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OPINION: देश में 100 करोड़ वैक्सीन डोज का आंकड़ा पार, PM मोदी ने बताया हर भारतवासी की सफलता

OPINION: देश में 100 करोड़ वैक्सीन डोज का आंकड़ा पार, PM मोदी ने बताया हर भारतवासी की सफलता

100 करोड़ वैक्सीनेशन के पूरे होते ही पीएम मोदी 21 अक्टूबर को सबसे पहले दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल गए

100 करोड़ वैक्सीनेशन के पूरे होते ही पीएम मोदी 21 अक्टूबर को सबसे पहले दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल गए

India 100 crore corona vaccines: पीएम ने अपने संबोधन में कहा कि ये नए भारत की तस्वीर है जो लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें हासिल करना जानता है. दुनिया भर में इस उपबल्धि की सराहना हो रही है लेकिन भारत ने इसकी शुरुआत कहां से की थी. एक ऐसी जंग की शुरुआत थी जब देश में वेंटिलेटर और ऑक्सीजन तो दूर मास्क तक उपलब्ध नहीं था.

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नई दिल्ली. 100 करोड़ कोरोना के टीके का डोज पूरे होना सिर्फ पीएम मोदी और केंद्र सरकार के लिए ही नहीं बल्कि हर देशवासी के लिए एक सपने के सच होने वाला कमाल है. ये सिर्फ एक आंकड़ा ही नहीं है बल्कि आधुनिक विश्व में रच रहे एक नए अध्याय की शुरुआत है. तभी तो पीएम मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने संदेश की शुरुआत ही प्रचीन वेदों में लिखे एक वाक्य से की “कृतम में दक्षिणे हस्ते, जयो मे सव्य आहित:” यानि पूरे देश ने एक कर्तव्य का पालन किया और उसे बड़ी सफलता भी मिली. पीएम मोदी जानते हैं कि ये कितना असंभव सा दिखने वाला काम था जो हर भारतवासी जिसमें कोरोना योद्धआओं, देश के वैज्ञानिकों, उद्योगों, अर्थव्यवस्था से जुड़े तमाम पहियों की अथक कोशिशों ने संभव कर दिखाया.

100 करोड़ वैक्सीनेशन के पूरे होते ही पीएम मोदी 21 अक्टूबर को सबसे पहले दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल गए, फिर एक वीसी के जरिए एम्स झझ्झर का उद्घाटन किया और देश के नाम संदेश देते हुए अखबारों के लिए एक लेख भी लिखा. लेख का शीर्षक ही यही था कि –जिस लड़ाई को लेकर सबसे ज्यादा चिंता थी, उस लड़ाई को देश ने एकजुट होकर दूर कर दिया. फिर आया पीएम मोदी का देश वासियों के नाम संदेश जिसमें उन्होंने सबसे पहले कहा कि इस उपलब्धि के पीछे 130 करोड़ देशवासियों की कर्तव्य शक्ति लगी है, इसलिए ये हर भारतवासी की सफलता है. 100 करोड़ टीकाकरण को मिला कर अब कोरोना काल में पीएम मोदी के राष्ट्र के नाम कुल 10 संबोधन हो गए. पीएम मोदी के पहला संबोधन में 19 मार्च 2020 को जनता कर्फ्यू का ऐलान किया जब जनता ने ताली, थाली बजायी और दिए जलाए. फिर 24 मार्च, 2020 को 21 दिनों के लॉकडाउन का ऐलान से शुरू हुई एक अदृश्य दुश्मन से लड़ाई में अब हम 100 करोड़ टीकाकरण तक आ चुके हैं तो ये पीएम के फ्रंट से लीड करने की क्षमता को लक्षित करता है.

नए भारत की नई तस्वीर
पीएम ने अपने संबोधन में कहा कि ये नए भारत की तस्वीर है जो लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें हासिल करना जानता है. दुनिया भर में इस उपबल्धि की सराहना हो रही है लेकिन भारत ने इसकी शुरुआत कहां से की थी. एक ऐसी जंग की शुरुआत थी जब देश में वेंटिलेटर और ऑक्सीजन तो दूर मास्क तक उपलब्ध नहीं था. मास्क तक की कालाबाजारी हो रही थी. दुनिया के बड़े देशों के लिए वैक्सीन पर रिसर्च करना, वैक्सीन खोजना जैसी चीजों पर दशकों की महारथ और एकाधिकार तक था. यहां तक की भारत भी विकसित देशों द्वारा बनायी वैक्सीन पर ही निर्भर रहता था. पोलियो हो या फिर कालाजार या फिर हिपेटाइटिस जैस बीमारियों के टीके, कई दवाएं तो इजाद होने के एक दशक बाद भारत पहुंची थीं.

ऐसे मे सवाल तो यही उठ रहे थे कि कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से भारत कैसे जूझ पाएगा. चिंता इस बात की थी कि वैक्सीन भारत में कब मिलेगी और क्या इसे खरीदने के लिए भारत के पास पैसे होंगे? लेकिन भारत में मोदी सरकार ने दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चलाया और अपने नागरिकों को अब तक 100 करोड़ कोरोना के टीके दिए जा चके हैं और वो भी मुफ्त. वीआईपी संस्कृति से मुक्त रख कर सबको वैक्सीन मुफ्त वैक्सीन अभियान के तहत गांव गांव तक पहुंचाया गया. पीएम मोदी ने कहा कि इसका असर ये होगा कि दुनिया अब भारत को कोरोना से ज्यादा सुरक्षित मानेगी और एक फार्मा हब के रुप में भारत को दुनिया भर में और मजबूती भी मिलेगी. पीएम मोदी ने इस लड़ाई में जनभागीदारी को फर्स्ट लाइन ऑफ डिफेंस बनाया और यही है बुलंद भारत की बुलंद तस्वीर.

रिसर्च और वैज्ञानिकों पर भरोसा
पीएम मोदी ने अपने संदेश में कहा कि भारत का पूरा वैक्सीनेशन प्रोग्राम Science Born, Science Driven, Science Based रहा है. जब ये महामारी फैलनी शुरू हुई तो देश के सामने सबसे बड़ी चुनौती दवा कैसे बनेगी, उत्वादकता कैसे बढ़ाई जाएगी के साथ साथ इतनी बड़ी आबादी को दूर दराज के इलाकों तक पहुंचाना जैसी चुनौतियों का समाधान तलाशना पीएम मोदी के लिए एक कठिन लक्ष्य था. खुद पीएम मोदी ने अपने संदेश में कहा कि ये भगीरथ कार्य से कम नहीं था. लेकिन देश के वैज्ञानिकों ने नए-नए इनोवेशन से वैक्सीन भी इजाद कर ली, वैज्ञानिक फार्मूले के तहत ये ग्राउंड वर्क भी कर लिया गया कि किस इलाके में कितनी वैक्सीन पहुंचानी है. सरकार ने वैक्सीनेशन के लिए कोविन प्लेटफार्म बनाया जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है.

महामारी के चलते चौपट हुई अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ी
बात तो साफ है और जगजाहिर भी कि वैक्सीनेशन के बढ़ते हुए कवरेज के साथ साथ आर्थिक-सामाजिक गतिविधियां तेजी से बढ़ीं हैं. खेल जगत, मनोरंजन, पर्यटन, हर क्षेत्र में सकारात्मक गतिविधियां तेज हो रहीं है. पीएम मोदी राष्ट्र के नाम अपने संदेश में कहते हैं कि आज चारों तरफ एक विश्वास है, उत्साह है और उमंग भी है. पीएम मोदी के मुताबिक समाज से लेकर अर्थव्यवस्था, हर तबके में आशावाद नजर आता है. पिछले कुछ महीनों में सरकार द्वारा उठाए गए तमाम सुधार के कामो जैसे गितिशक्ति से लेकर नयी द्रोण नीति से देश की अर्थव्यवस्था को बढाने में और मदद मिलेगी. स्टार्ट अप्स में रिकार्ड इंवेस्टमेंट के साथ ही रिकार्ड स्टार्ट अप्स, यूनिकार्न बन रहे हैं. भारतीय कंपनियों में रिकार्ड निवेश आ रहा है और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बन रहे हैं. एक्सपर्ट्स और देश विदेश की अनेकों एजेंसियों ने भारत के लिए काफी सकारात्मक रुख अपनाया है. यहां तक की अब तक डूबे हाउसिंह के क्षेत्र में भी सरकार के हस्तक्षेप के बाद नयी उर्जा दिखने लगी है. सबसे बड़ी बात कि कोरोना काल में कृषि के क्षेत्र ने देश की अर्शवय्वस्था को मजबूती दे रखी थी और उसका असर ये है कि आज रिकार्ड़ स्चर पर अनाज की सरकारी खरीद हो रही है. साथ ही किसानों के खातो में सीधा पैसा जा रहा है. इसलिए पीएम मोदी ने भरोसा जताया कि आने वाला त्योहारों का मौसम अर्शव्यवस्था को और गति और शक्ति देगा.

वोकल फॉर लोकल
एक जमाना था कि विदेशों में बनी वस्तुओं का खासा क्रेज होता था. लेकिन आज भारत वासी जानते हैं कि मेक इन इंडिया की ताकत बहुत बढ़ गयी है. इसलिए पीएम मोदी ने देशवासियों से अपील की कि भारत में बनी हर छोटी सी छोटी चीज खरीदें जिसे बनाने में किसी और देशवासी का पसीना बहा हो. पीएम मोदी ने याद दिलाया कि जैसे स्वच्छ भारत अभियान एक जन आंदोलन बन गया जिसमें बच्चे से लेकर बूढ़े तक शामिल थे, कुछ इसी तर्ज पर वोकल फॉर लोकल होना पड़ेगा. जन आंदोलन की तरह भारत में बनी, भारतीयों द्वारा बनायी चीज खरीदना अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना पड़ेगा. पीएम मोदी कहते है कि पिछली दिवाली पूरे देश के मन में एक तनाव था लेकिन 100 करोड़ वैक्सीन डोज हरे होने से इस दिवाली के पहले ही एक विश्वास जागा है इसलिए हर देशवासी को ये सोचना चाहिए की अगर मेरे देश की वैक्सीन मुझे सुरक्षा दे सकती है तो मेरे देश में बने सामान मेरी दिवाली को और भव्य बना सकते हैं. अर्थशास्त्री जानते हैं कि दिवाली के दौरान बिक्री एक तरफ और बाकी साल की बिक्री एक तरफ होती है. इसलिए देशवासियों का प्रयास रंग लाएगा.

लापरवाही नहीं बरतें
पीएम मोदी ने कहा कि हमें सदा सावधान रहने की जरुरत अभी भी है. देशवासियों को लापरवाह नहीं होना है. पीएम ने अपील की कि त्योहारों को पूरी सतर्कता के साथ मनाना है. कभी तो देश में जरा जरा सी मास्क होती थी, लेकिन अब तो दौर ये हैं कि डिजाइन की दुनिया में भी मास्क प्रवेश कर चुकी है. इसलिए जैसे सबको जूते पहन कर ही बाहर जाने की आदत लग गई है. वैसे ही मास्क को भी एक आदत बनाना होगी. पीएम ने कहा कि कवच कितना भी उत्तम हो, जब तक युद्ध चल रहा हो उसे उतार कर हथियार नहीं डाले जाते.

100 करोड कोरोना वैक्सीन के डोज पूरे होने पर पीएम मोदी का संदेश साफ है कि जब देश बड़े लक्ष्य तय करता है तो उसे हासिल करना भी बखूबी जानता है. इसलिए जरुरत है सदा सावधान रहने की और युद्ध हो या महामारी या फिर राष्ट्र को मजबूती देने का काम हो ,जनभागीदारी ही इसे सफल बनाती है.

Tags: Corona vaccine, Corona Vaccine in India, Corona vaccine news, Coronavirus vaccine, PM Modi, Vaccine

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