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कोरोना के एमआरएनए वैक्‍सीन का भंडारण शुरू, 1.35 लाख डोज को पहले मिल चुकी है मंजूरी

28 दिनों के गैप से वैक्‍सीन के दो डोज लगेंंगे. (  फाइल फोटो)

28 दिनों के गैप से वैक्‍सीन के दो डोज लगेंंगे. ( फाइल फोटो)

भारत (India) ने पुणे ( Pune) की जेनोवा बायोफार्मास्‍युटिकल्‍स के बनाए गए कोविड -19 के खिलाफ अपने पहले एमआरएनए वैक्सीन ...अधिक पढ़ें

हिमानी चंदन

पुणे.  भारत (India) ने पुणे ( Pune)  की जेनोवा बायोफार्मास्‍युटिकल्‍स के बनाए गए कोविड -19 के खिलाफ अपने पहले एमआरएनए वैक्सीन  (mRNA vaccine )  का स्टॉक करना शुरू कर दिया है. इसके लिए मार्च में केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) को भारत के पहले स्वदेशी रूप से विकसित एमआरएनए कोविड वैक्सीन की मंजूरी के लिए अंतरिम डेटा प्रस्तुत किया था. अभी भी समीक्षा प्रक्रिया चल रही है और नियामक एजेंसी ने कुछ और जानकारी मांगी है.  इस बीच, हिमाचल प्रदेश के कसौली में केंद्रीय औषधि प्रयोगशाला (सीडीएल) द्वारा टीके की 1.35 लाख खुराक को पहले ही मंजूरी दे दी गई है. स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत सीडीएल, कसौली, भारत में प्रशासित टीकों की सुरक्षा और प्रभावकारिता के दावों की जांच के लिए जिम्मेदार है. शीर्ष प्रयोगशाला द्वारा मंजूरी मिलने तक कोई भी वैक्‍सीन बाजार में नहीं उतारा जा सकता है.

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने News18 को बताया कि एमआरएनए वैक्सीन, अब प्रयोगशाला में नियमित होने की उम्मीद है. सीडीएससीओ से अनुमति मिलने के बाद, इसे सीडीएल द्वारा जांचे गए और अनुमोदित स्टॉकपाइल से तुरंत बाजार में उतारा जा सकता है. अधिकारी ने बताया कि यदि भारत एक अलग बूस्टर खुराक के लिए जाने का फैसला करता है, तो स्टॉक को उसी के लिए डायवर्ट किया जा सकता है. एमआरएनए एक प्लग एंड प्ले तकनीक है, जिसे स्ट्रेन के खिलाफ तेजी से बदला जा सकता है और मौजूदा स्थिति में, हमें इस तरह के कुछ की जरूरत है,.’

इस बीच, दवा निर्माता एमक्योर फार्मास्युटिकल्स की सहायक कंपनी जेनोवा बायोफार्मास्युटिकल्स ने पहले ही अपने एमआरएनए प्लेटफॉर्म को बदल दिया है, जो ओमिक्रॉन को लक्षित करेगा. ओमिक्रॉन, वह वेरिएंट है, जिसके कारण कोरोना की तीसरी लहर आई थी. कथित तौर पर कई देशों में कोविड के मामलों में ताजा उछाल के पीछे भी ओमिक्रॉन को ही जिम्‍मेदार माना जा रहा है. पुन: डिज़ाइन किए गए टीके का परीक्षण जल्द ही शुरू होने की संभावना है. कंपनी अपने टीके को उन लोगों के लिए बूस्टर शॉट के रूप में उपयोग करने की योजना बना रही है, जिन्हें प्राथमिक कोविड -19 वैक्सीन के दो टीके लग चुके हैं.

एंटीजन के रूप में वायरस के स्पाइक (एस) -प्रोटीन का उपयोग करने वालेे  एमआरएनए-आधारित टीके को 28 दिनों के अंतराल के साथ दो खुराक में लगाया जाएगा. जबकि भारतीय आबादी के बहुमत, कोविड -19 के खिलाफ टीकाकरण प्राप्त करने के लिए, प्राथमिक खुराक दी गई है, हालांकि, नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल सहित शीर्ष स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा था कि ‘वैक्सीन सामान्य तापमान पर स्थिर है. यह एक उल्लेखनीय संभावना है, और प्रौद्योगिकी क्षितिज पर है.’ पॉल ने कहा कि एमआरएनए प्लेटफॉर्म ‘मध्यम अवधि में, निकट भविष्य और उसके बाद भी महत्वपूर्ण” बना हुआ है.

Tags: India, MRNA Vaccine, Pune

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