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डिफेंस सिस्टम का 'बूस्टर डोज' है S-400, 10 प्वाइंट्स में जानें सब

डिफेंस सिस्टम का 'बूस्टर डोज' है S-400, 10 प्वाइंट्स में जानें सब

एस-400 डिफेंस सिस्टम.

एस-400 डिफेंस सिस्टम.

S-400 Defense System: यह मिसाइल सिस्टम 400 किमी की रेंज में किसी भी हवाई लक्ष्य को साधने की क्षमता रखता है, खास बात ये है कि एक ही वक्त में 36 लक्ष्य एक साथ साध सकता है. इसे सक्रिय करने में पांच मिनट का वक्त लगता है. ये रूस के पहले वाले हवाई सुरक्षा तंत्र से दोगुना ज्यादा असरदार है. और इसमें मौजूदा और भविष्य की हवाई, आर्मी और नौसेना की इकाई के साथ एकीकृत होने की क्षमता है. आइए जानते हैं इसकी 10 खास बातें...

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    नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के साथ मुलाकात में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन (Vladimir Putin) S-400 डिफेंस सिस्टम (S-400 Defense System) का मॉडल सौंपेंगे. यह वह सिस्टम है जिसे खरीदने के लिए भारत ने 5.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर खर्च किए हैं. एस-400 दुनिया का सबसे बेहतरीन हवाई सुरक्षा सिस्टम है, जो ड्रोन से लेकर बैलिस्टिक मिसाइल तक हर एक चीज का सामना करने की काबिलियत रखता है.

    यह मिसाइल सिस्टम 400 किमी की रेंज में किसी भी हवाई लक्ष्य को साधने की क्षमता रखता है, खास बात ये है कि एक ही वक्त में 36 लक्ष्य एक साथ साध सकता है. इसे सक्रिय करने में पांच मिनट का वक्त लगता है. ये रूस के पहले वाले हवाई सुरक्षा तंत्र से दोगुना ज्यादा असरदार है. और इसमें मौजूदा और भविष्य की हवाई, आर्मी और नौसेना की इकाई के साथ एकीकृत होने की क्षमता है. आइए जानते हैं इसकी 10 खास बातें…

    1-एस-400 डील 35 हजार करोड़ रुपये में हुई है. इस सिस्टम की पहली यूनिट की भारत में तैनाती की तैयारी की जा रही है. भारतीय सुरक्षाकर्मियों को इस सिस्टम के बारे में रूस में प्रशिक्षित किया गया है.
    2- एस-400 सिस्टम को पूर्व वायुसेना चीफ बीएस धनोवा ने 'बूस्टर डोज' कहा था. धनोवा ने यह बात इस डिफेंस सिस्टम की जबरदस्त खासियतों के मद्देनजर कही थी.
    3- S-400 को भारत की पश्चिमी सीमा पर तैनात किया जा सकता है. इसकी पोजीशन ऐसी होगी जिससे चीन और पाकिस्तान दोनों के खतरे का सामना किया जा सके.
    4-इस सिस्टम के पार्ट्स भारत में आना शुरू हो चुके हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक डिफेंस सिस्टम के पार्ट्स भारत में समुद्र और वायुमार्गों से लाए जा रहे हैं.
    5- इस डील पर साल 2018 में हस्ताक्षर हुए थे. इसे लेकर भारत और अमेरिका के संबंधों में तनाव भी दिखा था. दरअसल अमेरिका ने भारत को प्रतिबंधों की धमकी दी थी.
    6- सोमवार को रूस ने अमेरिका पर भारत-रूस संबंधों को कमतर करके आंकने का आरोप लगाया है. रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा- 'दोनों देशों के संबंधों को कमतर करके आंकने के प्रयास हमने अमेरिका की तरफ से देखे हैं. वो चाहते हैं कि भारत उनके आदेश को माने.'
    7-भारत ने अमेरिका के विरोधों के बावजूद इस डिफेंस सिस्टम को खरीदा है. एक रिपोर्ट बताती है कि एस-400 रूस की मिसाइल सुरक्षा और वायु सुरक्षा के मामले में मील का पत्थर साबित होगा. संभव है कि ट्रायम्फ अकेला ऐसा सिस्टम होगा जो करीबी, मध्यम और दूर की रेंज की सुरक्षा कर सकता है. रूस का दावा है कि युद्ध के मामले में एस-400 का दुनियाभर में कोई मुकाबला नहीं है.
    8-अमेरिका का बना टर्मिनल हाइ एल्टिट्यूड एरिया डिफेंस यानी थाड की रेंज छोटी है और वह क्षितिज के पार लक्ष्य भेदने की क्षमता नहीं रखता है. केवल एंटी बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम होने की वजह से वो अन्य हवाई लक्ष्यों को साध नहीं सकता है.
    9-रूस के सैन्य विशेषज्ञों का कहना है कि एस-400 रेंज और एल्टिट्यूड दोनों में ही अमेरिकी सिस्टम से कई गुना बेहतर है. यह 400 किमी की रेंज में लक्ष्य साध सकता है वहीं क्रूज मिसाइल या दुशमन के एयरक्राफ्ट को 10 मीटर के एल्टिट्यूड पर भी नष्ट कर सकता है.
    10-सोमवार को ही भारत और रूस में एके 203 असॉल्ट राइफल्स के विनिर्माण को लेकर भी मेगा डील हुई है. इस डील के तहत 6 लाख से ज्यादा एके 203 असॉल्ट राइफल्स बनाई जाएंगी.

    Tags: Narendra modi, Vladimir Putin

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