कोरोना वायरस: महाराष्ट्र में रिकॉर्ड 10% से ज्यादा हुआ रिकवरी रेट, लेकिन यहां है एक बड़ा पेंच
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कोरोना वायरस: महाराष्ट्र में रिकॉर्ड 10% से ज्यादा हुआ रिकवरी रेट, लेकिन यहां है एक बड़ा पेंच
महाराष्‍ट्र में लगातार बढ़ रहे हैं कोरोना वायरस के आंकड़े.

देश में कोरोना (Coronavirus) संक्रमण के मामले में फिलहाल महाराष्ट्र (Maharashtra ) बुरी तरह चपेट में है. यहां अब तक 62228 मामले दर्ज किये गये.

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मुंबई. भारत में शनिवार को कोरोना वायरस (Coronavirus) के कुल मामले 1.70 लाख के पार चले गए. हालांकि ताजा आंकड़ों में राहत भरी खबर यह है कि रिकवरी रेट बहुत तेजी से आगे बढ़ी. बता दें कि देश में शनिवार को कोरोना संक्रमण के 7964 नए मामले सामने आए, जो एक दिन में दर्ज किये गये अब तक के सबसे ज्यादा केस हैं. वहीं 265 लोगों की मौत हुई जो एक दिन में अब तक का सबसे बड़ा इजाफा है. वहीं दूसरी ओर एक दिन में 11,000 से ज्यादा लोग ठीक हुए.

देश में कोरोना के संक्रमण के मामले में फिलहाल महाराष्ट्र (Maharashtra) बुरी तरह चपेट में है. यहां अब तक 62228 मामले दर्ज किए गए. वहीं शुक्रवार सुबह 8 बजे से शनिवार सुबह 8 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार राज्य में रिकवरी रेट 31.2 फीसदी से बढ़कर 43.3 फीसदी हो गई है, जबकि पूरे देश का औसत 42.8 फीसदी है.

राज्य सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार 8,381 लोग लोगों को बीते 24 घंटे में डिस्चार्ज किया गया, जिनमें से 7,358 मुंबई से हैं. गुरुवार को राज्य में कोविड-19 से रिकवर हुए कुल रोगियों की संख्या 8650 थी, लेकिन शनिवार को यह आंकड़ा 16008 तक पहुंच गया.



आखिर इतनी तेजी से रिवकरी कैसे हुई? 



अब सवाल यह उठता है कि आखिर इतनी तेजी से रिकवरी कैसे हुई? इस बाबत अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस को महाराष्ट्र के एक अधिकारी ने बताया शुक्रवार को सिर्फ 715 मरीज डिस्चार्ज किए गए. बाकी लोगों को बीते कुछ दिनों में डिस्चार्ज किया गया. बीएमसी की डिप्टी एग्जिक्यूटिव हेल्थ ऑफिसर डॉक्टर दक्षा शाह ने बताया कि कई लोग डिस्चार्ज हो गए, लेकिन उनके सिस्टम में जानकारी अपडेट नहीं हुआ था... कई लोग जो रिकवर हो गए थे उनका इलाज कोविड केयर सेंटर्स या होम क्वारंटीन में हो रहा था.

मुंबई में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक अनूप कुमार यादव ने कहा कि ऐसे उदाहरण हैं जहां एक मरीज को छुट्टी दे दी गई थी, लेकिन जानकारी आधिकारिक तौर पर नहीं मिली. उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि अगर ठाणे निवासी को मुंबई के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, तो उनके डिस्चार्ज होने पर जानकारी ठाणे के अधिकारियों तक नहीं पहुंचा. इस प्रकार दर्ज आंकड़ों और वास्तविक संख्या में अंतर होगा.
First published: May 30, 2020, 11:43 AM IST
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