सुशांत सिंह राजपूत केस में बिहार पुलिस ने अधिकार क्षेत्र से बाहर आकर मामला दर्ज किया- मुंबई के पुलिस कमिश्नर की 10 बड़ी बातें
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सुशांत सिंह राजपूत केस में बिहार पुलिस ने अधिकार क्षेत्र से बाहर आकर मामला दर्ज किया- मुंबई के पुलिस कमिश्नर की 10 बड़ी बातें
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने बिहार पुलिस पर भी निशाना साधा.

Sushant Singh Rajput Case: पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बिहार पुलिस पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार पुलिस ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर आकर एफआईआर दर्ज किया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 3, 2020, 3:18 PM IST
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मुंबई. सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) की मौत के मामले को लेकर मुंबई पुलिस सवालों में घिरी है. इसे लेकर पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने सोमवार को पहली बार प्रेस कॉन्फ्रेंस कीऔर मामले को लेकर कई अहम खुलासे किए. पुलिस के मुताबिक इस केस में अब तक करीब 50 लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं. उनका कहना है कि सुशांत और उनकी गर्लफ्रेंड रिया के परिवार के बीच रिश्ते ठीक नहीं थे. परमबीर सिंह ने ये भी कहा कि सुशांत के परिवारवालों ने अपने शुरुआती बयान में किसी पर भी कोई आरोप नहीं लगाया था.

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने बिहार पुलिस पर भी निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार पुलिस ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर आकर एफआईआर दर्ज किया है. उन्होंने कहा कि इस पर कानूनी सलाह ली जा रही है और अभी तक किसी को भी क्लीन चिट नहीं दी गई है. आईए एक नजर डालते हैं कि परमबीर सिंह ने मीडिया को सुशांत के बारे में और क्या कुछ बताया
सुशांत की ये घटना 14 जून की है, वहां पर पुलिस पुहंची थी, बॉडी को हॉस्पिटल ले जाया गया था, उसी दिन से इन्वेस्टिगेशन चल रही है. अननेचुरल डेथ का केस चल रहा है, 4 लोग मौजूद थे, उनकी सिस्टर भी पहुच गई थी, सभी के बयान लिये गये. 56 लोगों के स्टेटमेंट रिकॉर्ड किये गये है, हर एंगल को इन्वेस्टिगेट किया गया है, सभी एंगल से इ्वेंस्टिगेशन हो रहा है.
सुशांत को डिप्रेशन था. उनको बाइपोलर डिसआर्डर था. उनका साइकाट्रिक इलाज चल रहा था. कैसे क्या कुछ हुआ ये सब्जेक्ट आफ इन्वेस्टिगेशन है.
सुशांत के पिता और उनकी तीन बहनों, बहनोई का बयान 16 तारिख को रिकॉर्ड किया गया था. इस दौरान इन्होंने किसी पर भी कोई शक नहीं जताया था. सारी स्टेटमेंट की रिकॉर्डिंग है. अगर किसी को भी किसी के बारे मे कोई शिकायत है वो वरिष्ठ अधिकारियो से मिल सकते हैं. उनकी सिस्टर और ब्रदर इन ला हमारे अधिकारियो से मिले थे, उन्होंने किसी प्रकार की शिकायत हमारी इन्वेस्टिगेशन के बारे मे नहीं की
उनके सीए से बात हुई है उनके अंकाउंट में 18 करोड थे, 13-14 करोड़ खर्च हुआ उसका डिटेल है एक्जामिन किया जा रहा है, कोई पैसा रिया के अकाउंट मे ट्रासंफर नही हुआ है अभी इन्वेस्टिगेशन चल रही है
किसी भी पुलिस फोर्स को रिपोर्ट दर्ज करने का अधिकार है, गुनाह आपसे ज्यूरीडिक्शन से बाहर का है, तो जीरो FIR मे दर्ज किया जाता है, हमारी जानकारी के हिसाब से यही प्रोसेस हैं, हमसे उन्होने डाक्यूमेंट शेयर करने के लिए कहा है, यदि उन्हें महाराष्ट्र मे इन्वेस्टिगेशन का अधिकार मिल गया है तो उसकी जानकारी शेयर करें.
नॉन कापरेशन का सवाल नहीं उठता हम ये देख रहे है उनका ज्यूरीडिक्शन का अधिकार बनता है या नही है, हम लीगल कार्रवाई कर रहे हैं
रिया फरार है या नहीं इस सवाल पर मैं किस आधार पर कह सकता हूं. फिलहाल हम इस बारे में कुछ नहीं कह सकते हैं.
दिशा का केस है 8-9 जून की रात का है, मालवानी इलाके में उनकी बिल्डिंग मे पार्टी मे 6 लोग हाजिर थे, पुलिस इन्वेस्टिगेशन शुरू हुआ है, ये ही 6 लोग हाजिर थे, इसमें इन्वेस्टिगेशन चल रहा है, मार्च मे उनकी सुशांत से मुलाकात हुई थी, जब उनका नाम सुशांत से लिंक किया गया तो वो बहुत डिस्टर्ब थे. राजपूत अपना नाम नेट पर सर्च करते थे, बाइपोलर डिसआर्डर सर्च करते थे, उन्होंने अपने एडवोकेट से पूछा था दिशा कौन है
इस केस में अब तक करीब 50 लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं. उनका कहना है कि सुशांत और उनकी गर्ल फ्रेंड के बीच भी रिश्ते ठीक नहीं थे.
कमिश्नर ने बताया कि रिया के दो बार बयान दर्ज किए गए, जिसमें पहली बार उन्होंने बताया कि उन दोनों के रिश्तों में कुछ खट्टास थी. उन्होंने मिलने की कहानी को लेकर, सुशांत की मानसिक बीमारी और कुछ घटनाओं को लेकर जानकारी दी
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