महाराष्ट्र सरकार को बदनाम करने वाले सोशल मीडिया खातों के पीछे कौन है: NCP

पुलिस को ‘ट्रोलिंग’ के लिए कई फर्जी ‘अकाउंट’ का इस्तेमाल किये जाने के बारे में पता चला है.  (प्रतीकात्मक तस्वीर)
पुलिस को ‘ट्रोलिंग’ के लिए कई फर्जी ‘अकाउंट’ का इस्तेमाल किये जाने के बारे में पता चला है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

80,000 Fake Social Media Accounts: ऐसी खबरें सामने आई हैं कि महाराष्ट्र सरकार (Maharshtra Government) और पुलिस को बदनाम करने के लिए 80 हजार से ज्यादा फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाए गए थे. मुंबई पुलिस कि साइबर सेल ने इस मामले में दो FIR दर्ज कर अपनी जांच शुरू कर दी है.

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मुंबई. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (Nationalist Congress Party) ने मंगलवार को मांग की कि फेसबुक (Facebook) और ट्विटर (Twitter) को इस बात की घोषणा करनी चाहिए कि महाराष्ट्र सरकार (Maharshtra Government) और उसकी पुलिस को कथित तौर पर बदनाम करने के लिए बनाए गए सोशल मीडिया खातों (Social Media Accounts) का संचालन कौन करता है?  बड़ी संख्या में फर्जी सोशल मीडिया खाते (Fake Social Media Accounts) होने के बारे में आई खबरों के बाद महाराष्ट्र सरकार में शामिल सहयोगी दल राकांपा ने यह मांग की है.

राकांपा के प्रवक्ता महेश तपासे ने एक बयान में कहा कि ये खाते अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत (Sushant Singh Rajput Death Case) के मामले के संबंध में बनाए गए थे. एक अमेरिकी विश्वविद्यालय (American University) की ओर से किए गए अध्ययन का हवाला देते हुए तापसे ने कहा कि सोशल मीडिया पर इस तरह के करीब 80,000 खाते महाराष्ट्र सरकार, उसके मंत्रियों और मुंबई पुलिस (Mumbai Police) को बदनाम करने के लिए खोले गए थे ताकि बिहार चुनाव (Bihar Elections) में फायदा लिया जा सके. उन्होंने मांग की, फेसबुक और ट्विटर को यह खुलासा करना चाहिए कि ये फर्जी खाते किसके हैं और किस आईपी पते पर यह खाते बनाए गए?

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दो प्राथमिकी हुई हैं दर्ज
इससे पहले दिन में, मुम्बई पुलिस के साइबर प्रकोष्ठ ने शहर के पुलिस आयुक्त को सोशल मीडिया पर ‘ट्रोल’ करने और उनके तथा सुरक्षा बल के खिलाफ गाली-गलौज वाली भाषा का इस्तेमाल करने के लिये अज्ञात लोगों के खिलाफ दो प्राथमिकी दर्ज की.

एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि पुलिस को ‘ट्रोलिंग’ के लिए कई फर्जी ‘अकाउंट’ का इस्तेमाल किये जाने के बारे में पता चला है.

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बल के खिलाफ अपमानजनक भाषा का हो रहा इस्तेमाल
साइबर प्रकोष्ठ की पुलिस उपायुक्त रश्मि करंदीकर ने कहा, ‘‘कई सोशल मीडिया खाता धारक मुम्बई पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह को ट्विटर, इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे विभिन्न मंचों पर ट्रोल कर रहे हैं और उनके तथा बल के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं.’’ उन्होंने बताया कि इसे गंभीरता से लेते हुए साइबर प्रकोष्ठ ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत ऐसे कई अकाउंट धारकों के खिलाफ दो प्राथमिकी दर्ज की है.

अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच जारी है.
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