शिवसेना के स्थापना दिवस पर बोले उद्धव ठाकरे- 'जब-जब देश पर संकट आता है, हम खड़े होते हैं'
Maharashtra News in Hindi

शिवसेना के स्थापना दिवस पर बोले उद्धव ठाकरे- 'जब-जब देश पर संकट आता है, हम खड़े होते हैं'
शिवसेना के स्थापना दिवस पर उद्धव ठाकरे ने ऑनलाइन कार्यकर्ताओं को संबोधित किया.

उद्धव ठाकरे ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि जब-जब देश पर संकट आता है. शिवसेना ही खड़ी होती है और ऐसे में इस समय जब भारत के ऊपर हिमालय (Himalaya) की तरफ से संकट आया है तो उस संकट को मात देने के लिए सहयात्री की पहाड़ियां ही सामने आएंगे.

  • Share this:
मुंबई. महाराष्ट्र (Maharashtra) में सत्ताधारी पार्टी शिवसेना (Shivsena) का आज 54 वां स्थापना दिवस है और ऐसे में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने कार्यकर्ताओं को ऑनलाइन संबोधित किया. उद्धव ठाकरे ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि जब-जब देश पर संकट आता है. शिवसेना ही खड़ी होती है और ऐसे में इस समय जब भारत के ऊपर हिमालय (Himalaya) की तरफ से संकट आया है तो उस संकट को मात देने के लिए सहयात्री की पहाड़ियां ही सामने आएंगे.

कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए ठाकरे ने शिवसेना के सभी कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाया कि 1 दिन देश का प्रधानमंत्री भी शिवसैनिक ही बनेगा.

शिवसेना के ऊपर अन्याय हो रहा था
बीजेपी द्वारा शिवसेना के ऊपर लगाए गए विश्वासघात के आरोपों पर बोलते हुए ठाकरे ने कहा, 'शिवसेना के ऊपर अन्याय हो रहा था जिसके कारण उस अन्याय को खत्म करने के लिए मुझे मुख्यमंत्री बनना पड़ा. साथ ही शिवसेना को अब किसी दूसरे बादल का डर नहीं है क्योंकि शिवसेना खुद एक आदत है.
बता दें कि 19 जून को शिवसेना का स्थापना दिवस है. 19 जून को हर साल पार्टी के स्थापना दिवस पर शिवसेना कार्यकर्ताओं द्वारा बड़े कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है. हालांकि इस साल देशभर में कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए पार्टी द्वारा किसी भी तरह के कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया गया. पार्टी के स्थापना दिवस पर उद्धव ठाकरे ने नेताओं और कार्यकर्ताओं को ऑनलाइन संबोधित किया.



ये भी पढ़ेंः-COVID-19: कोरोना की चपेट में आए दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन, दूसरा टेस्‍ट निकला पॉजिटिव

1966 में हुई थी पार्टी की स्थापना
19 जून 1966 को बाल ठाकरे ने मराठी मानुष का मुद्दा उठाते हुए पार्टी की स्थापना की थी. उन्होंने कहा था कि जिस प्रकार से महाराष्ट्र में ही मराठी मानुष के साथ अन्याय हो रहा है. उसको शिवसेना खत्म करेगी. शिवसेना मराठी लोगों के साथ हो रहे अन्याय को बर्दाश्त नहीं करेगी. इस घोषवाक्य का शिवसेना को काफी फायदा भी मिला. साल 1989 में बाल ठाकरे ने प्रमोद महाजन और गोपीनाथ मुंडे के साथ मिलकर महाराष्ट्र में बीजेपी से गठबंधन किया था.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading