ITBP रेफरल अस्पतालों में हुआ सैकड़ों केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल कर्मिकों का इलाज, कोरोना से जीती जंग

ITBP रेफरल अस्पतालों में हुआ सैकड़ों केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल कर्मिकों का इलाज, कोरोना से जीती जंग
इन अस्पतालों में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के कार्मिकों एवं उनके परिवारजनों 1150 से ज्यादा कोरोना पॉजिटिव मरीजों का सफलतापूर्वक उपचार हुआ.

सभी बलों के प्रमुखों से अनुरोध किया गया कि वे अपने कोविड पॉजिटिव कर्मियों और उनके परिवार के सदस्यों को स्वास्थ्य देखभाल के लिए इस अस्पताल में भेजें. बल के सेवानिवृत्त जवानों को विशेष देखभाल के लिए भर्ती किया गया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 10, 2020, 10:30 PM IST
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नई दिल्ली. इस लॉकडाउन (Lokdown) के दौरान आंतरिक सुरक्षा और कंटेनमेंट क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था के ड्यूटियों का निर्वहन करते हुए विभिन्न बलों के बहुत सारे पुलिसकर्मी संक्रमित हो गए और उन्हें दिल्ली दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में स्थित अस्पताल में बेड पाने में वास्तविक कठिनाई का सामना करना पड़ा. इस दौरान, सभी वर्दीधारी बलों और अन्य सहयोगी संगठनों और उनके परिवारों के लिए आईटीबीपी रेफरल अस्पताल (ITBP Referral Hospital) की सुविधाएं खोली गईं.

सभी बलों के प्रमुखों से अनुरोध किया गया कि वे अपने कोविड पॉजिटिव कर्मियों और उनके परिवार के सदस्यों को स्वास्थ्य देखभाल के लिए इस अस्पताल में भेजें. बल के सेवानिवृत्त जवानों को विशेष देखभाल के लिए भर्ती किया गया था. अस्पताल में 8 सितंबर, 2020 तक केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) और केंद्रीय पुलिस संगठनों (सीपीओ) बिरादरी के 1150 से अधिक कोरोना पॉजिटिव रोगियों का सफलतापूर्वक इलाज कर उनको घर भेजा गया, जिनमें बीएसएफ के 91 जवान, सीआरपीएफ के 196, सीआईएसएफ के 200, आईटीबीपी के 289, एसएसबी के 159, एनएसजी के 83, एसपीजी के 64, एनआईए के 15, एनडीआरएफ के 10, बीपीआर एंड डी के 01, आईबी के 19, सीबीआई के 03, एनटीआरओ के 07 एवं गृह मंत्रालय के 05 कार्मिक शामिल हैं.

डॉक्टरों और पैरामेडिक्स ने किया 24 घंटे काम
यह डॉक्टरों, पैरामेडिक्स और नर्सों की समर्पित टीमों के कारण ही संभव हो सका है जिन्होंने चौबीसों घंटे काम किया तथा सभी रोगियों की अत्यंत सावधानी व सुरक्षा से देखभाल की. कोई भी डॉक्टर या अस्पताल का कर्मचारी अपने कर्तव्य के दौरान लंबे समय तक बीमारी के संपर्क में रहने के बावजूद कोविड संक्रमित नहीं हुआ.
मरीजों को समुचित चिकित्सा व्यवस्था मुहैया करवाई गई. स्वस्थ मरीजों ने व्यक्तिगत देखभाल के लिए डॉक्टरों और अस्पताल के स्टाफ के प्रति अपना आभार व्यक्त किया है. अस्पताल कोविड पॉजिटिव सीएपीएफ के कर्मियों और उनके परिवारों का उपचार नि:शुल्क मुहैया करवा रहा है. इस अस्पताल में रोगियों के ठीक होने की दर लगभग 100% है (एक मरीज की मृत्यु हार्ट अटैक से हुई है). यह राष्ट्रीय रिकवरी दर 78% से कहीं अधिक है, इस तथ्य के बावजूद कि 25-30% भर्ती रोगियों में से कोविड संक्रमण के साथ-साथ अन्य सह-रोग जैसे कैंसर, टीबी, हृदय रोग आदि भी थे. 8-10% रोगी एटमिट होते समय सांस लेने की मुक्ष्य समस्या के साथ गंभीर रूप से बीमार थे.



यह एक गंभीर स्थिति थी और ऐसे रोगी अपना जीवन जल्दी खो सकते हैं, इसलिए उनको निरंतर निगरानी और ऑक्सीजन की आवश्यकता थी. अस्पताल के कर्मचारियों के अथक प्रयासों के कारण सभी गंभीर मरीज ठीक हो गए.
यह अस्पताल विभिन्न चिकित्सा साइंस स्ट्री्म्स् जैसे - औषधि, सामान्य और लैप्रोस्कोपिक सर्जरी, ग्यापने और ओब्ससट, बाल रोग, एनेस्थिसिया और दर्द प्रबंधन, नेत्र विज्ञान, मनोचिकित्सा, हड्डी रोग, रेडियोलॉजी, पैथोलॉजी, ईएनटी, डेंटल सेक्शन, फिजियोथेरेपी और पुनर्वास आदि की अपनी विशेषज्ञ टीम के साथ उद्देश्यों की पूर्ति कर रहा है. इस अस्पपताल में 50 से अधिक अधिक अनुभवी विशेषज्ञ और अन्य डॉक्टर सेवा दे रहे हैं. आईटीबीपी रेफरल अस्पताल ने बहुत ही कम समय में देश में उत्कृष्ट स्वास्थ्य देखभाल और उपचार केंद्र के तौर पर अपनी अमिट छाप छोड़ी है.
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