परमबीर सिंह की याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, 'लेटर बम' पर महाराष्ट्र में सियासी हलचल जारी

अनिल देशमुख के खिलाफ आज होगी सुनवाई. (File pic)

अनिल देशमुख के खिलाफ आज होगी सुनवाई. (File pic)

Param Bir Singh Letter News: सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) बुधवार को परमबीर सिंह की उस याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें उन्‍होंने देशमुख के खिलाफ निष्पक्ष व स्वतंत्र सीबीआई जांच की मांग की है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 25, 2021, 7:32 PM IST
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मुंबई/नई दिल्‍ली. मुंबई (Mumbai) के पूर्व पुलिस कमिश्‍नर परमबीर सिंह (Param Bir Singh) की ओर से महाराष्‍ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) के खिलाफ लगाए गए भ्रष्‍टाचार के आरोप के बाद राज्‍य की सियासत में भूचाल सा आया हुआ है. नेताओं के बीच बैठकों का दौर भी जारी है. इस बीच बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में अनिल देशमुख को लेकर एक अहम सुनवाई होनी है. बुधवार को सुप्रीम कोर्ट परमबीर सिंह की उस याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें उन्‍होंने देशमुख के खिलाफ निष्पक्ष व स्वतंत्र सीबीआई जांच की मांग की है.

परमबीर सिंह की याचिका सुनवाई के लिए न्यायमूर्ति एस के कौल और न्यायमूर्ति आर एस रेड्डी की पीठ के सामने आएगी. उन्होंने याचिका के जरिए कोर्ट से मुंबई के पुलिस आयुक्त पद से उनके तबादले को मनमाना और गैरकानूनी होने का आरोप लगाते हुए इस आदेश को रद्द करने का भी अनुरोध किया है.

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सिंह ने एक अंतरिम राहत के तौर पर अपने तबादला आदेश पर रोक लगाने और राज्य सरकार, केंद्र तथा सीबीआई को देशमुख के आवास की सीसीटीवी फुटेज फौरन कब्जे में लेने के लिए निर्देश देने का अनुरोध किया है.
उन्होंने अपनी याचिका में कहा है, 'याचिकाकर्ता ने साक्ष्यों को नष्ट कर दिये जाने से पहले, महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख के कदाचार की पूर्वाग्रह रहित, अप्रभावित, निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराने का इस अदालत से अनुरोध करते हुए रिट अधिकार क्षेत्र का सहारा लिया है.'

सिंह ने आरोप लगाया है, ‘देशमुख ने अपने आवास पर फरवरी 2021 में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की अनदेखी करते हुए अपराध खुफिया इकाई, मुंबई के सचिन वाजे और समाज सेवा शाखा, मुंबई के एसीपी संजय पाटिल सहित अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की तथा उन्हें हर महीने 100 करोड़ रुपये की वसूली करने का लक्ष्य दिया था. साथ ही, विभिन्न प्रतिष्ठानों एवं अन्य स्रोतों से भी उगाही करने का निर्देश दिया था.’

सिंह ने कहा है कि इस बारे में विश्वसनीय जानकारी है कि टेलीफोन बातचीत की निगरानी के आधार पर पदस्थापना/तबादला में देशमुख के कदाचार को 24-25 अगस्त 2020 को राज्य खुफिया विभाग की खुफिया आयुक्त रश्मि शुक्ला ने पुलिस महानिदेशक के संज्ञान में लाया था, जिन्होंने इससे अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह विभाग, महाराष्ट्र सरकार को अवगत कराया था.

उन्होंने कहा कि इसके बाद 17 मार्च को महाराष्ट्र सरकार की एक अधिसूचना के जरिये उनका मुंबई के पुलिस आयुक्त पद से होम गार्ड विभाग में मनमाने और गैरकानूनी तरीके से तबादला कर दिया गया, जबकि उन्होंने उस पद पर दो साल का न्यूनतम निधार्रित कार्यकाल भी पूरा नहीं किया था.

वहीं मंगलवार को इस मामले के और बढ़ने पर मुख्‍यमंत्री उद्धव ठाकरे और गृह मंत्री अनिल देशमुख के बीच लंबी मुलाकात हुई. इस दौरान पुलिस अफसर रश्मिी शुक्‍ला की रिपोर्ट पर भी चर्चा की गई.
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