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रितेश देशमुख और जेनेलिया को बैंकों से 116 करोड़ रुपये के कर्ज में गड़बड़ी का आरोप, सरकार ने दिया जांच का आदेश

रितेश देशमुख और उनकी पत्नी जेनेलिया की कंपनी को बैंकों से मिले 116 करोड़ रुपये के कर्ज की जांच के आदेश. (फाइल फोटो)

रितेश देशमुख और उनकी पत्नी जेनेलिया की कंपनी को बैंकों से मिले 116 करोड़ रुपये के कर्ज की जांच के आदेश. (फाइल फोटो)

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिवंगत विलासराव देशमुख के अभिनेता पुत्र रितेश देशमुख और उनकी पत्नी जेन ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

रितेश देशमुख और उनकी पत्नी जेनेलिया को लातूर में उनकी कंपनी के लिए 116 करोड़ रुपये का कर्ज देने का मामला.
सहकारी बैंकों की ओर से गड़बड़ी करने के आरोप के बाद इस मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं.
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया था कि एमवीए सरकार के दौरान मिल इस कर्ज में बैंकों ने की गड़बड़ी.

मुंबई. महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख के पुत्र और अभिनेता रितेश देशमुख और उनकी पत्नी जेनेलिया देशमुख को लातूर में उनकी कृषि-प्रसंस्करण कंपनी के लिए 116 करोड़ रुपये का कर्ज देने में सहकारी बैंकों की ओर से गड़बड़ी करने के आरोप के बाद इस मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं. पिछले महीने लातूर जिले के भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया था कि पिछली महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार के दौरान कृषि-प्रसंस्करण कंपनी देश एग्रो प्राइवेट लिमिटेड को महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (एमआईडीसी) का प्लॉट उनके गृह नगर लातूर में मिला था.

महाराष्ट्र के सहकारिता मंत्री अतुल सावे ने कहा है कि राज्य के भाजपा नेताओं ने यह भी आरोप लगाया था कि कंपनी ने 4 अक्टूबर, 2021 को पंढरपुर शहरी सहकारी बैंक से कर्ज के लिए आवेदन किया था और बैंक ने 27 अक्टूबर को 4 करोड़ रुपये के कर्ज को मंजूरी दे दी थी. कंपनी ने लातूर जिला केंद्रीय सहकारी बैंक से कर्ज के लिए आवेदन किया था और बैंक से 61 करोड़ रुपये का कर्ज 27 अक्टूबर को मंजूर किया गया था. बैंक से एक और 55 करोड़ रुपये का कर्ज भी 25 जुलाई, 2022 को मंजूर किया गया था. आरोप लगाया गया है कि बैंकों से जरूरी मानको का पालन किए बिना ही रितेश देशमुख की कंपनी को फंडिंग की मंजूरी दी गई है.

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सहकारिता मंत्री सावे ने कहा कि भाजपा के लातूर जिला अध्यक्ष गुरुनाथ मागे ने इस मुद्दे को उठाने के लिए एक पत्र लिखा था. मुझे एमआईडीसी के बारे में कुछ भी पता नहीं है, लेकिन मैंने यह पता लगाने के लिए जांच का आदेश दिया है कि क्या इसमें बैंक की ओर से कोई गड़बड़ी की गई थी. मंत्री ने कहा कि उप जिला रजिस्ट्रार फंडिंग की जांच करेंगे और ये पता करेंगे कि कर्ज लेने के लिए जरूरी पर्याप्त सिक्योरिटी सुनिश्चित की गई थी या नहीं. जांच में इस बात का भी पता लगाया जाएगा कि कहीं कोई अवैध काम तो नहीं हुआ है. गौरतलब है कि रितेश देशमुख महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिवंगत विलासराव देशमुख के पुत्र हैं. उनके बड़े भाई अमित एमवीए सरकार में मंत्री थे और उनके छोटे भाई भी लातूर ग्रामीण निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हैं.

Tags: Bank Loan, Maharashtra, Riteish Deshmukh

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