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सामना में CM उद्धव ठाकरे बनाम राज्यपाल बीएस कोश्यारी पर कविता 'विमान'

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे. (फाइल फोटो)
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे. (फाइल फोटो)

Uddhav Thackeray vs BS Koshyari: कोश्यारी को बीते 11 फरवरी को देहरादून जाने के लिए सरकारी विमान के इस्तेमाल की अनुमति देने से मना कर दिया गया, था जिससे एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 14, 2021, 4:52 PM IST
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मुंबई. महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाले महाविकासअघाड़ी सरकार द्वारा राज्य सरकार का विमान देने से इनकार करने के एक दिन बाद शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में मराठी शीर्षक 'विमान' (एयरक्राफ्ट) से प्रकाशित कविता को 'जैसे को तैसा' के तौर पर देखा जा रहा है. रामदास फुटाने की लिखित कविता और पहले पेज पर इसके प्लेसमेंट के जरिए प्रदेश सरकार ने कोश्यारी पर निशाना साधने की कोशिश की है. दरअसल, महाविकासअघाड़ी के मंत्रियों ने राजभवन पर राजनीति करने का आरोप लगाया है और कहा है कि वे एक समानांतर सरकार चलाना चाहते हैं.

कोश्यारी को बीते 11 फरवरी को देहरादून जाने के लिए सरकारी विमान के इस्तेमाल की अनुमति देने से मना कर दिया गया, था जिससे एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. भाजपा ने इस घटना के लिए राज्य सरकार की आलोचना की और कहा कि वह घटना के लिए माफी मांगे. सूत्रों ने बताया कि कोश्यारी एक सरकारी विमान से देहरादून जाने वाले थे, लेकिन उड़ान के लिए अनुमति नहीं दी गई, जबकि राज्यपाल विमान में चढ़ चुके थे. राज्यपाल ने बाद में अपने गृह राज्य उत्तराखंड की राजधानी की यात्रा के लिए एक वाणिज्यिक उड़ान का सहारा लिया.

राजभवन सचिवालय और राज्य सरकार ने इस घटना के लिए एक-दूसरे पर दोष मढ़ा है, जिससे राज्य की शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस गठबंधन सरकार और राज्यपाल के बीच मतभेद एक बार फिर सामने आ गए हैं. इस संबंध में राजभवन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि राज्यपाल के सचिवालय ने दो फरवरी को राज्य सरकार के अधिकारियों को पत्र लिखकर विमान के उपयोग की अनुमति मांगी थी. बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री कार्यालय को भी इसके बारे में सूचित किया गया था. हालांकि, महाराष्ट्र सरकार ने कहा कि राजभवन सचिवालय को मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा एक दिन पहले सूचित कर दिया गया था कि आधिकारिक विमान के उपयोग के लिए मंजूरी नहीं दी गई है.



मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा है कि राज्य सरकार ने इस बात को गंभीरता से लिया है कि राजभवन के अधिकारी ने सरकार के संदेश के बारे में राज्यपाल को अवगत नहीं कराया. बयान में कहा गया है, 'राजभवन के अधिकारी ने आधिकारिक विमान के इस्तेमाल की मंजूरी और राज्यपाल के यात्रा कार्यक्रम की योजना के बारे में पुष्टि नहीं की.' बयान में कहा गया कि वह बृहस्पतिवार सुबह 10 बजे देहरादून के लिए मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से रवाना होने वाले थे.
कोश्यारी देहरादून से मसूरी जाएंगे. बयान में कहा गया, '11 फरवरी 2021 को, माननीय राज्यपाल सीएसआईएम हवाईअड्डे पर सुबह 10:00 बजे पहुंचे और सरकारी विमान में सवार हो गए. हालांकि, माननीय राज्यपाल को सूचित किया गया कि सरकारी विमान के उपयोग की अनुमति नहीं मिली है.' इसमें कहा गया कि उसके बाद राज्यपाल के निर्देश पर तत्काल देहरादून के लिए दोपहर 12.15 बजे मुंबई से रवाना होने वाले एक वाणिज्यिक विमान में राज्यपाल के लिए टिकट बुक किया गया और फिर, वह देहरादून के लिए रवाना हुए.

भाजपा ने ठाकरे पर लगाया 'अहंकारी' होने का आरोप
विपक्षी भाजपा ने इसपर उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली सरकार पर ‘अहंकारी’ होने और ‘बचकानी हरकतें’ करने का आरोप लगाया तथा राज्य सरकार से माफी मांगने को कहा. महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि राज्य सरकार को राज्यपाल का ‘अपमान’ करने के लिए माफी मांगनी चाहिए. भाजपा नेता देवेंद्र फड़णवीस ने इसके लिए राज्य सरकार की आलोचना की. उन्होंने शिवसेना नीत गठबंधन सरकार पर आरोप लगाया कि वह ‘अहंकारी’ है और ‘बचकानी हरकतें’ कर रही है. पूर्व मुख्यमंत्री फड़णवीस ने यह आरोप भी लगाया कि राज्य सरकार ने राज्यपाल के संवैधानिक पद का अपमान किया है. फड़णवीस ने संवाददाताओं से कहा, ‘यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. इस तरह की घटना राज्य में पहले कभी नहीं हुई. राज्यपाल कोई व्यक्ति नहीं, बल्कि एक पद है. लोग आते-जाते रहेंगे, लेकिन पद कायम रहेगा. राज्यपाल राज्य के प्रमुख हैं. राज्यपाल ही मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल को नियुक्त करते हैं.'

शिवसेना ने कहा, नियमों का पालन किया गया
इस बीच, शिवसेना नेता संजय राउत ने बृहस्पतिवार (11 फरवरी) को कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी की उत्तराखंड यात्रा के लिए सरकारी विमान का उपयोग करने की अनुमति नहीं दिए जाने के मामले में सभी तय नियमों का पालन किया. राज्यपाल का अपमान किए जाने के भाजपा के आरोप को खारिज करते हुए राउत ने दिल्ली में संवाददाताओं से कहा कि इस घटना में किसी तरह की राजनीति शामिल नहीं है. उन्होंने कहा, ‘हम राज्यपाल का सम्मान करते हैं. सरकार ने संविधान का पालन किया, जैसा कि मुझे मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के साथ हुई बातचीत में पता चला.' राउत ने कहा, ‘यदि राज्यपाल निजी कार्य के लिए सरकारी विमान का उपयोग करना चाहते हैं तो उसके लिए कुछ नियम तय हैं और क्या सरकार ने उन नियमों का उल्लंघन किया?’ शिवसेना सांसद ने कहा कि इस मामले में राज्य सरकार ने गृह मंत्रालय द्वारा तय नियमों का पालन किया.
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