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बीजेपी-शिवसेना विवाद खत्म होने के संकेत, संजय राउत बोले- 'निजी फायदा महत्व नहीं रखता, राज्य जरूरी'

News18Hindi
Updated: October 30, 2019, 8:02 PM IST
बीजेपी-शिवसेना विवाद खत्म होने के संकेत, संजय राउत बोले- 'निजी फायदा महत्व नहीं रखता, राज्य जरूरी'
शिवसेना नेता संजय राउत के बयान से यह अंदेशा है कि बीजेपी और शिवसेना को सरकार बनाने का फॉर्मूला बन चुका है (फाइल फोटो)

शिवसेना (Shiv Sena) नेता संजय राउत (Sanjay Raut) ने मुख्यमंत्री पद (CM Post) को लेकर कहा है, 'व्यक्तिगत फायदा महत्व नहीं रखता, राज्य ज्यादा महत्वपूर्ण है.'

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  • Last Updated: October 30, 2019, 8:02 PM IST
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मुंबई. महाराष्ट्र (Maharashtra) में सरकार बनाने को लेकर बीजेपी (BJP) और शिवसेना (Shiv Sena) के बीच चल रही रस्साकशी का अंत होने के संकेत मिलने लगे हैं. शिवसेना के नेता संजय राउत (Sanjay Raut) की ओर से आए बयान में ऐसा संदेश मिलता दिख रहा है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि बीजेपी के साथ शिवसेना का गठबंधन टूटा नहीं है.

संजय राउत ने अपने नए बयान में कहा है कि व्यक्तिगत फायदा मायने नहीं रखता, राज्य जरूरी है. जिससे यह माना जा रहा है कि बीजेपी (BJP) और शिवसेना (Shiv Sena) को सत्ता में सहयोग का फॉर्मूला मिल चुका है.

अपना रुख नरम करते हुए शिवसेना नेता संजय राउत ने बुधवार को कहा कि महाराष्ट्र के वृहद हित में पार्टी के लिए भाजपा नीत गठबंधन में बने रहना जरुरी है लेकिन 'सम्मान' से समझौता किए बगैर. उन्होंने कहा कि अगली सरकार बनाने में कोई जल्दबाजी नहीं है और उन्होंने उन कयासों को खारिज कर दिया कि अगर नई मंत्रिपरिषद के गठन में देरी होती है तो शिवसेना बंट सकती है. पत्रकारों से बात करते हुए राउत ने कहा कि राज्य के हित में शिवसेना के लिए भगवा गठबंधन में बने रहना जरुरी है लेकिन 'सम्मान' भी महत्वपूर्ण है.

संजय राउत ने कहा, 'सरकार बनाने का दावा करने के लिए 145 सीटें जरूरी'

शिवसेना के नेता संजय राउत ने कहा है कि सरकार बनाने का दावा करने वाले पक्ष को सदन में 145 सीटों की जरूरत होगी... मात्र इतना ही मायने रखता है. इसके बाद कोई भी नेता, विधायक महाराष्ट्र (Maharashtra) का मुख्यमंत्री बन सकता है. गवर्नर उन्हें आमंत्रित करेंगे, जिनके पास भी 145 सीटों का आंकड़ा होगा लेकिन उन्हें भी फ्लोर पर अपना बहुमत सिद्ध करना होगा. साथ ही उन्होंने कहा है कि बीजेपी के साथ उनका गठबंधन चल रहा है.

हालांकि संजय राउत (Sanjay Raut) ने यह भी कहा है, 'महाराष्ट्र की कुंडली तो हम ही बनाएंगे. कुंडली में कौन सा ग्रह कहां रखना है और कौन से तारे जमीन पर उतारने हैं, किस तारे को चमक देना है, इतनी ताकत आज भी शिव सेना के पास है.'



वहीं संजय राउत ने मुख्यमंत्री पद (CM Post) को लेकर कहा है, 'व्यक्तिगत फायदा महत्व नहीं रखता, राज्य ज्यादा महत्वपूर्ण है.'

नतीजे आने के बाद से बीजेपी-शिवसेना में चल रही थी खींचतान
बता दें कि महाराष्ट्र में शिवसेना के नवनिर्वाचित विधायकों ने गुरुवार को विधायक दल का नेता चुनने के लिए बैठक की. शिवसेना के एक नेता ने बुधवार को बताया था कि इस संबंध में एक बैठक मध्य मुम्बई (Central Mumbai) स्थित शिवसेना भवन में आयोजित होगी.

उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) नीत शिवसेना का अगली सरकार में सत्ता बंटवारे को लेकर सहयोगी भाजपा के साथ 24 अक्टूबर से ही खींचतान चल रहा है, जब चुनाव परिणाम घोषित हुए थे. शिवसेना भाजपा के साथ समान अवधि के लिए मुख्यमंत्री पद की मांग कर रही है. वरिष्ठ नेता एवं मंत्री एकनाथ शिंदे निवर्तमान विधानसभा में शिवसेना विधायक दल के नेता हैं.

बीजेपी देवेंद्र फडणवीस को चुन चुकी है विधायक दल का नेता
एक अन्य घटनाक्रम में बीजेपी (BJP) ने बुधवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को फिर से विधायक दल का नेता चुन लिया. इस बीच सूत्रों ने बताया कि दो निर्दलीय विधायकों मंजुला गावित (साकरी) और चंद्रकांत निंबा पाटिल (मुकतैननगर) ने बुधवार को ठाकरे से मुलाकात के बाद शिवसेना को समर्थन देने की घोषणा की.

उल्लेखनीय है कि पाटिल ने हाल के चुनाव में भाजपा के वरिष्ठ नेता एकनाथ खड़से (Eknath Khadse) की पुत्री रोहिणी खड़से को हराया है.

विधानसभा में शिवसेना के पास 62 विधायकों का समर्थन
शिवसेना (Shiv Sena) ने चुनाव में 56 सीटें जीती हैं और अभी तक गावित और पाटिल सहित छह विधायकों का समर्थन हासिल कर चुकी है. इससे 288 सदस्यीय विधानसभा में उसकी संख्या बढ़कर 62 हो गई है.

वहीं दूसरी ओर विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) में 105 सीटें जीतने वाली भाजपा को कम से कम छह विधायकों का समर्थन हासिल हुआ है जिसमें से अधिकतर पार्टी के बागी हैं जिन्होंने निर्दलीयों के तौर पर चुनाव लड़ा था. भाजपा और शिवसेना के बीच बारी..बारी से मुख्यमंत्री के मुद्दे पर वाकयुद्ध चल रहा है.

ठाकरे का दावा है कि ऐसी व्यवस्था पर उस फार्मूले के दौरान सहमति बनी थी जिस पर उन्होंने, फडणवीस (Devendra Fadnavis) और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बीच 2019 चुनाव से पहले चर्चा हुई थी. हालांकि फडणवीस के इस बयान से नाराज होकर कि शिवसेना को कभी भी समान अवधि के लिए मुख्यमंत्री पद का वादा नहीं किया गया था, ठाकरे ने भाजपा के साथ सत्ता बंटवारे को लेकर बातचीत रद्द कर दी थी. (भाषा के इनपुट सहित)

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First published: October 30, 2019, 7:25 PM IST
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