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निशाने पर राज ठाकरे, विपक्ष ने कहा- उत्तर भारतीयों पर नहीं छोड़ा अपना कट्टर एजेंडा

भाषा
Updated: December 4, 2018, 5:46 PM IST
निशाने पर राज ठाकरे, विपक्ष ने कहा- उत्तर भारतीयों पर नहीं छोड़ा अपना कट्टर एजेंडा
विपक्ष के निशाने पर आए राज ठाकरे (फाइल फोटो)

‘‘मुंबई आने वाले लोगों में अधिकांश लोग यूपी, बिहार, झारखंड और बांग्लादेश से हैं. मैं सिर्फ यह चाहता हूं कि अगर लोग आजीविका की तलाश में महाराष्ट्र आ रहे हैं, तो उन्हें स्थानीय भाषा और संस्कृति का सम्मान करना चाहिए.’’

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विभिन्न पार्टियों के उत्तर भारतीय नेताओं का मानना है कि उत्तर प्रदेश और बिहार से मुंबई आने वाले लोगों पर मनसे प्रमुख राज ठाकरे की टिप्पणियों से यह संकेत मिलता है कि उन्होंने ‘‘मराठी मानुष’’ वाला अपना कट्टर एजेंडा छोड़ा नहीं है.

गौरतलब है कि रविवार को उत्तर भारतीयों की एक रैली को संबोधित करते हुए ठाकरे ने कहा था कि उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों को अपने राज्यों के पिछड़ेपन के लिए वहां (अपने गृह राज्यों) के नेताओं से सवाल करने चाहिए.

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साथ ही उन्होंने कहा कि  ‘‘मुंबई आने वाले लोगों में अधिकांश लोग यूपी, बिहार, झारखंड और बांग्लादेश से हैं. मैं सिर्फ यह चाहता हूं कि अगर लोग आजीविका की तलाश में महाराष्ट्र आ रहे हैं, तो उन्हें स्थानीय भाषा और संस्कृति का सम्मान करना चाहिए.’’

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ठाकरे के इस बयान पर मुंबई कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष कृपाशंकर सिंह ने कहा कि बाहरी लोगों के खिलाफ ठाकरे का ‘‘दमनकारी रुख’’ नहीं बदला है जबकि उन्होंने भाषण हिन्दी में दिया. मुंबई भाजपा महासचिव अमरजीत मिश्रा ने कहा कि मनसे प्रमुख को राजनीति छोड़ देनी चाहिए क्योंकि वह ‘‘महाराष्ट्र और इसकी जनता को समझने में नाकाम रहे हैं.’’

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आपको बता दें कि ठाकरे ने इसी रैला में कहा था कि, ‘‘जब भी मैं अपना पक्ष रखता हूं जिससे यूपी और बिहार के लोगों के साथ विवाद हो जाता है, तो हर कोई मेरी आलोचना करता है. लेकिन हाल में गुजरात में बिहारी लोगों पर हुये हमलों के बाद, किसी ने भी सत्तारूढ़ दल (भाजपा) या प्रधानमंत्री (जिनका गृह राज्य गुजरात है) से सवाल नहीं किया.’’

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उन्होंने कहा, ‘‘इसी तरह के विरोध असम और गोवा में भी हुये. लेकिन मीडिया ने उसे कभी भी तरजीह नहीं दी. लेकिन मेरे विरोध को हमेशा ही मीडिया में बढ़ा-चढ़ाकर कर पेश किया जाता है.’’

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First published: December 4, 2018, 5:46 PM IST
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