सुशांत केस की सीबीआई जांच पर बोले संजय राउत- सबको न्‍याय देना हमारा मानदंड
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सुशांत केस की सीबीआई जांच पर बोले संजय राउत- सबको न्‍याय देना हमारा मानदंड
संजय राउत ने टिप्‍पणी से किया इनकार.

Sushant Singh Rajput Death Case: महाराष्ट्र सरकार पर लग रहे आरोपों पर शिवसेना सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) ने कहा कि हमारे राज्‍य की न्‍याय व्‍यवस्‍था देश में बेहतर व्‍यवस्‍थाओं में से एक है. यहां सत्य और न्याय की हमेशा जीत होती है. हमारे राज्य की परपंरा है कि सबको न्याय मिले.

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  • Last Updated: August 19, 2020, 1:22 PM IST
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नई दिल्‍ली. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने बुधवार को सुनवाई करते हुए सुशांत सिंह राजपूत मामले (Sushant singh rajput case) की जांच सीबीआई से कराने का आदेश दिया है. उसके इस आदेश से सुशांत के फैंस और परिवार में खुशी की लहर है. वहीं इस फैसले पर शिवसेना के नेता संजय राउत (Sanjay Raut) ने प्रतिक्रिया दी है. संजय राउत ने कहा है कि यह मेरे लिए उचित नहीं है कि मैं सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिप्‍पणी करूं.

संजय राउत ने कहा, 'जो भी सरकार में हैं, वो कानून जानते हैं. मुंबई पुलिस कमिशनर और एडवोकेट जनरल इस पर बात कर सकते हैं. इस पर मेरे द्वारा टिप्‍पणी करना उचित नहीं होगा.' वहीं महाराष्ट्र सरकार पर लग रहे आरोपों पर उन्‍होंने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट ने अपना आदेश सुना दिया है. इस पर राजनीतिक बयानबाजी ठीक नहीं है. हमारे राज्‍य की न्‍याय व्‍यवस्‍था देश में बेहतर व्‍यवस्‍थाओं में से एक है. यहां सत्य और न्याय की हमेशा जीत होती है. कानून के ऊपर कोई नहीं है. सबको न्‍याय देना एक मानदंड है. हमारे राज्य की परपंरा है कि सबको न्याय मिले.'






शिवसेना नेता संजय राउत ने इससे पहले अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले की जांच सीबीआई को स्थानांतरित किए जाने को 'गैरकानूनी' करार दिया था. उन्होंने यह भी कहा कि राजपूत के परिवार समेत सभी लोगों को कुछ समय चुप रहना चाहिए और मुंबई पुलिस को अभिनेता की मौत के मामले की अपनी जांच पूरी करने देनी चाहिए. राजपूत 14 जून को बांद्रा के अपने अपार्टमेंट में फांसी के फंदे पर लटकते पाए गए थे.

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि नीतीश सरकार ने केस की जो सीबीआई जांच की सिफारिश की थी वो सही थी. महाराष्ट्र सरकार को अब जांच में सहयोग करना होगा. मुंबई पुलिस को इस मामले के सारे सबूत सीबीआई को सौंपने होंगे. सुप्रीम कोर्ट ने यह भी आदेश दिया है कि बिहार सरकार को इस मामले में जांच का पूरा अधिकार है. सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि पटना में जो एफआईआर दर्ज की गई है वो कानून सम्मत है. इस फैसले के बाद महाराष्ट्र सरकार के वकील ने कहा कि हम फैसले को चुनौती देंगे. इस पर कोर्ट ने कहा कि यह 35 पेज का जजमेंट है. पहले आप इसको पढ़िए. हमने हर पहलुओं का बारीकी से अध्ययन करने के बाद फैसला सुनाया है.
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