सचिन वाजे के आरोपों पर बोले अनिल परब- ये बदनाम करने की कोशिश, मैं नार्को टेस्ट के लिए तैयार हूं

अनिल परब ने सभी आरोपों को खारिज किया है. (Photo-ANI)

अनिल परब ने सभी आरोपों को खारिज किया है. (Photo-ANI)

Sachin Vaze Letter: वाजे के आरोपों पर अनिल परब ने कहा कि पिछले 2 दिनों से, भाजपा कार्यकर्ता कह रहे थे कि अनिल परब का नाम सामने आया होगा और उन्हें इस्तीफा देना होगा. उन्हें कैसे पता चला कि सचिन वाजे एक पत्र देंगे. यह स्पष्ट है कि ये महाराष्ट्र के मंत्रियों को बदनाम करने की योजना है.

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मुंबई. निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाजे (Sachin Waze) के दावे पर उद्धव सरकार के मंत्री अनिल परब (Anil Parab) ने कहा कि महाराष्ट्र के मंत्रियों को बदनाम करने की साजिश रची जा रही है. वाजे ने बुधवार को दावा किया कि राज्य के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) ने मुंबई पुलिस में उनकी सेवा जारी रखने के लिए उनसे दो करोड़ रुपये मांगे थे. साथ ही, एक अन्य मंत्री अनिल परब पर आरोप लगाया है कि उन्होंने ठेकेदारों से वसूली करने को कहा था.

वाजे के आरोपों पर अनिल परब ने कहा कि पिछले 2 दिनों से, भाजपा कार्यकर्ता कह रहे थे कि अनिल परब का नाम सामने आया होगा और उन्हें इस्तीफा देना होगा. उन्हें कैसे पता चला कि सचिन वाजे एक पत्र देंगे. यह स्पष्ट है कि ये महाराष्ट्र के मंत्रियों को बदनाम करने की योजना है. अनिल परब ने कहा कि "सचिन वाजे ने पहले इस बारे में बात क्यों नहीं की? उन्होंने पहले मेरा नाम क्यों नहीं लिया है. अचानक, वह एक पत्र लिखते हैं. इसका मतलब है कि सरकार को बदनाम करने के लिए ऐसा किया गया है." परब ने कहा कि "मैं किसी भी तरह की जांच के लिए तैयार हूं. मैं नार्को टेस्ट के लिए भी तैयार हूं."

एनआईए की हिरासत में हैं सचिन वाजे
वाजे को पुलिस सेवा में पिछले साल फिर से बहाल किया गया था. उन्होंने एक पत्र में यह सनसनीखेज दावा किया, जिसे उन्होंने यहां विशेष एनआईए अदालत के समक्ष पेश करने की कोशिश की. हालांकि, विशेष न्यायाधीश पी आर सित्रे ने उनके पत्र को रिकार्ड में लेने से इनकार कर दिया और उनसे जरूरी प्रक्रिया का पालन करने को कहा.
वाजे, मुंबई के एक पॉश इलाके में संदिग्ध वाहन पाये जाने और कारोबारी मनसुख हिरन की मौत के मामले में आरोपी है. इस वाहन से विस्फोटक सामग्री बरामद हुई थी. वाजे अभी एनआईए हिरासत में है. विवादास्पद सहायक पुलिस निरीक्षक वाजे ने आरोप लगाया कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार संभवत: यह चाहते हैं कि उन्हें फिर से निलंबन में रखा जाए.



पवार की पार्टी एनसीपी महाराष्ट्र की गठबंधन सरकार में शामिल है.

वाजे ने पत्र में कही ये बात
वाजे ने कहा, ‘‘मुझे छह जनवरी 2020 को सेवा में फिर से बहाल किया गया. इसके शीघ्र बाद कुछ लोग इस निर्णय को पलटना चाहते थे.’’ उन्होंने कहा, ‘‘संभवत:, तब शरद पवार ने मुझे फिर से निलंबन में रखने का आदेश दिया.’’

वाजे ने चार पृष्ठों के हाथ से लिखे पत्र में दावा किया, ‘‘उस वक्त तत्कालीन गृह मंत्री महोदय (देशमुख) ने भी मुझसे कहा था कि वह पवार साहेब को मनाएंगे और उसके लिए उन्होंने मुझे दो करोड़ रुपये देने को कहा था. ’’

वाजे ने कहा कि उन्होंने इतनी बड़ी रकम अदा करने में अपनी अक्षमता जताई. उन्होंने कहा, ‘‘इस पर गृह मंत्री महोदय ने मुझसे बाद में रकम अदा करने को कहा था. ’’

गौरतलब है कि मुबंई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने भी कुछ दिन पहले दावा किया था कि देशमुख ने पुलिस अधिकारियों से बार और रेस्तरां से 100 करोड़ रुपये की वसूली करने के लिए कहा था. हालांकि, देशमुख ने इस आरोप को खारिज कर दिया है.

वाजे ने अपने पत्र में यह दावा भी किया है कि जनवरी 2021 में राज्य के एक अन्य मंत्री अनिल परब ने उनसे बृहन्मुंबई महानगरपालिका में धोखेबाज के तौर पर सूचीबद्ध ठेकेदारों के खिलाफ एक जांच करने और ऐसे करीब 50 ठेकेदारों से कम से कम दो करोड़ रुपये की वसूली करने कहा था.

शिवसेना नेता परब ने वाजे के दावे को खारिज करते हुए संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं बाल ठाकरे और अपनी दो बेटियों की कसम खाता हूं कि मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है.’’ उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और महाविकास आघाडी सरकार को बदनाम करने की यह भाजपा की साजिश है.
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