लाइव टीवी

शिवाजी महाराज से की PM मोदी की तुलना, बीजेपी पर भड़की NCP-शिवसेना

भाषा
Updated: January 13, 2020, 6:09 PM IST
शिवाजी महाराज से की PM मोदी की तुलना, बीजेपी पर भड़की NCP-शिवसेना
बीजेपी नेता जय भगवान गोयल ने किताब लिखी,‘आज के शिवाजी: नरेंद्र मोदी’ (file photo)

यह पुस्तक ‘आज के शिवाजी: नरेंद्र मोदी’ बीजेपी के नेता जय भगवान गोयल ने लिखी है. इसके खिलाफ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने सोमवार को पुणे (Pune) के लालमहल इलाके के बाहर प्रदर्शन किया.

  • Share this:
पुणे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की छत्रपति शिवाजी महाराज (Chhatrapati Shivaji Maharaj) से तुलना करने वाली एक पुस्तक को लेकर महाराष्ट्र में विवाद शुरू हो गया है. पुणे में सोमवार को पुस्तक के खिलाफ एनसीपी और संभाजी ब्रिगेड ने प्रदर्शन किया. वहीं, शिवसेना (Shiv Sena) ने इस पुस्तक को अपमानजनक करार दिया. जबकि बीजेपी ने इस पूरे प्रकरण से किनारा कर लिया है.

यह पुस्तक ‘आज के शिवाजी: नरेंद्र मोदी’ बीजेपी के नेता जय भगवान गोयल ने लिखी है. इसके खिलाफ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने सोमवार को पुणे के लालमहल इलाके के बाहर प्रदर्शन किया. एनसीपी नेता प्रशांत जगताप ने इस तुलना (मोदी की शिवाजी से तुलना) की निंदा करते हुए कहा कि यह ‘मराठा शासक के गौरवपूर्ण इतिहास को मिटाने का प्रयास’ है. वहीं, संभाजी ब्रिगेड के पदाधिकारी संतोष शिंदे ने कहा कि पुस्तक को 48 घंटे में वापस लिया जाए और अगर ऐसा नहीं हुआ तो और अधिक प्रदर्शन होंगे.

‘इतिहास मिटाना चाहती है बीजेपी’
एनसीपी नेता ने आरोप लगाया, ‘आज शिवाजी महाराज से तुलना की गई, कल, राजस्थान में यह महाराणा प्रताप से की जा सकती है. यह इतिहास के महान आदर्शों को मिटाने का बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) का एजेंडा है.’

राउत ने पुस्तक को बताया अपमानजनक
शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छत्रपति शिवाजी महाराज से तुलना करने वाली पुस्तक को ‘‘अपमानजनक’’ बताते हुए सोमवार को मांग की कि इस पुस्तक पर प्रतिबंध लगाया जाए. उन्होंने कहा कि मराठा योद्धा के वंशजों को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उन्हें उनकी (शिवाजी) तुलना मोदी से किया जाना पसंद है, या नहीं.

राउत ने यहां संवाददाताओं से कहा कि किसी की शिवाजी महाराज से तुलना ‘अस्वीकार्य’’ है और यह पुस्तक प्रधानमंत्री को खुश करने के लिए किसी ‘चाटुकार’ का काम प्रतीत होती है. उन्होंने कहा कि बीजेपी को यह घोषणा करनी चाहिए कि इस पुस्तक से उसका कोई लेना-देना नहीं है. राज्य की महाराष्ट्र विकास अघाडी सरकार ने इस पुस्तक की निंदा की है.बीजेपी ने किया किनारा
वहीं, बीजेपी ने इस पूरे प्रकरण से किनारा करते हुए कहा कि उसका पुस्तक से कोई लेना देना नहीं है और यह लेखक की निजी राय है. बीजेपी के मीडिया प्रकोष्ठ के सहप्रभारी संजय मयुख ने कहा कि पुस्तक के लेखक जय भगवान गोयल, जो पार्टी के सदस्य हैं, ने भी पुस्तक के उन हिस्सों की समीक्षा करने की इच्छा जताई है जिसे समाज के कुछ हिस्सों ने आपत्तिजनक पाया है.

गोयल ने ‘‘पीटीआई-भाषा’’ से कहा कि वह पुस्तक के उन हिस्सों की समीक्षा करने को इच्छुक हैं, जिसपर विपक्षी नेताओं ने आपत्ति जताई है. उन्होंने कहा, ‘‘मैं केवल पाठकों को यह बताना चाहता था कि कैसे मोदी ने शिवाजी की तरह सभी को साथ लाने के लिए काम किया और वह उस काम को करने में सफल हुए जिसे अन्य नामुमकिन मानते थे. अगर कुछ लोगों की भावना आहत हुई है तो मैं पुस्तक के उस हिस्सों की समीक्षा करना चाहता हूं.’’

 

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए Pune से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: January 13, 2020, 6:08 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर