• Home
  • »
  • News
  • »
  • maharashtra
  • »
  • रत्नागिरी हादसे पर मंत्री का बेतुका बयान- केकड़ाें ने दीवार में छेद किया इसलिए ढहा बांध

रत्नागिरी हादसे पर मंत्री का बेतुका बयान- केकड़ाें ने दीवार में छेद किया इसलिए ढहा बांध

मंत्री सावंत का यह बयान प्रशासन की लारवाही की बात सामने आने के बाद आया है.

मंत्री सावंत का यह बयान प्रशासन की लारवाही की बात सामने आने के बाद आया है.

ग्रामीणों ने बताया कि एक साल से बांध की दीवार में नजर आ रही थी दरार, प्रशासन से शिकायत करने पर भी नहीं की गई कोई कार्रवाई, हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़ कर 19 हुई.

  • Share this:
    महाराष्ट्र के रत्नागिरी में तिवारे डैम टूटने क बाद अब तक मरने वालों की संख्या 19 पहुंच चुकी है. वहीं इस हादसे के बाद अब महाराष्ट्र सरकार के मंत्री तानाजी सावंत ने ऐसा बयान दिया जा चौंकाने वाला था. उन्होंने कहा कि इस बांध में बड़ी संख्या में केकड़े थे. इन केकड़ाें के चलते ही बांध की दीवार टूटी जिसके चलते यह हादसा हुआ. वहीं बताया जा रहा है कि अनदेखी के चलते यह हादसा हुआ और बांध में पिछले एक साल से एक दरार नजर आ रही थी जिसे ठीक नहीं किया गया था.

    इस बात के सामने आने के बाद ही महाराष्ट्र जल संसाधन मंत्री सावंत का यह बयान आया है. गौरतलब है कि सावंत शिवसेना के विधायक हैं और 16 जून को ही महाराष्ट्र मंत्रिमंडल में शामिल हुए हैं.



    दीवार में कर दिया छेद
    सावंत ने कहा कि बांध में बड़ी संख्या में केकड़े हैं और इन्होंने इसकी दीवार में छेद कर दिया. जिसके बाद पानी का रिसाव शुरू हुआ और दबाव बढ़ने के चलते बांध की दीवार ढह गई. जिसके चलते यह हादसा हुआ. इस पूरे मामले में एक चौंकाने वाला तथ्य यह भी है कि बांध के ठेकेदार सावंत के सहयोगी और स्‍थानीय विधायक सदानंद चव्हाण हैं.

    बांध के ढहने के बाद बचाव के दौर में दिख रहे सावंत का एक वीडियो भी वायरल हुआ है जिसमें वे कह रहे हैं कि डैम 2004 में शुरू किया गया था, 15 साल तक इसमें पानी का संग्रहण किया गया लेकिन तब तक कुछ नहीं हुआ, कुछ समय तक यह खाली भी रहा और फिर इसे भर दिया गया. इसके बाद पानी रिसने लगा, इस बांध में केकड़ाें की समस्या है जिसके चलते यह हादसा हुआ. गावं वालों ने बांध से जुड़ी जो भी समस्याएं बताईं थीं उनका तुरंत निदान किया गया है. बताया जा रहा है कि पानी के बहाव में 23 लोग बह गए थे, इनमें से 19 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं.

     



    एक साल से दीवार में थी दरार
    हादसे के बाद मृतकों के परिजन स्‍थानीय प्रशासन को इसके लिए जिम्मेदार बता रहे हैं. लोगों का कहना है कि बांध 15 साल पुराना था और पिछले एक साल से इसमें एक दरार नजर आ रही थी. प्रशासन से इसकी मरम्मत के लिए कई बार कहा भी गया लेकिन कोई भी कार्रवाई नहीं की गई. प्रशासन में यह विवाद था कि बांध किस तहसील में है इसकी जानकारी नहीं है. हालांकि ग्रामीणों ने चिपलून और दपोल दोनों ही तहसील में बांध को सही करने को लेकर आवेदन किया था लेकिन इस पर कोई भी ध्यान नहीं दिया गया.

    दिए जांच के आदेश
    हादसे के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जांच के आदेश दिए हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि मामले में जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. साथ ही जिन लोगों के घरों को नुकसान हुआ है उन्हें सरकार सुरक्षित जगह पर घर बना कर देगी. हादसे में मरने वालों के परिजन को सरकार 4-4 लाख रुपये का मुआवजा भी देगी.

    ये भी पढ़ें- रविकिशन ने की भोजपुरी को 8वीं अनुसूची में शामिल करने की मांग

    आजम के बाद सपा सांसद एसटी हसन ने दिया आपत्तिजनक बयान

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज