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shiv sena crisis eknath shinde faction can withdraw support to mva government in 24 hours demand floor test from governor

उद्धव सरकार से 24 घंटे में समर्थन वापस ले सकता है शिंदे गुट, राज्यपाल से फ्लोर टेस्ट की भी करेगा मांग

एकनाथ शिंदे ने 55 में से 40 शिवसेना विधायकों के साथ-साथ 12 निर्दलीय विधायकों का समर्थन होने का दावा किया है. (फाइल फोटो)

एकनाथ शिंदे ने 55 में से 40 शिवसेना विधायकों के साथ-साथ 12 निर्दलीय विधायकों का समर्थन होने का दावा किया है. (फाइल फोटो)

Shiv Sena Crisis: एकनाथ शिंदे और बड़ी संख्या में विधायकों ने 21 जून को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व के खिलाफ बगावत की और वर्तमान में वे असम के गुवाहाटी में हैं. शिंदे के इस कदम से सरकार पर खतरा मंडरा रहा है.

मुंबई/रिमा प्रसाद. शिवसेना के बागी विधायकों को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम राहत मिलने के बाद एकनेता शिंदे की अगुवाई वाले गुट ने सोमवार को अहम बैठक की, जिसमें उन्होंने संकेत दिया कि वे अगले 24 घंटे के अंदर राज्यपाल से मिलकर महाराष्ट्र सरकार से समर्थन वापिस लेने का पत्र सौंप सकते हैं. सूत्रों ने बताया कि बागी विधायक राज्यपाल से मिलकर फ्लोर टेस्ट की मांग भी कर सकते हैं. शिंदे सहित कुछ और नेताओं के मुम्बई जाने की ख़बर भी आ रही है.

इससे पहले, उच्चतम न्यायालय ने महाराष्ट्र विधानसभा के उपाध्यक्ष द्वारा जारी अयोग्यता नोटिस के खिलाफ शिवसेना के बागी विधायकों को राहत प्रदान करते हुए कहा कि संबंधित विधायकों की अयोग्यता पर 11 जुलाई तक फैसला नहीं लिया जाना चाहिए. इसके साथ ही अदालत ने अयोग्यता नोटिस की वैधानिकता को चुनौती देने वाले बागी विधायकों की याचिकाओं पर जवाब मांगा.

हालांकि, शीर्ष अदालत ने महाराष्ट्र सरकार की उस याचिका पर अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार कर दिया, जिसमें विधानसभा में बहुमत परीक्षण नहीं कराए जाने का अनुरोध किया गया था. अदालत ने कहा कि वे किसी भी अवैध कदम के खिलाफ उसका रुख कर सकते हैं. न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला की अवकाशकालीन पीठ ने महाराष्ट्र सरकार को शिवसेना के 39 बागी विधायकों और उनके परिवार के जीवन, स्वतंत्रता और संपत्ति की सुरक्षा करने का निर्देश भी दिया.

महाराष्ट्र विधानसभा के उपाध्यक्ष को नोटिस जारी करते हुए उच्चतम न्यायालय ने उन्हें बागी विधायकों द्वारा दिए गए अविश्वास प्रस्ताव नोटिस को हलफनामा रिकॉर्ड में रखने का निर्देश दिया. शीर्ष अदालत ने महाराष्ट्र सरकार की ओर से पेश वकील के उस बयान को भी रिकॉर्ड में लिया कि बागी विधायकों के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा के लिए पर्याप्त कदम उठाए गए हैं. मामले की अगली सुनवाई 11 जुलाई को होगी.

(इनपुट भाषा से भी)

Tags: Shiv sena, Uddhav thackeray

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