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मुंबई: आम लोगों के लिए लोकल ट्रेन शुरू होने की उम्मीद कम, नाइट कर्फ्यू पर भी चल रहा विचार

मुंबई लोकल में सफर के लिए आम जनता को अभी और इंतजार करना होगा. (सांकेतिक तस्वीर)
मुंबई लोकल में सफर के लिए आम जनता को अभी और इंतजार करना होगा. (सांकेतिक तस्वीर)

लॉकडाउन (Lockdown) के बाद से बंद पड़ी लोकल ट्रेन को बीती 15 जून को जरूरी सेवाओं में शामिल लोगों के लिए खोल दिया गया था. ट्रेन में सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों के पालन के लिए 1200 यात्रियों की जगह केवल 700 लोग ही सफर कर पा रहे थे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 12, 2020, 12:55 PM IST
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मुंबई. देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में प्रशासन कोरोना वायरस (Coronavirus) को लेकर काफी सतर्क नजर आ रहा है. ऐसे में यहां फिलहाल सभी लोगों के लिए लोकल ट्रेन (Mumbai Local Trains) शुरू होने की संभावनाएं कम हैं. इतना ही नहीं सरकार हालात बिगड़ने पर नाइट कर्फ्यू (Night Curfew) लगाने पर भी विचार कर सकती है. खास बात है कि देश के कई बड़े शहरों में वायरस की रोकथाम के लिए नाइट कर्फ्यू लगाया गया है. मुंबई में शुक्रवार को कोरोना वारयस के 654 नए मामले मिले हैं. शहर में अब तक 2 लाख 89 हजार 343 लोग वायरस की चपेट में आ चुके हैं और 10959 मरीजों की मौत हो चुकी है.

कयास लगाए जा रहे थे कि मुंबई में लोकल ट्रेन जल्दी ही आम लोगों के लिए भी शुरू हो सकती है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अधिकारियों ने यह साफ किया है कि फिलहाल ऐसा करने का कोई भी प्लान नहीं है. सामाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, मुंबई म्युनिसिपल कमिश्नर इकबाल सिंह चहल ने पहले कहा था कि क्रिसमस और नए साल पर होने वाले जश्न के बाद हालात को देखते हुए आम जनता को अनुमति पर विचार किया जाएगा.

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उन्होंने कहा था 'क्रिसमस और नए साल की शाम के दौरान हालात को देखते हुए हम लोकल ट्रेन शुरू करने को लेकर फैसला ले सकते हैं.' उन्होंने यह चेतावनी भी दी है कि अगर लोगों ने लगातार कोरोना वायरस नियमों का उल्लंघन जारी रखा, तो सरकार को शहर में नाइट कर्फ्यू लगाना होगा. उन्होंने शहर में देर रात चलने वाले क्लब्स को देखते हुए राज्य सरकार के नाइट कर्फ्यू को लेकर पत्र लिखा है. उन्होंने बताया 'सरकार नाइट कर्फ्यू लगाने के पक्ष में नहीं है, क्योंकि इससे लोगों में परेशानियां बढ़ जाती है. इसलिए 25 दिसंबर तक इंतजार करने और हालात देखने का फैसला लिया गया है.'

लॉकडाउन के बाद से बंद पड़ी लोकल ट्रेन को बीती 15 जून को जरूरी सेवाओं में शामिल लोगों के लिए खोल दिया गया था. ट्रेन में सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों के पालन के लिए 1200 यात्रियों की जगह केवल 700 लोग ही सफर कर पा रहे थे. मध्य और पश्चिम रेलवे ने एक बयान जारी किया था. जिसमें कहा गया था कि जो लोग जरूरी सेवाओं से जुड़े हुए हैं, अगर उनके पास आईकार्ड है तो, उन्हें लोकल ट्रेन में सफर करने दिया जाएगा. इसके बाद बीएमसी ने ट्रेन में भीड़ कम करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक पास की शुरुआत की थी.
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