रामदास आठवले ने कहा- केंद्र और महाराष्ट्र में विकास चाहिए तो NDA में शामिल हों शरद पवार
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रामदास आठवले ने कहा- केंद्र और महाराष्ट्र में विकास चाहिए तो NDA में शामिल हों शरद पवार
रामदास आठवाले ने शरद पवार को एनडीए में शामिल होने की सलाह दी है. (फाइल फोटो)

केंद्रीय मंत्री रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (Republican Party of India) के नेता रामदास आठवले (Ramdas Athawale) ने सोमवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (Nationalist Congress Party) के प्रमुख शरद पवार (Sharad Pawar) को एनडीए (NDA) में शामिल होने की सलाह दी है.

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मुंबई. केंद्र की मोदी सरकार (Modi Government) में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (Republican Party of India) के नेता रामदास आठवले (Ramdas Athawale) ने सोमवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (Nationalist Congress Party) के प्रमुख शरद पवार (Sharad Pawar) को एनडीए (NDA) में शामिल होने की सलाह दी है. आठवले ने कहा कि इससे देश और महाराष्ट्र (Maharshtra) दोनों का ही विकास होगा. शरद पवार के समर्थन देने पर बीजेपी, एनसीपी और आरपीआई का गठबंधन बनेगा. केंद्रीय ने कहा कि एनसीपी का शिवसेना (Shivsena) को समर्थन देना उन्हें किसी भी तरह से फायदा नहीं देगा.

आठवले ने कहा कि अगर शरद पवार देश का विकास होते देखना चाहते हैं और महाराष्ट्र के विकास के लिए केंद्र की ओर से और फंड चाहते हैं तो उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को समर्थन करने का फैसला करना चाहिए. आठवले ने कहा,‘शरद पवार बड़े नेता हैं. उन्हें किसान, दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग की परेशानियों की जानकारी है. वह देश के कृषि मंत्री भी रहे हैं. ऐसे में मेरा निवेदन है कि उन्हें देश के विकास के लिए नरेंद्र मोदी के साथ आना चाहिए. ऐसा मेरा व्यक्तिगत मत है. महाराष्ट्र में बीजेपी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और आरपीआई की महायुति बने ऐसी मेरी व्यक्तिगत इच्छा है.’

पवार ने बताया 2014 में क्यों बीजेपी को की थी समर्थन की पेशकश
इससे पहले एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने कहा था कि महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए 2014 में भाजपा को बाहर से समर्थन देने की उनकी पेशकश एक “राजीतिक चाल” थी, जिसका मकसद शिवसेना को उसके उस समय के सहयोगी दल से दूर रखना था. पवार ने स्वीकार किया कि उन्होंने ‘‘भाजपा और शिवसेना के बीच दूरियां बढ़ाने के लिए” कदम उठाए. लंबे समय से सहयोगी रही भाजपा और शिवसेना ने मुख्यमंत्री पद साझा करने के मुद्दे पर पिछले साल के राज्य विधानसभा चुनावों के बाद राहें जुदा कर ली थी.
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पवार ने कहा कि पिछले साल के विधानसभा चुनाव के बाद, भाजपा नेताओं ने राज्य में देवेंद्र फडणवीस सरकार को समर्थन देने के लिए उनसे संपर्क किया था, लेकिन उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा कि राकांपा भाजपा के साथ नहीं जाएगी और अगर संभव होगा तो वह शिवसेना के साथ सरकार बनाएगी या विपक्ष में बैठेगी.

भाजपा के लिए पवार ने कही ये बात
शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस के साथ मिलकर सत्तारूढ़ महा विकास आघाड़ी (एमवीए) के गठन में मुख्य भूमिका निभाने वाले पवार ने शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में एक साक्षात्कार में कहा, “भाजपा को इस बात में यकीन नहीं है कि गैर भाजपा दलों को लोकतांत्रित व्यवस्था में काम करने का अधिकार है.”

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पवार ने कहा, “मैंने (2014 के विधानसभा चुनावों के बाद) जान-बूझकर बयान दिया था क्योंकि मैं नहीं चाहता था कि शिवसेना और भाजपा साथ आए. जब मुझे एहसास हुआ कि चुनाव के बाद गठबंधन की संभावना बन रही है तो मैंने बयान दिया जिसमें घोषणा की कि हम भाजपा सरकार को बाहर से समर्थन देने के लिए तैयार हैं.” उन्होंने कहा, “लेकिन उसने काम नहीं किया. शिवसेना सरकार में शामिल हो गई और गठबंधन सरकार ने कार्यकाल पूरा किया.” दिग्गज नेता ने कहा कि उनका मानना था कि महाराष्ट्र में भाजपा को सत्ता में आने देना शिवसेना और अन्य दलों के हित में नहीं था.  (भाषा के इनपुट सहित)
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