SSR केस: रिया चक्रवर्ती ED को नहीं बता पाईं कमाई का ऑफिशियल सोर्स, कंपनी की जानकारी मिली- सूत्र
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SSR केस: रिया चक्रवर्ती ED को नहीं बता पाईं कमाई का ऑफिशियल सोर्स, कंपनी की जानकारी मिली- सूत्र
रिया चक्रवर्ती से फिर की ईडी ने पूछताछ.

ईडी (ED) के सूत्रों के मुताबिक रिया चक्रवर्ती (Rhea Chakraborty) बॉलीवुड से होने वाली कमाई की जगह सोशल कॉज और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से होने वाली कमाई को अपनी बढ़ी हुई इनकम का आधार बता रही हैं.

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  • Last Updated: August 11, 2020, 8:26 AM IST
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(आशीष सिंह)

मुंबई. बॉलीवुड एक्‍टर सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput case) के सुसाइड केस से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार को दोबारा रिया चक्रवर्ती (Rhea Chakraborty) से फिर पूछताछ की. इसमें रिया से उनकी सोर्स ऑफ इनकम के बारे में भी पूछताछ हुई. लेकिन वह अपनी कमाई के स्रोत के बारे मे नहीं बता पाईं. सूत्रों के मुताबिक 5 साल के ITR को लेकर रिया चक्रवर्ती से सवाल पूछा गया तो उनका कहना था कि उन्हें इनकम टैक्स रिटर्न की जानकारी ज्यादा नहीं है. उनकी कमाई, खर्च, प्रॉफिट और लॉस से जुड़ी जानकारी उनकी पूर्व मैनेजर श्रुति मोदी और चार्टर्ड अकाउंटेंट रितेश शाह ही देखते हैं. जिसके बाद प्रवर्तन निर्देशालय की टीम ने उनसे भी आईटीआर और सोर्स ऑफ इनकम को लेकर पूछताछ की है.

हालांकि ईडी के सूत्रों के मुताबिक रिया बॉलीवुड से होने वाली कमाई की जगह सोशल कॉज और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से होने वाली कमाई को अपनी बढ़ी हुई इनकम का आधार बता रही हैं. ये सही नहीं बैठता है. इसके अलावा रिया आय के स्रोतों के कोई ऑफिसियल इनकम का सोर्स नहीं बता पाई हैं. उनकी इनकम, इन्वेस्टमेंट और खर्च का सही-सही आकलन नहीं हो पाया है.



सूत्रों के मुताबिक रिया से जब उनके आईटीआर और चल-अचल संपत्ति के बारे में पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि उन्होंने खार का घर लेने के लिए 60 लाख का लोन लिया है जबकि 25 लाख रुपये की डाउन पेमेंट और रजिस्ट्रेशन, स्‍टाम्‍प ड्यूटी, जीएसटी उन्होंने अपनी इनकम से भरे हैं.
वहीं प्रवर्तन निदेशालय ने पूछताछ में रिया चक्रवर्ती से इस केस से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक सबूत भी मांगे हैं. प्रवर्तन निदेशालय ने रिया चक्रवर्ती के उनके भाई शौविक चक्रवर्ती और पिता इंद्रजीत चक्रवर्ती की साल भर में हुई बातचीत के चैट खंगाले और इसके अलावा इन तीनों के ही फोन के डंप एनालिसिस के जरिए डिलीट डाटा को रिकवर किया. मामले की जांच में इंद्रजीत चक्रवर्ती ने नवी मुंबई में साल 2011 में खरीदे गए फ्लैट और साल 2019-20 में उसे विविडरेज रियलिटिक्‍स प्राइवेट लिमिटेड और फ्रंट इंडिया फॉर वर्ल्‍ड फाउंडेशन कंपनी के नाम पर सेल कम्पनियों के बनाने को लेकर आरोपों पर सफाई देते हुए बयान दिया है.

उन्‍होंने कहा है कि साल 2011 में उन्होंने इस फ़्लैट को खरीदा था. सुशांत सिंह राजपूत, शोविक और रिया ने जब स्टार्टअप के तहत इन दोनों कम्पनियों को शुरू किया तब उन्हें ROC के लिए एक परमानेंट एड्रेस की जरूरत थी. लिहाजा उन्होंने नवी मुम्बई के इस फ्लैट को अधिकारिक पते के तौर पर इस्तेमाल करने के लिए अपने इस पते के इस्तेमाल की परमिशन दी. ये किसी सेल कम्पनी के लिए इस्तेमाल होने वाला पता नहीं है. कम्पनी शुरुआती स्तर पर थी और पूरी तरह फंक्शनल नहीं थी.


प्रवर्तन निदेशालय को रिया और शोविक की पूछताछ से पता चला कि विविडरेज रियलिटिक्‍स प्राइवेट लिमिटेड कंवनी को रजिस्टर करते समय रिया चक्रवर्ती, शोविक चक्रवर्ती और सुशांत सिंह राजपूत तीनों ही कंपनी के डायरेक्टर बने और इस कम्पनी के ऑपरेशन के लिए लगने वाली शुरुआती फंडिंग के लिए 24-12-2019 को शोविक चक्रवर्ती और रिया चक्रवर्ती ने मां संध्या चक्रवर्ती के जॉइंट अकाउंट से 33,340 रुपये के 2 चेक जमा करवाए थे. 33,340 रुपये की इतनी ही रकम सुशांत के अकाउंट से भी कंपनी में जमा की गई थी. रिया और शोविक के मुताबिक इस कम्पनी में केवल यही 1 लाख रुपये लगाए गए थे इसके अलावा कोई अन्य रकम इसमें इनवेस्ट नहीं की गई. 1 लाख की ये रकम कम्पनी की कैपिटल है.
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