आंध्र प्रदेश: 11 मौतों पर सियासत गरमाई, मिनटों नहीं कुछ घंटों बाद शुरू हुई ऑक्सीजन सप्लाई!

राज्य सरकार ने दावा किया है कि ऑक्सीजन सप्लाई केवल 5 से 10 मिनट के लिए प्रभावित हुई थी. (सांकेतिक तस्वीर)

राज्य सरकार ने दावा किया है कि ऑक्सीजन सप्लाई केवल 5 से 10 मिनट के लिए प्रभावित हुई थी. (सांकेतिक तस्वीर)

Covid Patients Died in Andhra Pradesh: न्यूज18 को पता चला है कि चेन्नई से ऑक्सीजन टैंकर करीब 2 घंटे की देरी से अस्पताल पहुंचा था. तब तक अस्पताल में ऑक्सीजन का बफर स्टॉक खत्म हो चुका था. अब रीफिलिंग में लगने वाले अतिरिक्त समय की वजह से ऑक्सीजन फ्लो प्रभावित हुआ.

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(स्वास्तिका दास)

हैदराबाद. आंध्र प्रदेश के तिरुपति (Tirupati) में ऑक्सीजन सप्लाई रुकने के चलते 11 लोगों की मौत हो गई. कहा जा रहा है कि SVRR शासकीय अस्पताल में ICU में इलाज करा रहे कम से कम 13 मरीजों की हालत गंभीर बनी हुई है. इस घटना के कई दर्दनाक वीडियो भी सोशल मीडिया (Social Media) पर वायरल हुए हैं. हालांकि, राज्य में ऑक्सीजन की कमी (Oxygen Shortage) होने के चलते हुई मौतों का यह पहला मामला नहीं है. फिलहाल घटना पर सियासत गरमाई हुई है और अधिकारी सफाई देने में जुटे हैं.

सरकार का पक्ष

राज्य सरकार ने दावा किया है कि ऑक्सीजन सप्लाई केवल 5 से 10 मिनट के लिए प्रभावित हुई थी. चित्तूर जिलाधिकारी एम हरिनारायणन का कहना है कि ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर्स की सतर्कता से बड़ी त्रासदी टल गई. उन्होंने घटना पर दुख जताया है. 11 मरीजों की मौत पर हैरानी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री जगन रेड्डी ने हाई लेवल जांच के आदेश दिए हैं. साथ ही अधिकारियों से अलग-अलग अस्पतालों में ऑक्सीजन स्टॉक की जांच के लिए कहा है.
आंध्र प्रदेश: ऑक्सीजन पहुंचने में हुई चंद मिनटों की देरी और चली गई 11 मरीजों की जान

क्या था मामला

न्यूज18 को पता चला है कि चेन्नई से ऑक्सीजन टैंकर करीब 2 घंटे की देरी से अस्पताल पहुंचा था. तब तक अस्पताल में ऑक्सीजन का बफर स्टॉक खत्म हो चुका था. अब रीफिलिंग में लगने वाले अतिरिक्त समय की वजह से ऑक्सीजन फ्लो प्रभावित हुआ. इससे परिणाम यह हुआ कि पाइपलाइन में कम दबाव के चलते गंभीर मरीज जीवन के लिए संघर्ष करते रहे. हालांकि, कुछ घंटों बाद ऑक्सीजन सप्लाई पूरी तरह शुरू हो गई थी.




राज्य में तीसरी घटना और विपक्ष हमलावर

आंध्र प्रदेश में ऐसा तीसरा मामला सामने आया है. इस महीने की शुरुआत में ही दो अलग-अलग अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी के चलते 16 मौतें हुई थीं. अधिकारियों ने उस दौरान मौत का जिम्मेदार अस्पताल स्टाफ की लापरवाही के बजाए कोविड-19 को बताया था. अब YSR कांग्रेस पर विपक्षी दल तेलुगु देशम पार्टी भी हमलावर हुई है. पार्टी ने कहा है कि जगन रेड्डी के हाथों में खून लगा है और यह घटना राज्य सरकार की आपराधिक लापरवाही है.

पार्टी प्रवक्ता पट्टभी राम ने कहा, 'आपराधिक लापरवाही का एक और काम, जिसने रायलसीमा क्षेत्र के सबसे बड़े अस्पताल तिरुपति के रुइया अस्पताल में कई लोगों की जान ले ली.' उन्होंने कहा, 'इतनी घटनाओं के बाद भी जगन रेड्डी जागे नहीं हैं.' वहीं, राज्य में भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष सोमू वीराजू ने कहा है कि ऑक्सीजन की कमी सरकार की बड़ी असफलता है. जगन ने अस्पतालों को मेडिकल संसाधन उपलब्ध कराने के लिए कोई कदम नहीं उठाए.

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