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जेएनयू में फीस बढ़ोतरी से प्रभावित नहीं होने चाहिए गरीब: सुपर-30 के संस्थापक

भाषा
Updated: November 19, 2019, 8:33 PM IST
जेएनयू में फीस बढ़ोतरी से प्रभावित नहीं होने चाहिए गरीब: सुपर-30 के संस्थापक
‘सुपर-30’ के संस्थापक आनंद कुमार ने मंगलवार को महाराष्ट्र के नागपुर में यह बात कही. (फाइल फोटो)

बिहार (Bihar) की ‘सुपर-30 (Super-30)’ के संस्थापक आनंद कुमार (Anand Kumar) ने कहा है कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (Jawaharlal Nehru University) में फीस वृद्धि पर जारी विरोध प्रदर्शन का सौहार्दपूर्ण तरीके से हल करना चाहिए.

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नागपुर. बिहार (Bihar) की ‘सुपर-30 (Super-30)’ के संस्थापक आनंद कुमार (Anand Kumar) ने मंगलवार को महाराष्ट्र (Maharashtra) के नागपुर (Nagpur) में कहा कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (Jawaharlal Nehru University) में फीस वृद्धि पर जारी विरोध प्रदर्शन का हल सौहार्दपूर्ण तरीके से करना चाहिए.

तीन सप्ताह से प्रदर्शन कर रहे हैं जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र
गौरतलब है कि करीब तीन सप्ताह से छात्र, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की छात्रावास नियमावली के मसौदे के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसमें छात्रावास की फीस बढ़ाए जाने, ड्रेस कोड और आवाजाही के समय पर प्रतिबंध का जिक्र है.

फीस में इजाफा केवल उन पर लागू होने चाहिए जो इसका भुगतान करने में सक्षम हैं

केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय ने भी परिसर में सामान्य कामकाज बहाल करने के तरीके सुझाने के लिए सोमवार को तीन सदस्यीय एक समिति का गठन किया है. जेएनयू की मौजूदा स्थिति पर सवाल किए जाने पर आनंद कुमार ने कहा, ‘मुझे लगता है कि फीस में इजाफा केवल उन पर लागू होने चाहिए जो इसका भुगतान करने में सक्षम हैं. अमीर और जिनके पास पैसे की कमी नहीं है, उन्हें बढ़ी हुई फीस का भुगतान करना चाहिए. उन लोगों पर ध्यान देना चाहिए जो प्रतिभाशाली लेकिन जरूरतमंद हैं.’

गरीब मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति और अन्य तरीके से मुहैया करानी चाहिए मदद
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आनंद कुमार ने कहा कि गरीब मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति और अन्य तरीके से मदद मुहैया करानी चाहिए. उन्होंने कहा, ‘अधिकारियों, छात्रों को एक साथ बैठकर समाधान निकालना चाहिए. सरकार को फीस बढ़ाने के निर्णय पर एक बार फिर विचार करना चाहिए ताकि जरूरतमंद वंचित ना रह जाएं.’

इस आरोप में दर्ज किया गया है मुकदमा
प्रदर्शनकारी छात्रों ने मंगलवार दोपहर में मार्च निकाला और उन्होंने जेएनयू परिसर के मुख्य द्वार पर लगाए गए बैरिकेड तोड़ दिए. इसके बाद छात्र बाबा गंगनाथ मार्ग की ओर बढ़ गए. पुलिस ने जेएनयूएसयू अध्यक्ष आइशी घोष, सचिव सतीश चंद्र यादव और जेएनयूएसयू के पूर्व अध्यक्ष एन साई बालाजी सहित करीब 100 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया. पुलिस ने जेएनयू प्रशासन ब्लॉक का ‘रूप बिगाड़ने’ की एक घटना को लेकर शनिवार को अज्ञात लोगों के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की है.

भाषा के इनपुट के साथ 

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First published: November 19, 2019, 8:31 PM IST
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