Arnab Goswami Arrested: अर्नब गोस्वामी गिरफ्तार, इंटीरियर डिजाइनर को खुदकुशी के लिए उकसाने का आरोप

गोस्वामी ने पुलिस पर अपने साथ मारपीट का आरोप लगाया. (वीडियो ग्रैब ANI से)
गोस्वामी ने पुलिस पर अपने साथ मारपीट का आरोप लगाया. (वीडियो ग्रैब ANI से)

न्यूज चैनल रिपब्लिक टीवी (Republic TV) के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी (Arnab Goswami) पर आरोप है कि उन्होंने अन्वय नाइक नाम के 53 वर्षीय एक इंटीरियर डिजाइनर को बकाया राशि नहीं दी थी, जिसके कारण उन्होंने कथित रूप से खुदकुशी कर ली.

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  • Last Updated: November 4, 2020, 9:52 PM IST
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मुंबई. न्यूज चैनल रिपब्लिक टीवी (Republic TV) के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी (Arnab Goswami) को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. गोस्वामी पर एक इंटीरियर डिजाइनर और उनकी मां को सुसाइड के लिए उकसाने का आरोप है. पुलिस ने अर्नब को उनके घर से गिरफ्तार किया और थाने लेकर आई. इस बीच अर्नब गोस्वामी ने पुलिस पर अपने साथ मारपीट का आरोप लगाया है. रिपब्लिक टीवी ने उनके घर के लाइव फुटेज भी दिखाए, जिसमें पुलिस और अर्नब के बीच झड़प होती दिख रही है. बता दें कि अर्नब गोस्वामी पहले ही टीआरपी स्कैम में घिरे हैं.

अर्नब गोस्वामी ने मुंबई पुलिस पर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने सास-ससुर, बेटे और पत्नी के साथ मारपीट की. उन्होंने मुंबई पुलिस पर गुंडागर्दी का आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने उन्हें परिवार से बात करने से रोका.





क्यों हिरासत में लिए गए अर्नब गोस्वामी?
अर्नब गोस्वामी और दो अन्य लोगों पर आरोप है कि उन्होंने अन्वय नाइक नाम के 53 वर्षीय एक इंटीरियर डिजाइनर को बकाया राशि नहीं दी थी, जिसके कारण उन्होंने कथित रूप से खुदकुशी कर ली. इंटीरियर डिजाइनर अन्वय नाइक की बेटी आज्ञा नाइक ने दावा किया था कि रायगढ़ जिले में अलीबाग पुलिस ने बकाया राशि न दिए जाने के मामले में उचित कार्रवाई नहीं की थी. इसलिए अन्वय और उनकी मां को आत्महत्या का कदम उठाना पड़ा. कथित तौर पर अन्वय नाइक द्वारा लिखे गए सुसाइड नोट में कहा गया था कि आरोपियों ने उनके 5.40 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया था इसलिए उन्हें आत्महत्या का कदम उठाना पड़ा. रिपब्लिक टीवी ने आरोपों को खारिज कर दिया था. इसी मामले में अर्नब गोस्वामी को हिरासत में लिया गया है.



अर्नब के खिलाफ पहले नहीं मिले थे सबूत
अन्वय की पत्नी अक्षता ने इसी साल मई में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से न्याय की गुहार लगाई थी. हालांकि, रायगढ़ के तब के एसपी अनिल पारसकर के मुताबिक, इस मामले की छानबीन के बाद आरोपियों के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले थे. पुलिस ने कोर्ट में रिपोर्ट भी दाखिल कर दी थी. शिकायतकर्ता को इसकी कॉपी भेजी गई, लेकिन उन्होंने इस पर दस्तखत करने से मना कर दिया था. इसके बाद उन्हें रिपोर्ट की कॉपी ईमेल से भेज दी गई.
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