शिवसेना का बीजेपी पर बड़ा हमला, मंदिर विवाद पर कहा- भाजपा का सिर घूम गया है क्या?

शिवसेना ने कहा कि मंदिर खोलने का फैसला सरकार ने किसी के दवाब में नहीं लिया है.
शिवसेना ने कहा कि मंदिर खोलने का फैसला सरकार ने किसी के दवाब में नहीं लिया है.

महाराष्ट्र (Maharashtra) में मंदिर (Temple) खोले जाने का श्रेय जहां बीजेपी (BJP) अपने सिर ले रही है, वहीं शिवसेना (Shiv Sena) का कहना है मंदिर खोलने का फैसला महाराष्ट्र सरकार का है और उसने किसी के दवाब में ये फैसला नहीं लिया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 19, 2020, 5:25 PM IST
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मुंबई. महाराष्ट्र (Maharashtra) में मंदिर (Temple) खोले जाने के बाद से बीजेपी (BJP) और शिवसेना (Shiv Sena) के बीच विवाद बढ़ता ही जा रहा है. महाराष्ट्र में मंदिर खोले जाने का श्रेय जहां बीजेपी अपने सिर ले रही है वहीं शिवसेना का कहना है मंदिर खोलने का निर्णय महाराष्ट्र सरकार का है और उसने किसी के दवाब में ये फैसला नहीं लिया है. शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के जरिए इस मसले पर एक बार फिर बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा है कि भारतीय जनता पार्टी को क्या हो गया है? महाराष्ट्र में बीजेपी का का सिर घूम गया है क्या?

शिवसेना ने कहा, भाजपा ने आंदोलन किया इसलिए भगवान के दरवाजे खोले गए जैसी बातें करना मतलब बची-खुची अक्ल को भी गिरवी रखने जैसा है. जिनका भाजपा या हिंदुत्व की विचारधारा से जरा-सा भी संबंध नहीं था, ऐसे लोग सत्ता के लिए भाजपा में घुसे. बाहरी लोग हिंदुत्व पर बोलें और सलाह दें, इसे एक मजाक ही कहा जाएगा.





सामना में आगे लिखा है, 'किसी एक बोगस ‘आचार्य’ को आगे करके मंदिरों के ताले खोलने के लिए आंदोलन किया गया. कौन है वह आचार्य? लेकिन भाजपा को मुफ्त में नाचने के लिए लोग मिलते हैं. किराए से लाकर महाराष्ट्र सरकार के नाम पर बवाल करना उनके खाली वक्त का धंधा बन चुका है. भाजपा के बाहरी और नचनिए हिंदुत्ववादियों के ​जरिए मंदिर खोलने का आंदोलन करना था तो उन्हें प्रधानमंत्री मोदी के घर के सामने करना चाहिए था, क्योंकि राज्य सरकार केंद्र के ही कोरोना संबंधी निर्देशों का पालन कर रही थी'.

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यूरोप में लॉकडाउन क्यों हुआ उसे समझने की जरूरत
इंग्लैंड और यूरोप जैसे देशों में फिर से लॉकडाउन क्यों शुरू हुआ, इस बात को मंदिर खोलने का श्रेय लेनेवाले नचनियों को समझ लेना चाहिए. मुंबई का अपमान करनेवाली ‘बाहरी’ अभिनेत्री की ‘जय-जय’ करते समय बीजेपी का देव-देवताओं के प्रति प्रेम और श्रद्धा कहां अटकी हुई थी?

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हरियाणा में जो हुआ उससे सबक लेने की जरूरत
अब बीजेपी ‘छठ पूजा’ की अनुमति के लिए राजनीतिक आंदोलन कर रहे हैं. अमूमन छठ पूजा के लिए कभी अनुमति नकारी नहीं गई, लेकिन इस बार समुद्र किनारे जो प्रचंड जन समुदाय इकट्ठा होता है, वो कोरोना काल में उपयुक्त है क्या, इसका भी विचार न करनेवाले अपनी बुद्धि गंवा बैठे हैं. जहां भाजपा के मुख्यमंत्री नहीं हैं, वहां वे इस प्रकार का आंदोलन करके लोगों को संकट में डाल रहे हैं. इसे क्रूरता ही कहा जाएगा. हरियाणा में जल्दबाजी में स्कूल खोलने से 800 से अधिक विद्यार्थियों और शिक्षकों को कोरोना हो गया. इसका खयाल महाराष्ट्र के नचनिया बाहरी हिंदुत्ववादियों ने रखा तो मेहरबानी होगी.
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