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100 करोड़ टीके: जीत कोविन की, जीत नरेंद्र मोदी के ख्वाब की.. जीत डिजिटल इंडिया की

100 करोड़ टीके: जीत कोविन की, जीत नरेंद्र मोदी के ख्वाब की.. जीत डिजिटल इंडिया की

भारत को 100 करोड़ टीके लगाने की बड़ी सफलता हासिल हुई है. (प्रतीकात्‍मक फोटो)

भारत को 100 करोड़ टीके लगाने की बड़ी सफलता हासिल हुई है. (प्रतीकात्‍मक फोटो)

डिजिटल इन्फ्रास्ट्क्चर ही वो ज़मीन थी जिस पर कोविन (CoWIN) की आधारशिला रखी गई और इसी की बदौलत भारत सरकार (government of India) देश के नागरिकों को 100 करोड़ टीके (100 Crore Vaccination) लगाने जैसी सफलता की इबारत लिख सकी. यह बड़ी जीत कोविन की है, यह जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के उस ख्‍वाब डिजिटल इंडिया (Digital India) की है जो उन्‍होंने 2015 में देखा था. आज इसकी बदौलत भारत एक बेहतरीन स्थिति में पहुंचा है.

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    टीवी मोहनदास पई 

    नई दिल्‍ली.  डिजिटल इन्फ्रास्ट्क्चर ही वो ज़मीन थी जिस पर कोविन (CoWIN) की आधारशिला रखी गई और इसी की बदौलत भारत सरकार (government of India) देश के नागरिकों को 100 करोड़ टीके (100 Crore Vaccination)  लगाने जैसी सफलता की इबारत लिख सकी. यह बड़ी जीत कोविन की है, यह जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के उस ख्‍वाब डिजिटल इंडिया (Digital India) की है जो उन्‍होंने 2015 में देखा था. आज इसकी बदौलत भारत एक बेहतरीन स्थिति में पहुंचा है. जब सरकार ने देश के प्रत्येक नागरिक के टीकाकरण के अभियान की शुरूआत की तो उस दौरान इस बात का अहसास हुआ कि एक डिजिटल सिस्टम होना बेहद ज़रूरी है. इसके बाद आर.एस शर्मा के मार्गदर्शन में रिकॉर्ड वक्त में एक डिजिटल सिस्टम तैयार किया हुआ. आज यही सिस्टम एक विशाल डेटा भंडारग्रह बन चुका है.

    इस सिस्टम के तहत हर नागरिक जिसे टीका लगा है, उसका नाम, मोबाइल नंबर और आधार नंबर सिस्टम में डाला जाता है और फिर वो डेटा के तौर पर इकट्ठा हो जाता है. और एक ही जगह पूरे भारत में कितने नागरिकों को कितने टीके लगे इस बात की जानकारी आसानी से उपलब्ध हो जाती है. अच्छी बात ये भी है कि जिस नागरिक को पहला टीका लगा है, उसकी जानकारी भरते ही दूसरे टीके के लगने की तारीख और लगने के बाद उसकी जानकारी भी इसमें जुड़ जाती है. इस तरह से जानकारी की पारदर्शिता बनी रहती है और उसका सत्यापन आसानी से हो सकता है.

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    इस डिजिटल सिस्टम की ही दम पर सरकार अपने टीकाकरण के अभियान में इस तरह की तूफानी गति लाने में कामयाब हो सकी और एक दिन में रिकॉर्ड 2.26 करोड़ टीके तक लगे, यही नहीं एक दिन में 1 करोड़ से ज्यादा टीके लगाने का रिकॉर्ड तो कई बार कायम किया गया. और इसी वजह से हम 100 करोड़ के लक्ष्य को हासिल करने में कामयाब हो पाए. यही नहीं डिजिटल सिस्टम की वजह से लोगों को अगर भारत में या विदेश में किसी आधिकारिक स्थल पर या कहीं भी जहां टीकाकरण का प्रमाणपत्र दिखाना है, तो वो इसे आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं. ये वाकई में एक लाजवाब तंत्र है, किसी भी देश में इस तरह का डिजिटल ढांचा नहीं खड़ा किया गया है जहां एक ही प्लेटफार्म पर सभी सुविधाएं उपलब्ध हो. यहां तक कि यूके और यूएस जैसे विकसित देशों में भी लोगों को हाथ से लिखे हुए प्रमाणपत्र मिलते हैं, जिसका ना तो कोई डेटाबेस है, और ना ही ऐसा कोई डेटाबेस जिसके जरिये टीकाकरण की जानकारी का सत्यापन किया जा सके यानी वहां पर सब किसी पेटी में ठुंसी हुई किताबों की तरह है, वहीं भारत में वही डेटा किसी करीने से जमी किताबों की अलमारी की तरह है. जहां नज़र घुमा कर आप अपनी मनपंसद पुस्तक चुटकियों में निकाल सकते हैं.

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    भारत उन अपवादों में से है जहां कोविड टीकाकरण कार्यक्रम शुरुआत से ही डिजिटल रहा है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यह सुनिश्चत किया था कि भारत में डिजिटिल ढांचा होना चाहिए- यही वह सोच थी जिसकी बदौलत भारत ने सफलतापूर्वक टीकाकरण अभियान की इबारत लिखी. इसमें कोई दो राय नहीं है कि इस यह एक टीम का प्रयास था, और इसमें सीरम इन्स्टिट्यूट ऑफ इंडिया और दूसरें संस्थान जिन्होंने वैक्सीन को विकसित किया, साथ ही उसे वक्त रहते पहुंचाया, उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है. 100 करोड़ का आंकड़ा हम कभी नहीं छू पाते अगर हमें वक्त रहते वैक्सीन मुहैया नहीं होती.

    सरकार और उन स्वास्थ्य अधिकारियों को भी इसका श्रेय जाता है जिन्होंनें भारत के लिए भारत में ही कोवैक्सिन को विकसित करने की प्रक्रिया का साकार किया. इन्ही की बदौलत सीरम इन्स्टिट्यूट ऑफ इंडिया वैक्सीन विकसित करने के लिए अपनी सुविधाओं को विस्तार दे पाया.
    भारत सरकार ने डिजिटिल ढांचे के तौर पर कोविन के इस्तेमाल के लिए दूसरे देशों को भी प्रस्ताव दिया है. यह उस डिजिटल इंडिया ख्वाब का हिस्सा है जिसे 2015 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देखा था. आज इसकी बदौलत भारत एक बेहतरीन स्थिति में पहुंचा है.

    Tags: CoWIN, Digital India, Government of India, Prime Minister Narendra Modi

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