मंत्री के बयान पर NCP कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन, आवास पर फेंके केकड़े

राज्य जल संरक्षण मंत्री टनाजी सावंत ने बांध टूटने को एक प्राकृति आपदा बताते हुए कहा था कि तिवारी बांध की दीवारों को केकड़ों ने कमजोर कर दिया था, जिसके चलते उसमें दरार पड़ गई और यह हादसा हुआ.

News18Hindi
Updated: July 9, 2019, 5:48 PM IST
मंत्री के बयान पर NCP कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन, आवास पर फेंके केकड़े
महाराष्ट्र जल संरक्षण मंत्री तनाजी सावंत
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Updated: July 9, 2019, 5:48 PM IST
महाराष्ट्र में एनसीपी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मंत्री के विवादित बयान के खिलाफ प्रदर्शन किया है. कार्यकर्ताओं ने मंत्री के बयान पर विरोध दर्ज कराने के लिए पुणे स्थित राज्य जल संरक्षण मंत्री टनाजी सावंत के आवास पर केकड़ा फेंका. दरअसल जल संरक्षण मंत्री ने रत्नागिरी के तिवारी बांध के टूटने के लिए केकड़ों को जिम्मेदार ठहराया था.

'केकड़ों ने बांध की दीवारों को कमजोर किया'
बता दें कि बांध टूटने पर मंत्री ने इसके लिए केकड़ों को जिम्मेदार ठहराया था. उन्होंने इसे प्राकृतिक आपदा बताते हुए कहा था कि तिवारी बांध की दीवारों को केकड़ों ने कमजोर कर दिया था, जिसके चलते उसमें दरार पड़ गई और यह हादसा हुआ. सावंत ने पत्रकारों के सवालों पर कहा कि जो किस्मत में लिखा होता है, वही होता है. उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों ने उनको बताया कि केकड़ों की बड़ी संख्या ने बांध की दीवारों को कमजोर कर दिया था.

मंत्री के बयान पर एनसीपी का विरोध प्रदर्शन


एसआईटी गठित
उन्होंने कहा कि सीएम देवेंद्र फडणवीस ने इस दुर्घटना की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी है और जल्द ही वह अपनी रिपोर्ट पेश करेगी. इसके बाद ही हादसे के सही कारणों की जानकारी होगी. हालांकि सावंत ने यह भी कहा कि उस दिन कुछ ही घंटों में लगभग 192 मिमी बारिश हुई. जिसके चलते बांध में पानी का भराव बहुत अधिक हो गया और यह हादसा हुआ.

भारी बारिश के चलते टूटा तिवारी बांध

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18 लोगों की मौत
गौरतलब है कि राज्य में भारी बारिश के चलते 2 जुलाई को रत्नागिरी का तिवारी बांध टूट गया था. जिसके चलते निकटवर्ती इलाके में बाढ़ आ जाने से जान-माल का काफी नुकसान हुआ था. इस आपदा में अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि कई अन्य लापता हैं. महाराष्ट्र सरकार ने घटना के जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की है.

मंत्री ने बांध टूटने की वजह केकड़ों को बताया


सचिव अविनाश सुर्वे के नेतृत्व में एसआईटी
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राज्य जल संसाधन सचिव अविनाश सुर्वे के नेतृत्व में जांच टीम गठित की गई है, जो दो महीनों में अपनी रिपोर्ट सरकार के समक्ष रखेगी.

बचाव कार्य में लगी टीमें


इस जांच टीम में रत्नागिरी के जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और राज्य जल संरक्षण विभाग के मुख्य अभियंता को शामिल किया गया है.

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First published: July 9, 2019, 5:30 PM IST
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