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ऑनलाइन क्लास बनी कई घरों की मुसीबत; स्मार्टफोन 1 और बच्चे 2, अब छूट रही पढ़ाई या हो रही लड़ाई

News18Hindi
Updated: May 23, 2020, 5:41 PM IST
ऑनलाइन क्लास बनी कई घरों की मुसीबत; स्मार्टफोन 1 और बच्चे 2, अब छूट रही पढ़ाई या हो रही लड़ाई
एक स्मार्टफोन शेयर करने वाले स्टूडेंट्स को हो रही है ऑनलाइन क्लासें लेने में समस्या (सांकेतिक फोटो)

कई स्टूडेंट्स (Students) अपने शिक्षकों और कॉलेज यूनियन (College Union) को ऑनलाइन शिक्षा (Online Education) में आने वाली समस्याओं के बारे में बता रहे हैं.

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नई दिल्ली. चारु लता और प्रीति लता, दो बहनें जो बिहार (Bihar) से हैं और वर्तमान में दिल्ली (Delhi) में किराए के मकान में रहती हैं, अपने कपड़े, किताबें, भोजन और यहां तक ​​कि रहस्यों को साझा करते हुए बड़ी हुई हैं. पिछले महीने कोविड-19 लॉकडाउन (Covid-18 Lockdown) के चलते ऑनलाइन कक्षाओं (Online Classes) के शुरु होने से पहले तक यह सब उनके लिए ठीक था.  लेकिन अब कोरोना वायरस और लॉकडाउन के प्रभाव के कारण बहुत कुछ बदलने लगा है.

अपने घर से दूर नई दिल्ली के खजूरी खास के एक छोटे से घर में रहने वाली इन दोनों बहनों को अपनी ऑनलाइन क्लासेज (Online Classes) के लिए एक ही स्मार्टफोन (Smartphone) शेयर करना पड़ता है. वे बैठती हैं और ऐसे सवालों पर चर्चा करती हैं कि 'किसी क्लास कम महत्वपूर्ण है और उसे छोड़ा जा सकता है?’और हमेशा यह महसूस करती हैं कि सभी क्लासेज महत्वपूर्ण हैं. चारू और प्रीति का दाखिला दिल्ली विश्वविद्यालय के अलग-अलग कॉलेजों- विवेकानंद और लक्ष्मी बाई कॉलेज में बीए इतिहास ऑनर्स कार्यक्रम में हुआ है.

भाई-बहनों की प्राइवेसी को लेकर भी हो रही चिंता
यहां से लगभग 90 किमी दूर हापुड़ में, एक और स्टूडेंट ख़ुशी अपनी बहन बहार के स्मार्टफोन का उपयोग कर रही है क्योंकि उसका फोन हैंग हो जाता है और बिना नेटवर्क और कनेक्टिविटी के काम करना बंद कर देता है. उसने कहा कि फ़ोन साझा करने में समय की कोई समस्या नहीं है लेकिन उसे लगता है कि वह "किसी के पर्सनल स्पेस में दखलअंदाजी" कर रही है.



ख़ुशी ने अपनी बहन के फोन का लगातार उपयोग किया है, जो मध्य प्रदेश के ग्वालियर में कॉलेज में दाखिला लेने वाली है, उसने कहा, "मुझे उसकी प्राइवेसी को ध्यान में रखना होगा, भले ही वह छोटी है."



टीचर्स और कॉलेज यूनियन तक भी पहुंच रही समस्याएं
एक और स्टूडेंट प्रिया सिंह, जिन्होंने विवेकानंद कॉलेज के इतिहास ऑनर्स कोर्स में दाखिला लिया है, दो अन्य बहनों के साथ एक फोन साझा कर रही हैं, जो बीए और हिंदी ऑनर्स प्रोग्राम कर रही हैं. उन्होंने कहा, "सब कुछ ठीक रहता है जब तक कि डेटशीट से यह नही पता चलता है कि हमारी एक ही समय पर कक्षाएं हैं."

ये कहानियां शिक्षकों और कॉलेज यूनियन तक भी पहुंची हैं. विवेकानंद कॉलेज यूनियन की संयुक्त सचिव छाया गौतम ने कहा, “कई छात्रों ने ऑनलाइन एजुकेशन (Online Education) में परेशानियों की शिकायत करने के लिए मुझसे संपर्क किया है. कभी-कभी उनके पास स्मार्टफोन (Smartphone) नहीं होता है और कुछ मामलों में, भाई-बहन के पास एक फोन होता है और इसे तीन या चार स्टूडेंट्स के बीच साझा करना पड़ता है. ऐसे में, मैं उन्हें यह देखने के लिए कहता हूं कि कौन सी कक्षा अधिक महत्वपूर्ण है और फिर वे आपस में प्राथमिकता तय करते हैं और तय करते हैं कि उस समय कौन क्लास करेगा. "

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First published: May 23, 2020, 5:14 PM IST
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