मोदी के मसले पर जुदा-जुदा नजर आ रही टीम अन्ना

टीम अन्ना के अहम सदस्य अरविंद केजरीवाल ने मोदी को सांप्रदायिक बताया है, उन्हें भ्रष्टाचारियों का संरक्षक कहा है। वहीं, टीम अन्ना की सहयोगी और पूर्व आईपीएस अफसर किरण बेदी ने मोदी के मुद्दे पर चुप्पी साध ली है।

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नई दिल्ली। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और बाबा रामदेव के एक साथ मंच पर आने के बाद अब ये सवाल खड़े हो रहे हैं कि मोदी के मुद्दे पर टीम अन्ना की क्या राय है। टीम अन्ना के अहम सदस्य अरविंद केजरीवाल ने मोदी को सांप्रदायिक बताया है, उन्हें भ्रष्टाचारियों का संरक्षक कहा है। वहीं, टीम अन्ना के एक और सदस्य संजय सिंह ने मोदी को मानवता का हत्यारा कहा है, लेकिन टीम अन्ना की सहयोगी और पूर्व आईपीएस अफसर किरण बेदी ने मोदी के मुद्दे पर चुप्पी साध ली है। इस बारे में उनसे बार बार पूछे जाने पर भी वो सवाल का जवाब देने से बचती दिखाई दीं।

जानकार इसे साफ तौर पर टीम अन्ना के अंदर का टकराव बताने से नहीं चूकते। केजरीवाल और संजय सिंह जहां खुलकर मोदी के मसले पर विरोधी सुर अख्तियार करते हैं तो कुमार विश्वास और किरण बेदी की राय कभी मोदी के विरोध में सुनाई नहीं दी। किरण बेदी बाबा रामदेव के साथ मिलकर आंदोलन करने की पक्षधर बताई जाती हैं लेकिन केजरीवाल और अन्य साथी इसके विरोधी बताए जाते रहे हैं। किरण बेदी को बीजेपी के सिंद्धांत के करीब और कांग्रेस के खिलाफ माना जाता है। इन्हीं कारणों को किरण बेदी के जवाब न देने की वजह के तौर पर देखा जा रहा है।

मालूम हो कि अरविंद केजरीवाल और संजय सिंह जहां मोदी से इत्तेफाक नहीं रखते वहीं एक और सदस्य कुमार विश्वास ने कहा है कि मोदी देश के एक राज्य के निर्वाचित मुख्यमंत्री हैं, ऐसे में किसी से उनकी मुलाकात पर किसी अन्य को परेशानी नहीं होनी चाहिए। गौरतलब है कि रविवार को अहमदाबाद में रामदेव मोदी के साथ गलबहियां करते नजर आए थे।
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