नशे में धुत लोगों को अपना शिकार बनाता था ये गैंग, स्किमर फ्रॉड में बैंक का पूर्व डिप्टी मैनेजर का खुलासा

इस गैंग के मास्टरमाइंड की तलाश जारी है.

इस गैंग के मास्टरमाइंड की तलाश जारी है.

Mumbai Crime News: मुंबई क्राइम ब्रांच ने एचडीएफसी बैंक की तरफ से शिकायत मिलने के बाद छानबीन करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर ठगी के बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश किया था और चौकाने वाली मोड्स ओपेरंडी सामने आई थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 21, 2021, 9:41 PM IST
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मुंबई. मुम्बई क्राइम ब्रांच द्वारा किए गए स्किमर कार्ड्स फ्रॉड भंडाफोड़ मामले में जांच के दौरान बेहद ही चौकाने वाली जानकारियां सामने आई है. इस मामले में गिरफ्तार किए गए 3 आरोपियों ने पूछताछ में क्राइम ब्रांच के सामने यह कबूला है कि उनका मुख्य टारगेट नशे में धुत होने वाले लोग होते थे. क्राइम ब्रांच के आला अधिकारियों का कहना है कि आरोपी इस मामले में होटल में वेटर का काम करने वाला व एचडीएफसी बैंक का पूर्व डिप्टी मैनेजर रह चुका यशवंत गुप्ता को यह काम सौंपा गया था.

अंधेरी के जिस होटल में यशवंत काम करता था, वहां बड़ी संख्या में शराब का सेवन करने वाले ग्राहक आते थे. इस दौरान ग्राहक जब पूरी तरह से नशे में धुत हो जाता था तो उसके डेबिट या क्रेडिट कार्ड्स की सारी डिटेल्स और पिन आसानी से मिल जाते थे, जिसे आरोपी यशवंत गुप्ता बड़ी ही आसानी से कॉपी कर लेता था और उन्हें इसका पता भी नहीं चलता था. इसके बाद सारी डिटेल्स मास्टरमाइंड फैज तक पहुंचाई जाती थी. क्राइम ब्रांच के मुताबिक इस गिरोह ने ज्यादातर ऐसे ही लोगों को अब तक अपना निशाना बनाया है.

बैंक से शिकायत मिलने के बाद हुई थी कार्रवाई

क्राइम ब्रांच गिरोह के मास्टरमाइंड फैज की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है. मुम्बई क्राइम ब्रांच के डीसीपी अकबर पठान ने बताया कि इस खुलासे के बाद मास्टरमाइंड फैज की तलाश जारी है, जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा. दरअसल, मुंबई क्राइम ब्रांच ने एचडीएफसी बैंक की तरफ से शिकायत मिलने के बाद छानबीन करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर ठगी के बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश किया था और चौकाने वाली मोड्स ओपेरंडी सामने आई थी.
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आरोपी यशवंत द्वारा सारी डिटेल्स देने के बाद मास्टरमाइंड मोहम्मद फैज कॉपी किए गए डाटा को लैपटॉप में कॉपी करके उसका क्लोनिंग कार्ड्स तैयार करता था. कार्ड तैयार होने के बाद पैसे मुम्बई से नहीं, बल्कि सतारा और पुणे के एटीएम से निकालने का काम अजहरुद्दीन अंसारी और इस्तियाक अहमद खान करते थे. ऐसा इसलिए किया जाता था, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके. इसकी एवज में फैज रकम का 10 फीसदी इन्हें देता था. क्राइम ब्रांच के मुताबिक इस तरह से अब तक सैकड़ों ग्राहकों को लाखों का चूना लगाया जा चुका है. मुम्बई क्राइम उन लोगों से सामने आकर मामला दर्ज कराने की अपील कर रही है,जो इस तरह की धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं.
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