सीरम के CEO अदार पूनावाला को जेड+ सिक्योरिटी देने की मांग, बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दाखिल

अदार पूनावाला  (File pic)

अदार पूनावाला (File pic)

कोरोना वायरस रोधी वैक्सीन बनाने वाली सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला (Adar Poonawallah) और उनके परिवार को जेड + सुरक्षा देने की मांग की गई है.

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मुंबई. देश में कोरोना वायरस रोधी वैक्सीन बनाने वाली सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला (Adar Poonawalla) और उनके परिवार को जेड + सुरक्षा देने की मांग की गई है. इसके लिए बॉम्बे हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई है. बीते हफ्ते केंद्र सरकार ने पूनावाला का वाई श्रेणी की सुरक्षा दी थी. पूनावाला फिलहाल अपने परिजनों के साथ ब्रिटेन में हैं.

पुणे स्थित एसआईआई में सरकार एवं नियमन कार्य के निदेशक प्रकाश कुमार सिंह ने 16 अप्रैल को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को चिट्ठी लिखकर पूनावाला को सुरक्षा देने का आग्रह किया था जिसके बाद केंद्र सरकार ने यह फैसला किया था. अधिकारियों के मुताबिक, पूनावाला को ‘संभावित खतरे’ को देखते हुए उन्हें सुरक्षा दी गई है. केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के सशस्त्र कमांडो हर वक्त पूनावाला के साथ रहेंगे और वे कारोबारी के साथ तब भी रहेंगे जब वह देश के किसी भी हिस्से की यात्रा कर रहे होंगे. ‘वाई’ श्रेणी की सुरक्षा के तहत पूनावाला के साथ करीब 4-5 सशस्त्र कमांडो रहेंगे.

भारत में लगाए जा रहे दो कोविड-19 रोधी टीकों में से ‘कोविशील्ड’ टीके का विनिर्माण एसआईआई कर रहा है. दूसरे टीके ‘कोवैक्सीन’ को भारत बायोटेक ने बनाया है. अपने पत्र में सिंह ने कहा था कि कोविड-19 टीके की आपूर्ति को लेकर विभिन्न समूहों से पूनावाला को धमकियां मिल रही हैं. सिंह ने यह भी कहा था, हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊर्जावान नेतृत्व में भारत सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलकर कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ रहे हैं.'

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मेरे ऊपर बहुत दबाव- पूनावाला

बीते दिनों पूनावाला ने कोविड-19 की वैक्सीन की आपूर्ति बढ़ाने लेकर अपने ऊपर भारी दबाव की बात की थी. उन्होंने कहा कि सब भार उनके सर पड़ रहा जबकि यह काम अकेले के वश का नहीं है. सरकारी सुरक्षा दिए जाने के बाद अपनी पहली टिप्पणी में पूनावाला ने लंदन के अखबार ‘दि टाइम्स’ के साथ बातचीत में कहा कि कोविशील्ड वैक्सीन की आपूर्ति की मांग को लेकर भारत के सबसे शक्तिशाली लोगों में से कुछ ने उनसे फोन पर उग्रतापूर्वक बातें की हैं.




पूनावाला ने समाचार पत्र से कहा था, ‘मैं यहां (लंदन) तय समय से अधिक रूक रहा हूं, क्योंकि मैं उस स्थिति में वापस नहीं जाना चाहता. सब कुछ मेरे कंधों पर पड़ गया है, लेकिन मैं इसे अकेले नहीं कर सकता... मैं ऐसी स्थिति में नहीं रहना चाहता, जहां आप सिर्फ अपना काम करने की कोशिश कर रहे हों, और सिर्फ इसलिए कि आप हर किसी की जरूरत को पूरा नहीं कर सकते, आप अंदाज नहीं लगा सकते कि बदले में वे क्या करेंगे.’

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