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Aarey Colony : सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर शिवसेना ने कहा- सरकार की नैतिक हार

Abhishek Pandey | News18Hindi
Updated: October 7, 2019, 11:45 AM IST
Aarey Colony : सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर शिवसेना ने कहा- सरकार की नैतिक हार
मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से पूछा कि क्या आपके पास इस बात का सबूत हैं कि आरे पहले जंगल या इको सेंसेटिव जोन में आता था और अगर ऐसा था तो क्या सरकार ने इसे बदला? (फाइल फोटो)

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने लगाई आरे कॉलोनी (Aarey Colony) में पेड़ काटने पर रोक, साथ ही हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों की तत्काल रिहाई का दिया आदेश.

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  • Last Updated: October 7, 2019, 11:45 AM IST
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मुंबई. देश की आर्थिक राजधानी मुंबई (Mumbai) के आरे कॉलोनी (Aarey Colony) के पेड़ों की कटाई पर रोक के सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के आदेश के बाद शिवसेना (Shiv Sena) की ओर से बड़ा बयान आया है. शिवसेना ने कोर्ट के फैसले पर कहा कि यह सरकार की नैतिक हार है. पार्टी की नेता मनीषा कयांडे ने कहा कि यह शिवसेना और पर्यावरण के लिए प्रदर्शन कर रहे लोगों की जीत करार दिया है. शिवसेना ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि आरे डी क्लासीफाइड माना है और हमारी सरकार आई तो हम आरे को क्लासीफाइड घोषित करेंगे.

कोर्ट ने लगाई रोक
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के आरे कॉलोनी में पेड़ों की कटाई पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है. अब इस मामले पर 21 अक्टूबर को अलगी सुनवाई होगी. पेड़ों की कटाई पर 14 अक्टूबर तक रोक जारी रहेगी. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद महाराष्ट्र सरकार का पक्ष रख रहे तुषार मेहता ने कहा कि अब सरकार कोई पेड़ नहीं काटेगी. जस्टिस मिश्रा ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार रिपोर्ट दे और कोर्ट को बताए कि अबतक आरे में कितने पेड़ काटे गए हैं?

हिरासत में जिन्हें लिया उन्हें रिहा करो

इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को आदेश दिया कि आरे में पेड़ों की कटाई का विरोध कर रहे जिन लोगों को हिरासत में लिया गया था, उन्हें तुरंत रिहा किया जाए. इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय को भी इस केस में एक पार्टी के तौर पर शामिल किया जाए.

क्या आरे जंगल या इको सेंसेटिव जोन था?
मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से पूछा कि क्या आपके पास इस बात का सबूत हैं कि आरे पहले जंगल या इको सेंसेटिव जोन में आता था और अगर ऐसा था तो क्या सरकार ने इसे बदला? कोर्ट ने कार्यकर्ताओं से कहा कि इसके लिए आप हमें सही डॉक्यूमेंट दिखाएं, मीडिया रिपोर्ट नहीं. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता महाराष्ट्र सरकार की ओर से अपना पक्ष रख रहे हैं. जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस अशोक भूषण की स्पेशल बेंच मामले पर सुनवाई की.
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First published: October 7, 2019, 11:18 AM IST
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