अपना शहर चुनें

States

कुदरत के कहर के बाद भी नहीं बंद होगी चारधाम यात्रा

सरकार ने पूरे राज्य में रेड अलर्ट जारी कर खराब मौसम की वजह से पैदा हुए हालात से निपटने का ऐलान किया है। साथ ही कहा है कि चारधाम यात्रा बंद नहीं होगी।

  • Share this:
देहरादून। उत्तराखंड में परंपरागत चारधाम यात्रा इस वक्त संकट में है। भीषण बारिश और भूस्खलन की वजह से रास्ते बंद हो चुके हैं और हजारों यात्री बीच रास्ते में फंसे हैं। गंगोत्री यमुनोत्री और केदारनाथ हाईवे बंद हो जाने से यात्रियों की मुसीबतें काफी बढ़ गई हैं। सरकार ने पूरे राज्य में रेड अलर्ट जारी कर खराब मौसम की वजह से पैदा हुए हालात से निपटने का ऐलान किया है। साथ ही कहा है कि चारधाम यात्रा बंद नहीं की जाएगी।

गौरतलब है कि गंगोत्री, यमुनोत्री और केदारनाथ के रास्ते तेज बारिश और भूस्खलन की चपेट में हैं और तीनों रास्ते बंद पड़े हैं। पहाड़ दरक रहे हैं और सड़कें बैठ गई हैं। तीर्थयात्री रास्ते में जहां-तहां अटके हैं। पिछले चार दिनों से खराब मौसम के कहर की वजह से राज्य सरकार दो हफ्ते के लिए राज्य के सभी जिलाधिकारियों, पुलिस, बिजली, मेडिकल डिपार्टमेंट के अफसरों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। आला अफसरों को राज्य में कुदरत की मार से निपटने के लिए तैयार रखने के आदेश दिए गए हैं। खुद मुख्यमंत्री को केंद्रीय सरकारी एजेंसियों से यात्रा जारी रखने के लिए जरूरी उपाय करने की गुजारिश करनी पड़ी है।

उत्तराखंड सरकार का कहना है कि सरकार किसी भी हाल में चारधाम यात्रा रोकने के मूड में नहीं है। चारधाम और कैलाश मानसरोवर यात्रा जारी रखने के लिए सरकार हर मुमकिन कदम उठाएगी।



मालूम हो कि प्राकृतिक आपदा को देखते हुए गंगोत्री, यमुनोत्री और केदारनाथ हाईवे पूरी तरह बंद है। सड़कों पर दोनों तरफ हजारों तीर्थयात्री और वाहन खड़े हैं। सरकारी मशीनरी सड़कें खोलने की पुरजोर कोशिश कर रही हैं। मगर खराब मौसम के आगे उनका जोर नहीं चल पा रहा। उधर, मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तेज़ बरसात की आशंका जताई है। इस बीच ऋषिकेश-बद्रीनाथ नेशनल हाईवे जो को फिर से खोल दिया गया है लेकिन यहां भी सिरोबागाड़ में भूस्खलन जारी है।
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज