PM-पवार की बैठक में ही रची गई थी आज की रूपरेखा, 40 मिनट में तय हुआ था सरकार का प्रारूप!

प्रधानमंत्री मोदी और शरद पवार की बैठक के बाद कांग्रेस का एक धड़ा भी एनसीपी चीफ पर नाराज हुआ था.  (फाइल फोटो)
प्रधानमंत्री मोदी और शरद पवार की बैठक के बाद कांग्रेस का एक धड़ा भी एनसीपी चीफ पर नाराज हुआ था. (फाइल फोटो)

किसानों के मुद्दे पर बुधवार को प्रधानमंत्री (Prime Minister) से मिले थे शरद पवार (Sharad Pawar), बैठक से पहले संकेत दिए थे, लेकिन फिर बाद में कहा- सिर्फ किसानों के मुद्दे पर हुई बात, कांग्रेस (Congress) ने भी जताई थी नाराजगी.

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  • Last Updated: November 23, 2019, 12:40 PM IST
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मुंबई. महाराष्ट्र (Maharashtra) में शनिवार सुबह आए सियासी भूकंप की रूपरेखा गुरुवार को ही रख दी गई थी. किसानों की समस्या की आड़ में शायद एनसीपी (NCP) प्रमुख शरद पवार (Sharad Pawar) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की बुधवार को हुई बैठक का मुख्य मुद्दा शिवसेना (Shiv Sena) और कांग्रेस (Congress) को बड़ा झटका देना था. सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी और शरद पवार की बैठक का मुख्य कारण ही महाराष्ट्र में एनसीपी और बीजेपी के गतिरोध को खत्म करना था. साथ ही महाराष्ट्र में बीजेपी की सरकार के साथ ही देवेंद्र फडणवीस को एक बार फिर सीएम की कुर्सी पर बैठाना भी मुख्य मुद्दा था. हालांकि, शनिवार के घटनाक्रम के बाद से ही एनसीपी चीफ लगातार यह कह रहे हैं कि इस संबंध में उन्हें कुछ नहीं पता था और वे अजीत का बीजेपी के साथ जाना पूरी तरह से उनका निजी फैसला है इसमें एनसीपी या मेरा कोई लेना देना नहीं है. इस बात को लेकर शिवसेना ने भी सफाई दी है कि शरद पवार को इस बारे में कुछ नहीं पता था और उन्हें भी सुबह ही इस बात का पता चला.

कांग्रेस ने दर्ज करवाई थी नाराजगी
प्रधानमंत्री मोदी और शरद पवार की बैठक के बाद कांग्रेस का एक धड़ा भी एनसीपी चीफ पर नाराज हुआ था. कांग्रेस का कहना था कि महाराष्ट्र में चल रही सियासी उथल-पुथल के बीच इस तरह से शरद पवार का प्रधानमंत्री से मिलना गलत संदेश देता है और इसके परिणाम घातक हो सकते हैं. हालांकि, उस दौरान भी शरद पवार ने सफाई दी थी कि वे सिर्फ किसानों की समस्या को लेकर प्रधानमंत्री से मिले हैं.





बैठक से पहले और बाद में बदले थे पवार के बोल
प्रधानमंत्री के साथ बैठक के लिए जाने से पहले जब शरद पवार दिल्ली पहुंचे तो उनसे पत्रकारों ने जब सवाल किया था कि इस मीटिंग का उद्देश्य क्या है? शरद पवार ने इस सवाल के जवाब में कहा था कि अभी बैठक के लिए जा रहा हूं, आपको इस बारे में पहले से कैसे बता सकता हूं. इस बैठक के बाद पवार ने कहा था कि बैठक सफल रही है और महाराष्ट्र में किसानों की समस्या को लेकर प्रधानमंत्री को अवगत करवाया गया है. साथ ही उनसे इस संबंध में हस्तक्षेप करने के लिए कहा गया है.

अभी भी पवार के वही बोल
हालांकि सूत्र इस बात की पुष्टि कर रहे हैं कि प्रधानमंत्री और पवार की बैठक में ही ‌शनिवार के घटनाक्रम की रूपरेखा खींच दी गई थी, लेकिन पवार अब भी इस बात को नकार रहे हैं. शरद का अभी भी यही कहना है कि उन्हें इस बात का पता नहीं था और अजित पवार के बीजेपी के साथ जाने के संबंध में उन्हें भी सुबह ही पता चला.

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