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नेपाल में फंसे मानसरोवर यात्रियों में से 2 की मौत, 104 को सुरक्षित निकाला गया

नेपाल में फंसे मानसरोवर यात्रियों में से 2 की मौत, 104 को सुरक्षित निकाला गया

नेपाल में फंसे मानसरोवर यात्रियों को विमानों की मदद से रेस्क्यू किया जा रहा है.

नेपाल में फंसे मानसरोवर यात्रियों को विमानों की मदद से रेस्क्यू किया जा रहा है.

कैलाश मानसरोवर हिन्दुओं, बौद्ध और जैन धर्म के लोगों के लिये पवित्र स्थान माना जाता है और हर साल सैकड़ों की संख्या में तीर्थयात्री वहां जाते हैं.

    कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर निकले 1400 से अधिक भारतीय तीर्थयात्री खराब मौसम के कारण तिब्बत के पास नेपाल के पहाड़ी इलाके हिल्सा में फंसे हुए हैं. ताजा अपडेट्स के मुताबिक 104 तीर्थयात्रियों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है, उन्हें नेपाल के सिमिकोट इलाके से निकालकर नेपालगंज में रखा है. वहीं केरल और आंध्रप्रदेश के एक-एक तीर्थयात्री की मौत हो गई है. बताया जा रहा है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेश मंत्रालय और शीर्ष अधिकारियों से बात की है. उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि प्रभावितों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएं.

    नेपाल में भारत के कार्यकारी राजदूत बीके रेगमी ने कहा कि 3600 फीट की ऊंचाई पर स्थित हिलसा में फंसे लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू करने की कोशिश जारी है. इसके लिए नेपाल सरकार के 11 हेलिकॉप्टर्स का इस्तेमाल किया जा रहा है और प्राइवेट हेलिकॉप्टरों का इस्तेमाल भी इसमें किया जा रहा है.

    विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने मंगलवार को ट्वीट किया कि करीब 525 तीर्थयात्री सिमिकोट में, 550 तीर्थयात्री हिलसा में और करीब 500 तीर्थयात्री तिब्बत के पास फंसे हुए हैं. उन्होंने कहा कि भारत ने नेपाल सरकार से वहां फंसे भारतीय नागरिकों को निकालने के लिये सेना का हेलीकाप्टर देने का आग्रह किया है.

    सुषमा स्वराज ने अपने ट्वीट में कहा कि भारत ने तीर्थ यात्रियों एवं उनके परिवारों के लिये हॉटलाइन स्थापित की है और उन्हें तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम भाषा में सूचनाएं प्रदान की जाएंगी .



    गौरतलब है कि चीन के तिब्बत स्वायत्त इलाके में स्थित कैलाश मानसरोवर हिन्दुओं, बौद्ध और जैन धर्म के लोगों के लिए पवित्र स्थान माना जाता है और हर साल सैकड़ों की संख्या में तीर्थयात्री वहां जाते हैं.

    विदेश मंत्री ने कहा, "नेपाल स्थित भारतीय दूतावास ने नेपालगंज एवं सिमिकोट में प्रतिनिधि तैनात किए हैं. वे तीर्थयात्रियों के सम्पर्क में हैं और उन्हें भोजन एवं आवास मुहैया करा रहे हैं." सुषमा स्वराज ने कहा कि सिमिकोट में बुजुर्ग तीर्थयात्रियों की स्वास्थ्य जांच की गई है और सभी तरह की मेडिकल सहायता उपलब्ध कराई जा रही है. उन्होंने कहा कि हिलसा में हमने पुलिस प्रशासन से जरूरी मदद देने का आग्रह किया है.



    सूत्रों ने बताया कि नेपाल स्थित भारतीय दूतावास ने सभी टूर ऑपरेटरों से कहा है कि जितना संभव हो वे तीर्थयात्रियों को तिब्बत की तरफ रखें क्योंकि नेपाल की ओर पर्याप्त मेडिकल और नागरिक सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं.

    जारी किए गए हॉटलाइन नंबर
    तीर्थयात्रियों और उनके परिवार के लिए तमिल, तेलुगू, कन्नड़ और मलयालम में जारी किए गए हॉटलाइन नंबर-

    प्रणव गणेश (फर्स्ट सेक्रेटरी)- +977-9851107006
    ताशी खंपा +977-98511550077
    तरुण रहेदा +977 9851107021
    राजेश झा +977 9818832398
    योगानंद +977 9823672371 (कन्नड़)
    पिंडी नरेश +977 9808082292 (तेलुगू)
    आर मुरुगम +977 98085006 (तमिल)
    रंजीत +977 9808500644 (मलयालम)

    (इनपुट भाषा से)undefined

    Tags: Nepal, Tibet

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