विश्व की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक कार कंपनी महाराष्ट्र में डाल सकती है यूनिट, इनवेस्टमेंट पर सरकार की नजर

फोटो साभारः ट्विटर/@MontrealTesla

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Mumbai Latest news in Hindi: कंपनी मुंबई में भी ऑफिस खोलने वाली है. उनके किस मॉडल की मांग भारत में होगी, यह बात पता लगाने के कंपनी यहां उत्पादन इकाई शुरू करेगी. ऐसे में यह कहना गलत है कि कंपनी बैंग्लौर चली गई है.

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  • Last Updated: March 10, 2021, 7:45 PM IST
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मुंबई. विश्व की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक कार बनाने वाली कंपनी टेस्ला ने बैंग्लौर में उत्पादन यूनिट नहीं लगाई है, वहां केवल एक शो रूम और कार्यालय शुरू किया है. कंपनी ने कई राज्यों में सर्वे किया है और उसका कहना है कि महाराष्ट्र में उद्योग का वातावरण बेहद उत्साहवर्धक है. ऐसे में कंपनी को महाराष्ट्र लाने के प्रयास किए जा रहे हैं. टेस्ला की परियोजना कहीं नहीं गई है, ऐसे में डरने की कोई बात नहीं है. विधानसभा में यह बात उद्योग मंत्री सुभाष देसाई ने कही. वे प्रश्नकाल के दौरान सवालों के जवाब दे रहे थे.

देसाई ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने कभी नहीं कहा था कि टेस्ला कंपनी महाराष्ट्र आएगी. हमने कहा था कि टेस्ला का निवेश भारत आए और इसके लिए महाराष्ट्र सरकार प्रत्यनशील है. सरकार ने कंपनी प्रमुख से चर्चा की. उद्योग मंत्री ने कहा कि टेस्ला ने बैंग्लौर में उत्पादन शुरू करने का निर्णय नहीं लिया है. कंपनी ने वहां एक बिक्री शो रूम और एक कार्यालय शुरू करने का फैसला लिया है. इस मल्टीनेशनल कंपनी के किस इलेक्ट्रिक वाहन को भारत में प्रतिसाद मिलता है. इसे देखने के लिए बैंग्लौर में ऑफिस खोला गया है.

मुंबई में ऑफिस खोलने की तैयारी

कंपनी मुंबई में भी ऑफिस खोलने वाली है. उनके किस मॉडल की मांग भारत में होगी, यह बात पता लगाने के कंपनी यहां उत्पादन इकाई शुरू करेगी. ऐसे में यह कहना गलत है कि कंपनी बैंग्लौर चली गई है. देसाई ने कहा कि टेस्ला कंपनी का कहना है कि महाराष्ट्र में उद्योग का वातावरण उत्साहवर्धक है. इस पर हमें अभिमान होना चाहिए. यह परियोजना कहीं गई नहीं है, ऐसे में डरने की कोई बात नहीं है. हम इसे महाराष्ट्र में लाने का प्रयास करेंगे.
पुणे में कंपनी को दिया गया एक बड़ा भूखंड

पुणे की बजाय कंपनी के सवाल पर उद्योग मंत्री ने कहा कि कंपनी को बहुत पहले भूखंड दिया गया था. जब-जब वे उद्योग का विस्तार करते हैं, जब जमीन का उपयोग करते है. पुणे के चाकण में एक बड़ा भूखंड खाली है. उसे उद्योग नहीं लगाने पर एमआईडीसी ने नोटिस दिया था. जिसके खिलाफ कंपनी हाईकोर्ट चली गई. इसके बाद कंपनी ने वहां बड़ा उद्योग लगाने का करार दिया. जल्द ही वे वहां निर्माण कार्य शुरू करेंगे. वहां बिजली से चलने वाला उद्योग लगाया जाएगा. यह उत्पादन केंद्र बनने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे. देसाई ने कहा कि बजाय  शुरुआती समय से ही महाराष्ट्र का बड़ा उद्योग समूह रहा है और उसका एक भी केंद्र महाराष्ट्र से बाहर नहीं है. जब जमीन का मसला आया तो उन्होंने कहा कि सभी विस्तार महाराष्ट्र में ही करेंगे. ऐसे में बजाय कंपनी के साथ करार योग्य है. उन्होंने कहा कि कंपनी की पेनॉल्टी माफ करने का काम किया है. इसके अलावा कंपनी पर कोई भी पैसा नहीं छोड़ा जाएगा.

एक सवाल के जवाब में देसाई ने कहा कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम (एमएसएमई) उद्योग को बढ़ावा देने की नीति महाराष्ट्र सरकार की है. औद्योगिक क्षेत्रों में लघु उद्योगों के लिए एक अलग भूखंड रखा गया है. उनके लिए प्लॅग एंड प्ले नीति बनाई गई है, जिसके तहत उन्हें गाले तैयार कर दिए जाते हैं. उन्होंने कहा कि मुंबई में प्रदूषण बढ़ाने वाले उद्योग नहीं आए, यह हमारी नीति है.
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