असम में बाढ़ से 110 लोगों की मौत, बिहार में बिजली गिरने से 10 मरे, जानें पूरा हाल

असम में बाढ़ से 110 लोगों की मौत, बिहार में बिजली गिरने से 10 मरे, जानें पूरा हाल
असम में बाढ़ के कारण जनजीवन बुरी तरह अस्‍तव्‍यस्‍त है.

आईएमडी (IMD) के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा, 'उत्तर-पश्चिम भारत में पर्याप्त वर्षा (Rain) नहीं हुई है. लेकिन अब भी हमारे पास दो और महीने हैं.'

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नई दिल्ली. देश के कई हिस्‍सों में मॉनसून (Monsoon 2020) के कारण तेज बारिश हो रही है. साथ ही कई ऐसे भी हिस्‍से हैं, जहां बाढ़ से हालात बेहद चिंताजनक हो गए हैं. बिहार (Bihar) के सात जिलों में बिजली गिरने (Lightening) से रविवार को 10 लोगों की मौत हो गई. वहीं दिल्‍ली में वर्षाजनित हादसों में चार लोगों की मौत हो गई. यहां भारी बारिश (Heavy Rain) के कारण कई झुग्गियां ढह गईं और निचले इलाकों में पानी भर गया. असम में भी बाढ़ (Assam Floods) से हालात सबसे ज्‍यादा चिंताजनक बन गए हैं. वहां 110 लोगों की मौत हुई है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने फोन पर असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल के साथ बाढ़ संबंधी हालात को लेकर चर्चा की. उन्होंने असम में बाढ़ के कारण पैदा हुए हालात से निपटने के लिए रविवार को राज्य को हरसंभव मदद मुहैया कराने का आश्वासन दिया. सोनोवाल ने ट्वीट किया, 'माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने आज सुबह फोन पर बातचीत करके असम में बाढ़, कोविड-19 संबंधी हालात और बागजान तेल कुएं में आग संबंधी स्थिति की जानकारी ली.' उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री ने राज्य के प्रति चिंता एवं लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त की और हर संभव मदद मुहैया कराने का आश्वासन दिया.'
असम में इस वर्ष बाढ़ और भूस्खलन से अब तक 110 लोगों की मौत हो चुकी है. इनमें से 84 लोगों की मौत बाढ़ संबंधी घटनाओं और 26 लोगों की मौत भूस्खलनों के कारण हुई. असम के 33 जिलों में से 24 जिलों में बाढ़ से 25 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं और कई स्थानों पर मकान, फसलें, सड़क एवं पुल तबाह हो गए.
दिल्ली में कई इलाकों में जलभराव हो गया जिससे कई स्थानों पर यातायात प्रभावित हुआ. यहां बारिश संबंधी हादसों में चार लोगों की मौत हो गई है. भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भर गया तथा कई मार्गों पर यातायात ठप हो गया. आईटीओ के पास स्थित झुग्गी बस्ती इलाके अन्ना नगर में कम से कम दस झुग्गियां ढह गई जिससे लोगों को विस्थापित होना पड़ा.
मौसम विभाग ने बुलेटिन में बताया कि जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली तथा उत्तर प्रदेश में अगले तीन दिन में अच्छी बारिश के आसार हैं. विभाग ने बताया कि असम तथा मेघालय में अगले तीन दिन में तथा बिहार में अगले 24 घंटे में भारी बारिश हो सकती है.
बिहार में रविवार को वज्रपात की चपेट में आने से पूर्णिया जिले में तीन, बेगूसराय में दो तथा पटना, सहरसा, पूर्वी चम्पारण, मधेपुरा एवं दरभंगा में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई. बीते तीन हफ्ते में बिजली गिरने के कारण राज्य में 160 से अधिक लोगों की मौत हो गई.
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के बंगापानी सब डिवीजन के चौरी बागर गांव में शनिवार रात भारी बारिश से उफनाई गोरी नदी के पानी में चार मकान, कुछ मवेशी और कृषि योग्य भूमि बह गई है. एक अधिकारी ने हालांकि कहा कि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ क्योंकि स्थानीय लोगों को पहले ही सुरक्षा की दृष्टि से वहां से बाहर निकाल लिया गया था.
पंजाब एवं हरियाणा में रविवार को अधिकतम तापमान सामान्य सीमा के आस पास रहा. इसके अलावा दोनों राज्यों के कुछ हिस्सों में बारिश दर्ज की गई. मौसम विभाग के अनुसार दोनों राज्यों की साझी राजधानी चंडीगढ़ में रविवार को अधिकतम तापमान 34.5 डि​ग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. पंजाब में अमृतसर में अधिकतम तापमान 33.7, लुधियाना में 35.2 एवं पटियाला का अधिकतम तापमान क्रमश: 36.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान में कहा गया है कि अगले दो दिन तक दोनों राज्यों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है.
लुधियाना में एक मिमी से कुछ अधिक वर्षा दर्ज की गई. हरियाणा में अम्बाला में अधिकतम तापमान 35.3, हिसार में 35, करनाल में 33.5 और नारनौल में 36.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. हिसार में 0.8 मिमी बारिश दर्ज की गई. वहीं हिमाचल प्रदेश के कई स्थानों पर बीते 24 घंटे में हल्की से मध्यम बारिश हुई. सबसे ज्यादा 67.6 मिमी बरसात धर्मशाला में हुई.
देश में मौजूदा मानसून में अब तक सामान्य से छह फीसद अधिक वर्षा हुई है लेकिन उत्तर भारत में कम बारिश हुई है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने रविवार को यह जानकारी दी. विभाग के मौसम विज्ञान संबंधी चार संभाग हैं तथा दक्षिण प्रायद्वीप, मध्य भारत, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत संभागों में सामान्य से अधिक वर्षा हुई.
आईएमडी के अनुसार लेकिन उत्तर-पश्चिम भारत में अब तक 19 फीसद कम वर्षा हुई है. इस संभाग में जम्मू कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और राजस्थान आते हैं. विभाग ने बताया कि रविवार तक हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, जम्मू कश्मीर में कम वर्षा दर्ज की गयी. लद्दाख में तो बहुत कम वर्षा हुई है.
आईएमडी के अनुसार मानसून निर्धारित समय एक जून को केरल पहुंचा था और देश में चार महीने की बारिश का सीजन का प्रारंभ हुआ था. भारत में मानसून के सामान्य रहने की संभावना है. आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा, 'उत्तर-पश्चिम भारत में पर्याप्त वर्षा नहीं हुई है. लेकिन अब भी हमारे पास दो और महीने हैं.' विभाग ने 18 से 20 जुलाई तक उत्तर पश्चिम भारत में वर्षा का अनुमान लगाया है.
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