सरकारी पौधे खाने के लिए हिरासत में ली गईं 15 बकरियां, मालिक पर लगा 45 हजार का जुर्माना

सरकारी पौधे खाने के लिए हिरासत में ली गईं 15 बकरियां, मालिक पर लगा 45 हजार का जुर्माना
तेलंगाना में बकरियों को हिरासत में लिया गया है (सांकेतिक फोटो)

बकरियों को तब हिरासत में लिया गया था जब येल्लांडू नगर पालिका के नगर आयुक्त (Municipal Commissioner) ने बकरियों को हरित हरम हरियाली अभियान (Haritha Haram greenery drive) के हिस्से के रूप में लगाए गए पौधों को चबाते हुए देखा था.

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(पीवी रमना कुमार)

हैदराबाद. कानून (Law) सबके लिए समान है. तेलंगाना (Telangana) में येल्लांडू नगरपालिका अधिकारियों (Yellandu municipal authorities) ने जिन 15 बकरों को हाल ही में लगाए गए पौधों को चरने के लिए हिरासत (custody) में लिया है, आप उनसे पूछ सकते हैं. भद्राद्री कोथागुडेम (Bhadradri Kothagudem) जिले में पिछले कुछ दिनों से बकरियां अब नगरपालिका के अधिकारियों की हिरासत में हैं. उन्हें तब हिरासत में लिया गया था जब येल्लांडू नगर पालिका के नगर आयुक्त (Municipal Commissioner) अल्ला श्रीनिवास रेड्डी ने बकरियों को हरित हरम हरियाली अभियान (Haritha Haram greenery drive) के हिस्से के रूप में लगाए गए पौधों को चबाते हुए देखा था.

उन्होंने कहा, “हमने सभी 15 बकरियों (Goats) को अपनी हिरासत (detained) में ले लिया था और उन्हें नगरपालिका कार्यालय (municipal office) में भेज दिया था. हमने प्रत्येक बकरी (each goat) के लिए 3,000 रुपये का जुर्माना लगाया और मालिकों (Owners) को जुर्माना देने के बाद उन्हें ले जाने की सूचना दी. लेकिन अभी तक कोई भी भुगतान (pay) करने के लिए आगे नहीं आया है.”



पिछले साल भी सामने आई थी ऐसी घटना, हिरासत में ली गई थीं दो बकरियां
इसी तरह की घटना पिछले साल सितंबर में भी सामने आई थी, जब हैदराबाद में एक पर्यावरण समूह की ओर से लगाए गए पौधे खाने के लिए दो बकरियों को पुलिस ने हिरासत में लिया था.

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तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने इस साल जून में हरीथा हरम के चरण- VI का शुभारंभ किया था. कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य में हरियाली को बढ़ाना है. राज्य सरकार राज्य भर में लगभग 30 करोड़ पौधे लगाने की उम्मीद कर रही है. कहा गया था कि राज्य में यह वृक्षारोपण कार्यक्रम बड़े पैमाने पर रोज़गार पैदा करने में भी मदद करेगा, क्योंकि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत पौधे रोपने हेतु गड्ढे खोदने का कार्य दिया जाएगा.
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