सुशांत सिंह राजपूत केस : जांच टीम में 'मराठी सिंघम' ऑफिसर की इंट्री, ड्रग्स कनेक्शन केस के हैं एक्सपर्ट
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सुशांत सिंह राजपूत केस : जांच टीम में 'मराठी सिंघम' ऑफिसर की इंट्री, ड्रग्स कनेक्शन केस के हैं एक्सपर्ट
सुशांत सिंह राजपूत.

Sushant Singh Case: समीर वानखेड़े के नेतृत्व में पिछले दो सालों के अंदर ही करीब 17 हजार करोड़ की नारकोटिक्स को पकड़ा गया और आरोपियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई. समीर मुंबई में केंद्रीय राजस्व खुफ़िया निदेशालय में जॉइन करने से पहले दिल्ली स्थित केंद्रीय जांच एजेंसी एनआईए (NIA) में कार्यरत थे.

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  • Last Updated: September 3, 2020, 12:40 PM IST
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नई दिल्ली. केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने एक बड़ा फैसला लेते हुए कहा है कि डीआरआई यानी केंद्रीय राजस्व खुफिया निदेशालय (Directorate of Revenue Intelligence) के बेहद चर्चित और तेज तर्रार अधिकारी समीर दनयनदेव वानखेड़े की 6 महीने के लिए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (Narcotics Control Bureau (NCB) ) में सेवा ली जाएगी. काफी तेज तर्रार अधिकारी माने जाने वाले समीर वानखड़े महाराष्ट्र और गोआ जोन के फिलहाल जोनल डायरेक्टर हैं. ड्रग्स से जुड़े मामलों के समीर विशेषज्ञ माने जाते हैं. वो 2008 बैच के आईआरएस (IRS) अधिकारी हैं , लेकिन इनके काम करने का अंदाज किसी हॉलीवुड और बॉलीवुड के सुपर सिंघम पुलिस अधिकारी के जैसा है, जो रील लाइफ में नहीं बल्कि रियल लाइफ में भी सिंघम जैसे काम करते हैं.

सुशांत सिंह की संदिग्ध मौत की तफ्तीश में क्या होगी समीर वानखेड़े की भूमिका?
दिवंगत फिल्म स्टार सुशांत सिंह की संदिग्ध मौत मामले की तफ्तीश के लिए केंद्रीय जांच एजेंसी- सीबीआई, ईडी और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की टीम विशेष तौर पर जांच में जुटी है. इस मामले में जब से ड्रग्स माफियाओं की भूमिका सामने आई है तब से एनसीबी की टीम दिन रात इस मामले की हर संभव पड़ताल में जुट गई है. आईआरएस अधिकारी समीर वानखेड़े पिछले कुछ सालों में ही डीआरआई में कार्य करने के दौरान मुंबई से लेकर गोवा तक ड्रग्स माफियाओं के खिलाफ काफी कार्रवाई कर चुके हैं. इसके साथ ही कई राज्यों में फैले ड्रग्स कारोबारियों के बारे में उन राज्यों की पुलिस प्रशासन को सतर्क करते रहते हैं, लिहाजा इसी बात को ध्यान में रखते हुए सुशांत सिंह की संदिग्ध मौत मामले में एनसीबी यानी नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की टीम को ये काफी मदद कर सकते हैं. डीआरआई की अगर बात करें तो समीर वानखेड़े के नेतृत्व में पिछले दो सालों के अंदर ही करीब 17 हजार करोड़ की नारकोटिक्स को पकड़ा गया और आरोपियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई. इसके साथ ही करीब एक हजार करोड़ का हेरोइन भी हाल में ही डीआरआई ने जब्त किया था .

सिंघम नाम से बुलाया जाता है समीर को
समीर मुंबई में केंद्रीय राजस्व खुफ़िया निदेशालय में जॉइन करने से पहले दिल्ली स्थित केंद्रीय जांच एजेंसी एनआईए (NIA ) में कार्यरत थे, जहां उन्होंने आतंकवाद से जुड़े दर्जनों मामलों का समाधान किया था और कई आतंकियों को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाया था, एनआईए के वरिष्ठ अधिकारी उसे 'सिंघम' कहकर बुलाते थे, इसलिए आज भी उनके कई बैचमैट और एनआईए, डीआरआई अधिकारी उन्हें इसी नाम से बुलाते हैं .





कई आतंकियों को किया गिरफ्तार
समीर की टीम ने ही आतंकी संगठन आईएसआईएस (ISIS ) का आतंकी आरिब मजीद को गिरफ्तार किया था. ये आरिब मजीद वही शख्स है जो इराक और सीरिया में जिहादी आतंकियों का साथ देने के लिए भारतीय युवकों का चयन करता था. उसे आईएस के द्वारा फिदाइन अटैक से लेकर बम -विस्फोटक बनाने की ट्रेनिंग देने के बाद दूसरे युवाओं को आतंकी संगठन में भर्ती करवाने और उसको आत्मघाती दस्ता तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई थी. अन्य मामलों की अगर बात करें तो अंडरवल्र्ड डॉन दाउद इब्राहिम का बेहद करीबी गैंगस्टर दाउद चिकना के भाई को समीर वानखेड़े की टीम ने ही गिरफ्तार करते हुए गुजरात के भरूच मर्डर मामले का खुलासा किया था. साथ ही ये साबित किया था की कैसे गुजरात में दो बीजेपी (BJP ) के नेताओं की हत्या मामले में आतंकी संगठन से जुड़े आरोपियों की भूमिका रही थी.

सुशांत सिंह की मौत और ड्रग्स कनेक्शन
सुशांत सिंह राजपुत की संदिग्ध अवस्था में हुई मौत मामले में जिस तरह से बॉलीवुड में कई ड्रग्स कनेक्शन के मामले सामने आ रहे हैं, लिहाजा ऐसा फिलहाल कहा जा सकता है की आने वाले वक्त में सीबीआई, ईडी की तफ्तीश से ज्यादा महत्वपूर्ण भूमिका अब एनसीबी की मानी जा रही है, एनसीबी ही इस मामले में कोई बडा खुलासा कर सकती है.
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