शिवसेना की राज्यपाल को राज धर्म पालन करने की नसीहत, कहा- अपने कोटे से 12 MLC नामित करे

संजय राउत (फ़ाइल फोटो)

संजय राउत (फ़ाइल फोटो)

Maharashtra: शिवसेना ने कहा कि विपक्षी दल बीजेपी के पास भी ‘राज धर्म’ निभाने की जिम्मेदारी है. पार्टी ने कहा, 'भाजपा द्वारा नियुक्त राज्यपाल के पास अधिक जिम्मेदारी है.

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मुंबई. महाराष्ट्र में शवसेना और राज्यपाल के बीच खींचतान लगातार जारी है. महाराष्ट्र सरकार के मंत्रिमंडल से संजय राठौड़ के इस्तीफा देने के बाद शिवसेना ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की तारीफ की है. साथ ही पार्टी ने और राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी(Bhagat Singh Koshyari) से आग्रह किया कि वे विधान परिषद के लिए अपने कोटे से 12 सदस्यों को नामित कर 'राज धर्म' का पालन करें. बता दें कि पुणे में एक युवती द्वारा कथित तौर पर आत्महत्या करने के बाद सियासी बवाल खड़ा हो गया. जिसके बाद शिवसेना विधायक राठौड़ ने इस्तीफा दे दिया था.

पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ में शिवसेना ने कोश्यारी को 'भाजपा द्वारा नियुक्त' राज्यपाल करार दिया और राज्यपाल के कोटे से विधान परिषद के 12 सदस्यों को नामित करने का फैसले लेने में देरी करने का आरोप लगाया. सामना में कहा गया कि ये संविधान के खिलाफ है. पार्टी ने कहा, 'महा विकास आघाडी सरकार के हाथ में वास्तविक नियंत्रण है. हमारा कहना है कि मुख्यमंत्री ठाकरे इसके कारण ही अपने ‘राज धर्म’ का पालन कर रहे हैं.'

'राज धर्म का पालन करें'
शिवसेना ने कहा कि विपक्षी दल बीजेपी के पास भी ‘राज धर्म’ निभाने की जिम्मेदारी है. पार्टी ने कहा, 'भाजपा द्वारा नियुक्त राज्यपाल के पास अधिक जिम्मेदारी है. राज्यपाल अपने कोटे से 12 एमएलसी नामित नहीं कर रहे हैं इसका अर्थ ये है कि वह राज धर्म का पालन नहीं कर रहे हैं'
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राजनीतिक फायदा लेने का लगाया आरोप
शिवसेना ने आरोप लगाया कि पुणे में 23 वर्षीय युवती की मौत पर भाजपा राजनीतिक फायदा लेने की कोशिश कर रही है. सामना में कहा गया कि भाजपा नेता, दादरा और नगर हवेली के सांसद मोहन डेलकर की मौत पर संवेदनहीन हैं. (भाषा इनपुट के साथ)
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