शिवसेना ने केंद्र पर साधा निशाना, 'सामना' में लिखा- अब नेपाली बंदूकों ने भी भारतीयों की जान लेनी शुरू कर दी
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शिवसेना ने केंद्र पर साधा निशाना, 'सामना' में लिखा- अब नेपाली बंदूकों ने भी भारतीयों की जान लेनी शुरू कर दी
पाकिस्तान के बाद अब नेपाल भी सीमा पर गोलीबारी करने लगा है.

सामना (saamana) ने संपादकीय में कहा है कि फिलहाल भारत-चीन सीमा पर तनावपूर्ण शांति भले ही हो, लेकिन पाकिस्तान (Pakistan) और नेपाल (Nepal) सीमा, उस पार से होनेवाली गोलीबारी के कारण अशांत है.

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नई दिल्ली. शिवसेना (Shiv Sena) ने अपने मुखपत्र सामना (saamana) के संपादकीय में कहा है कि पाकिस्तान (Pakistan) ही सीमा पार से गोलीबारी करता था, अब नेपाली बंदूकों ने भी निर्दोष भारतीयों की जान लेनी शुरू कर दी है. हम जैसे पाकिस्तान की बंदूकों को नहीं रोक पाए, वैसा नेपाल (Nepal) के मामले में न होने पाए. नेपाली बंदूकों की नलियों को अभी ही तोड़ देना चाहिए, अन्यथा पाकिस्तान के साथ-साथ नेपाल सीमा पर भी गोलीबारी हमेशा का सिरदर्द बन जाएगी.

सामना ने संपादकीय में कहा है कि फिलहाल भारत-चीन सीमा पर तनावपूर्ण शांति भले ही हो लेकिन पाकिस्तान और नेपाल सीमा, उस पार से होनेवाली गोलीबारी के कारण अशांत है. पाकिस्तान द्वारा संघर्ष विराम का उल्लंघन करते हुए गोलीबारी करना आम बात है, लेकिन अब नेपाल की ओर से भी गोलीबारी की घटनाएं बढ़ रही हैं. यह अधिक चिंताजनक है. सामना ने संपादकीय में कहा है कि दूसरी बार है जब भारत की सीमा पर गोलीबारी करके नेपाल ने साबित कर दिया है कि वो चीन और पाकिस्तान की उंगली पकड़कर ही चलेगा. एक हाथ चीनियों के हाथ में और दूसरा हाथ पाकिस्तानियों के हाथ में.

पाकिस्तान ने अब तक 2700 से अधिक बार संघर्ष विराम का उल्लंघन
सामना ने संपादकीय में कहा है कि लद्दाख सीमा पर चीन भले ही शांत हो, लेकिन नेपाल और पाकिस्तान से सीमा पर गोलीबारी करवाकर हिंदुस्तान की सीमा को अशांत बनाए रखना उसकी साजिश का हिस्सा है. नेपाल सीमा पर नेपाल द्वारा की जा रही गोलीबारी और जम्मू-कश्मीर सीमा पर पाकिस्तान की ओर की जा रही गोलीबारी इसी साजिश का हिस्सा है. सामना ने संपादकीय में कहा है कि साल 2020 में पाकिस्तान ने अब तक 2700 से अधिक बार संघर्ष विराम का उल्लंघन करके गोलीबारी की है. इसमें 21 निर्दोष भारतीय नागरिक मारे गए और 94 घायल हुए हैं. अब नेपाल की ओर से भी गोलीबारी होने लगी है.
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कश्मीर भी अशांत है और कश्मीर की सीमा भी अशांत
सामना ने संपादकीय में कहा है कि सोपोर जिले में एक आतंकवादी हमले में एक सीआरपीएफ जवान शहीद हो गया और अहमद खान नामक एक वृद्ध की भी मौत हो गई थी. उनके पोते आयद, जो उनके साथ थे को हमारे जवानों ने बचा लिया था. हालांकि, अहमद खान के सीने पर बैठी आयद की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और धारा 370 को हटाने के बाद भी कश्मीर में आंतरिक सुरक्षा की स्थिति को लेकर चर्चा शुरू हो गई. यानी कश्मीर भी अशांत है और कश्मीर की सीमा भी अशांत है.
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