रग्स जब्त की है इसके साथ ही करीब 90 लाख रुपये की कीमत का अन्य माल और करीब 75 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है.

    पालघर में फैक्ट्री बनाने के लिए ले ली थी जमीन
    पिंपरी चिंचवाड़ के पुलिस कमिश्नर कृष्ण प्रकाश ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि पकड़े गए आरोपी पालघर में भी एक फैक्ट्री बनाने की योजना बना रहे थे. इसके लिए आरोपियों ने 112 किलो एमडी ड्रग्स बेचकर कमाए रुपयों से 2 एकड़ जमीन भी खरीद ली थी. उन्होंने कहा कि पुलिस की टीम ने इससे पहले 7 अक्टूबर को पांच आरोपियों को 20 करोड़ की कीमत के 20 किलो एमडी ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया था. इसके बाद इस मामले की आगे की जांच के लिए छह टीमें बनाई गईं. जांच के दौरान मालूम हुआ कि आरोपियों की रंजनगांव एमआईडीसी में स्थित संयोग बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की बंद फैक्ट्री में ड्रग्स बनाने की योजना की थी. वहां इन्होंने दिसंबर 2019 में 132 किलो एमडी ड्रग्स का निर्माण किया
    जिसमें से इन्होंने 112 किलो ड्रग्स बेच दी और 20 किलो ड्रग्स को पुलिस की टीम ने जब्त कर लिया.



    छोटा राजन गैंग से है मास्टरमाइंड का संबंध
    पुलिस कमिश्नर ने बताया कि इस ड्रग्स रैकेट का मास्टरमाइंड बोरीवली का रहने वाला तुषार सूर्यकांत काले है जिसका संबंध छोटा राजन गैंग से है. इसके अलावा राकेश श्रीकांत खानिवडेकर उर्फ रॉकी ऑफ वसई इस गिरोह का सरगना है.

    पुलिस आयुक्त ने कहा कि हमने एक नाइजीरियन नागरिक जुबु युकोडो को भी पकड़ा है जो कि इन ड्रग्स को बेचने का काम करता था. वह वसई में रहता था और वह ड्रग्स से जुड़े एक मामले में कोल्हापुर जेल में 10 साल की सजा भी काट चुका है. युकोडो के पास से वीजा के जाली दस्तावेज भी मिले हैं और इस संबंध में अलग से उस पर केस दर्ज किया गया है.
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